{"_id":"61f04755a0d3201bfa374dda","slug":"progressive-farmer-sethpal-selected-for-padma-shri-saharanpur-news-mrt5746737107","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रगतिशील किसान सेठपाल पदमश्री के लिए चयनित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रगतिशील किसान सेठपाल पदमश्री के लिए चयनित
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो संख्या-- 32
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद के प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार मार्च अप्रैल में राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में दिया जाएगा।
जनपद के गांव नंदी फिरोजपुर निवासी सेठपाल सिंह को खेती में नए नए प्रयोग करने के लिए पहले भी राष्ट्रीय स्तर के कई पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने कृषि विविधीकरण को अपनाया। वे खेत में सिंघाड़ा उत्पादन, कमल के फूल, मत्स्य पालन, पशुपालन, सब्जी उत्पादन के साथ ही मशरूम की खेती भी करते हैं। इसके अलावा उन्होंने सहफसली मे क्षेत्र में भी काफी काम किया है। वे गन्ने की फसल के साथ सहफसली के तौर पर प्याज, सौंफ, आलू, सरसों, मसूर और हल्दी की बेहतरीन खेती कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने ऑर्गेनिक खेती में भी उनका काफी योगदान है। इसमें वे वर्मी कंपोस्ट के उत्पादन एवं प्रयोग, नाडेफ कंपोस्ट का उत्पादन करते हैं। जिससे उन्होंने अपनी भूमि में जीवांश कार्बन की मात्रा को बढ़ा रखा है। वे सीजन में सस्ती सब्जियों को खरीद कर उसकी प्रोसेसिंग कर अचार आदि का उत्पादन भी करते हैं। उप निदेशक कृषि डॉक्टर राकेश कुमार ने बताया कि पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित होने वाले जनपद के प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह को अब तक आईसीएआर से वर्ष 2012 में नवोन्मेषी कृषक सम्मान, आईसीएआर से ही वर्ष 2014 में जगजीवन राम अभिनव किसान पुरस्कार और वर्ष 2020 में अध्येता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद के प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह को पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। उन्हें यह पुरस्कार मार्च अप्रैल में राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में दिया जाएगा।
जनपद के गांव नंदी फिरोजपुर निवासी सेठपाल सिंह को खेती में नए नए प्रयोग करने के लिए पहले भी राष्ट्रीय स्तर के कई पुरस्कार मिल चुके हैं। उन्होंने कृषि विविधीकरण को अपनाया। वे खेत में सिंघाड़ा उत्पादन, कमल के फूल, मत्स्य पालन, पशुपालन, सब्जी उत्पादन के साथ ही मशरूम की खेती भी करते हैं। इसके अलावा उन्होंने सहफसली मे क्षेत्र में भी काफी काम किया है। वे गन्ने की फसल के साथ सहफसली के तौर पर प्याज, सौंफ, आलू, सरसों, मसूर और हल्दी की बेहतरीन खेती कर रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने ऑर्गेनिक खेती में भी उनका काफी योगदान है। इसमें वे वर्मी कंपोस्ट के उत्पादन एवं प्रयोग, नाडेफ कंपोस्ट का उत्पादन करते हैं। जिससे उन्होंने अपनी भूमि में जीवांश कार्बन की मात्रा को बढ़ा रखा है। वे सीजन में सस्ती सब्जियों को खरीद कर उसकी प्रोसेसिंग कर अचार आदि का उत्पादन भी करते हैं। उप निदेशक कृषि डॉक्टर राकेश कुमार ने बताया कि पद्मश्री पुरस्कार के लिए चयनित होने वाले जनपद के प्रगतिशील किसान सेठपाल सिंह को अब तक आईसीएआर से वर्ष 2012 में नवोन्मेषी कृषक सम्मान, आईसीएआर से ही वर्ष 2014 में जगजीवन राम अभिनव किसान पुरस्कार और वर्ष 2020 में अध्येता पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
विज्ञापन