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हिंडन किनारे पशु अवशेष डालने का विरोध

Mon, 26 Jul 2021 11:27 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 26 Jul 2021 11:27 PM IST
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Protest against putting animal remains on the banks of Hindon
सहारनपुर। हिंडन नदी को प्रदूषित करने के खिलाफ लोग आगे आ रहे हैं। गागलहेडी क्षेत्र में हिंडन नदी की जमीन पर हडवारा चलने से लोगों में रोष है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों से शिकायत की गई है और हिंडन नदी की जमीन से हडवारे हटवाए जाने की मांग की है।
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क्षेत्र पंचायत सदस्य हिमांशु सैनी तथा अन्य ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत में बताया गया कि ग्राम उग्राहू अहतमाल में हिंडन नदी के पुराने पुल के निकट उत्तर की ओर नदी में मृत पशुओं का हडवारा है, जो आवंटित भी नहीं है। नदी की जमीन पर पशुओं के अवशेष पड़े रहते हैं। इसके निकट ही कृषि भूमि है, जहां किसानों को जाना आना पड़ता है। हडवारा पर 30 से 40 कुत्तों का झुंड रहता है। जिससे किसानों को खतरा रहता है। इसके अलावा हिंडन के पुराने पुल के नीचे ही गांव गागलहेडी, माजरी और कैलाशपुर के श्मशानघाट भी हैं। दाह संस्कार के लिए लोग वहां जाते हैं। इसके अलावा पास में ही हरि कॉलेज भी है। हडवारा की वजह से आसपास का माहौल प्रदूषित होता है तथा हिंडन नदी में भी प्रदूषण फैलता है।
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उपजिलाधिकारी सदर अनिल कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत के संबंध में तहसीलदार सदर, क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला पंचायत राज अधिकारी और गागलहेडी थानाध्यक्ष को पत्र भेजा है। मामले की जांच करने और कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
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एक सप्ताह बाद भी जांच अधूरी
टपरी गांव के निकट शराब फैक्टरी के पीछे हिंडन नदी से सटाकर चल रहे निर्माण को लेकर चल रही जांच आठ दिन बाद भी अधूरी है। तहसील सदर से अभिलेखों के आधार पर रिपोर्ट मांगी गई है कि हिंडन नदी की जमीन कितनी है और सिजरा में कहां पर है। लेकिन अब तक उसकी रिपोर्ट नहीं आई है। हालांकि इतना जरूर पता चला है कि हिंडन नदी अभिलेखों में यूसुफपुर अहतमाल में है, जबकि वर्तमान में यह युसूफपुर मुस्तकम में बह रही है। वहीं, सिंचाई विभाग की तरफ से भी उपजिलाधिकारी के पत्र का जवाब नहीं भेजा गया है। जिसमें उन्होंने पूछा है कि हिंडन नदी से कितनी दूरी पर निर्माण हो सकता है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर हिंडन नदी की जमीन को लेकर ढील क्यों बरती जा रही है।
बड़गांव क्षेत्र में 25 किलोमीटर तक प्रदूषित है हिंडन
नागल के बाद जब हिंडन नदी बड़गांव क्षेत्र में प्रवेश करती है तो करीब 25 किलोमीटर का सफर करके मुजफ्फरनगर की तरफ जाती है। इस परे क्षेत्र में हिड़न नदी भगवानपुर गांव के पूर्वी छोर से होती हुई सांवतखेड़ी, शब्बीरपुर, महेशपुर, शिमलाना, चिराऊ, रत्नहेड़ी, पीपलो, नन्हेड़ा खुर्द और नन्हेड़ा कलां गांव के पास से निकलती है। मुजफ्फरनगर की सीमा के गांव बुडढाखेड़ा तक जाती है। इस पूरे क्षेत्र में हिंडन के प्रदूषित होने की वजह से आसपास के गांव के लोग भी प्रभावित होते हैं।

टपरी के निकट हिंडन नदी की जमीन को लेकर जांच अभी चल रही है, सिंचाई विभाग से पत्र का जवाब मिलना बाकी है। जल्द ही जांच पूरी कर ली जाएगी। -- अनिल कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी सदर
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