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युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन भत्ता, स्टेडियम और खेल का सामान हो मुहैया
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आकाश तोमर
- फोटो : SAHARANPUR
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सहारनपुर। चुनावी शोरगुल के बीच खिलाड़ियों के भी अपने मुद्दे हैं। उनका कहना है कि ऐसे राजनीतिक दल और प्रत्याशी उनकी पहली पसंद होंगे जो खेलों को बढ़ावा देने का एजेंडा अपने घोषणा पत्र में रखते हों। संघर्ष के दिनों में युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहन भत्ता, ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर स्टेडियम की स्थापना, खेल के सामान के साथ ही बालिका खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने को कार्य योजना बननी चाहिए।
गांव मिरगपुर निवासी वेटलिफ्टिंग में नेशनल चैंपियन प्रतिज्ञा पंवार का कहना है कि तहसील स्तर पर खेल एकेडमी की स्थापना सरकार द्वारा की जानी चाहिए ताकि प्रतिभाओं को निखारा जा सके। इसके साथ ही खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए ताकि उनके सामने आगे बढ़ने में आर्थिक दिक्कत अवरोध न बन सके।
नागल निवासी वेटलिफ्टिंग में उत्तराखंड और यूपी में स्वर्ण पदक जीत चुके कोच सुनील स्वामी का कहना है कि जनप्रतिनिधि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने में शुरू से ही उदासीन रवैया अपनाते हैं। ज्यादातर प्रतिभाएं ग्रामीण क्षेत्र में हैं और विडंबना है कि देहात में खेलों के लिए न तो स्टेडियम हैं और न ही सामान उपलब्ध कराया जाता है। पारिवारिक पृष्ठभूमि कमजोर होने के कारण बहुत सी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में निखर नहीं पाती है। सरकार को चाहिए कि ब्लॉक स्तर पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
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देवबंद निवासी शूटिंग कोच आकाश तोमर का कहना है कि चुनाव में ऐसे दल को वोट करेंगे जो खेलों को बढ़ावा दे और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करे। पुराने विशेषकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकार की तरफ से उचित सहायता मिलनी चाहिए। ताकि उनका हौसला बुलंद हो।
गंगोह निवासी क्रिकेट कोच विनय कुमार का कहना है कि न्याय पंचायत स्तर पर स्टेडियम बनने चाहिए। इसी स्तर पर टूर्नामेंट का आयोजन कर प्रतिभाओं को निखारा जाए। उन्होंने बताया कि उनकी एकेडमी विश्वामित्र क्रिकेट एकेडमी ने देश को तीन खिलाड़ी दिए हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए खेल रहे हैं। बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार विशेष योजना चलाए।
गांव बंदाहेड़ी निवासी व उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम में चुने गए विजय कुमार का कहना है कि देहात क्षेत्र में खेल का सामान उपलब्ध नहीं हो पाता है। इसी कारण प्रतिभाएं नहीं निखर पाती हैं। सरकार ब्लाक स्तर पर खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम, खेल के सामान के साथ ही उन्हें मासिक भत्ता भी देने का काम करे।
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गांव मिरगपुर निवासी वेटलिफ्टिंग में नेशनल चैंपियन प्रतिज्ञा पंवार का कहना है कि तहसील स्तर पर खेल एकेडमी की स्थापना सरकार द्वारा की जानी चाहिए ताकि प्रतिभाओं को निखारा जा सके। इसके साथ ही खेलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन भत्ता दिया जाए ताकि उनके सामने आगे बढ़ने में आर्थिक दिक्कत अवरोध न बन सके।
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नागल निवासी वेटलिफ्टिंग में उत्तराखंड और यूपी में स्वर्ण पदक जीत चुके कोच सुनील स्वामी का कहना है कि जनप्रतिनिधि खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने में शुरू से ही उदासीन रवैया अपनाते हैं। ज्यादातर प्रतिभाएं ग्रामीण क्षेत्र में हैं और विडंबना है कि देहात में खेलों के लिए न तो स्टेडियम हैं और न ही सामान उपलब्ध कराया जाता है। पारिवारिक पृष्ठभूमि कमजोर होने के कारण बहुत सी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में निखर नहीं पाती है। सरकार को चाहिए कि ब्लॉक स्तर पर खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए सुविधाएं मुहैया कराई जाएं।
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देवबंद निवासी शूटिंग कोच आकाश तोमर का कहना है कि चुनाव में ऐसे दल को वोट करेंगे जो खेलों को बढ़ावा दे और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करे। पुराने विशेषकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सरकार की तरफ से उचित सहायता मिलनी चाहिए। ताकि उनका हौसला बुलंद हो।
गंगोह निवासी क्रिकेट कोच विनय कुमार का कहना है कि न्याय पंचायत स्तर पर स्टेडियम बनने चाहिए। इसी स्तर पर टूर्नामेंट का आयोजन कर प्रतिभाओं को निखारा जाए। उन्होंने बताया कि उनकी एकेडमी विश्वामित्र क्रिकेट एकेडमी ने देश को तीन खिलाड़ी दिए हैं जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लिए खेल रहे हैं। बालिकाओं को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार विशेष योजना चलाए।
गांव बंदाहेड़ी निवासी व उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम में चुने गए विजय कुमार का कहना है कि देहात क्षेत्र में खेल का सामान उपलब्ध नहीं हो पाता है। इसी कारण प्रतिभाएं नहीं निखर पाती हैं। सरकार ब्लाक स्तर पर खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम, खेल के सामान के साथ ही उन्हें मासिक भत्ता भी देने का काम करे।

विनय चौधरी- फोटो : SAHARANPUR

विजय कुमार- फोटो : SAHARANPUR

प्रतिज्ञा पवार- फोटो : SAHARANPUR

सुनील स्वामी- फोटो : SAHARANPUR