{"_id":"6a34485f7135d14790002791","slug":"protests-and-commotion-as-team-arrives-to-clear-land-of-encroachment-saharanpur-news-c-30-1-smrt1014-177836-2026-06-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: भूमि को कब्जा मुक्त कराने पहुंची टीम का विरोध, हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: भूमि को कब्जा मुक्त कराने पहुंची टीम का विरोध, हंगामा
Fri, 19 Jun 2026 01:04 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:04 AM IST
विज्ञापन
बेहट। कस्बे के पास पूर्वी यमुना नहर के आसपास सिंचाई विभाग की 14 हेक्टेयर कृषि पट्टा भूमि को कब्जामुक्त कराने पहुंची विभागीय और प्रशासनिक टीम का ग्रामीणों ने विरोध किया। स्थिति को देखते हुए टीम कब्जाधारियों को भूमि खाली करने के लिए एक सप्ताह का समय देकर वापस लौट गई।
ग्रामीणों का कहना था, कि पट्टा भूमि पर उनकी फसलें खड़ी हैं और इस समय कब्जा हटाए जाने से उनकी मेहनत और फसल दोनों बर्बाद हो जाएंगी। उन्हें फसल कटाई तक मोहलत दी जाए।
उधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीन जोशिया का कहना था कि संबंधित कृषि पट्टों की अवधि कई वर्ष पहले समाप्त हो चुकी है। पट्टों का निरस्तीकरण किए जाने के बाद कब्जाधारियों को दो बार नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कब्जा नहीं छोड़ा। इसी के चलते विभाग ने भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की है।
विज्ञापन
विरोध और हंगामे की स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने उन्हें भूमि खाली करने के लिए एक सप्ताह का अंतिम समय दिया। इसके बाद टीम बिना कार्रवाई किए वापस लौट गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना था, कि पट्टा भूमि पर उनकी फसलें खड़ी हैं और इस समय कब्जा हटाए जाने से उनकी मेहनत और फसल दोनों बर्बाद हो जाएंगी। उन्हें फसल कटाई तक मोहलत दी जाए।
विज्ञापन
उधर, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता प्रवीन जोशिया का कहना था कि संबंधित कृषि पट्टों की अवधि कई वर्ष पहले समाप्त हो चुकी है। पट्टों का निरस्तीकरण किए जाने के बाद कब्जाधारियों को दो बार नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कब्जा नहीं छोड़ा। इसी के चलते विभाग ने भूमि को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई शुरू की है।
विज्ञापन
विरोध और हंगामे की स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार भूपेंद्र सिंह और सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता ने ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने उन्हें भूमि खाली करने के लिए एक सप्ताह का अंतिम समय दिया। इसके बाद टीम बिना कार्रवाई किए वापस लौट गई। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।