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वायु सेना के कारगिल शहीदों को याद में कार्यक्रम आज
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सरसावा (सहारनपुर)। 22 साल पहले कारगिल क्षेत्र में पाकिस्तान द्वारा थोपे गए युद्ध में पाकिस्तानी सेना को मुंहतोड़ जवाब देेने वालों में वायु सेना स्टेशन के चारों वीर शहीदों को शुक्रवार को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
शुक्रवार को वायु सेना स्टेशन सरसावा में कारगिल शहीद दिवस मनाया जाएगा। बता दें कि साल 1999 की शुरूआत में जम्मू कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ का भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। भारतीय वायुसेना ने भी ऑपरेशन सफेद सागर के नाम से एक मिशन चलाया था। भारतीय योद्धाओं ने बेहतरीन कार्य क्षमता दिखाते हुए पाकिस्तानी सेना के छक्के छुड़ा दिए थे। 28 मई 1999 को भारतीय वायु सेना की सरसावा इकाई वायु स्टेशन सरसावा की माईटी आर्मर टीम के स्क्वाडर्न लीडर राजीव पुंडीर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मुहिलन, सार्जेंट पीवीएनआर प्रसाद और सार्जेंट आरके साहू सरसावा वायु सेना स्टेशन से एम आई-17 हेलीकॉप्टर में उड़े। यह सीमा पर तोलोलिंग की बर्फीली पहाड़ियों पर युद्ध कर रहे भारतीय सैनिकों को रसद पहुंचाते हुए पाकिस्तानी सैनिकों पर हेलीकॉप्टर से फायरिंग भी कर रहे थे। इसी दौरान उनका हेलीकॉप्टर दुश्मन की मिसाइल की जद में आ गया और चारों वीर जवान शहीद हो गए। उन्हीं की याद में वायुसेना स्टेशन सरसावा में एक स्मारक बनाया गया है। जहां प्रतिवर्ष चारों वीर शहीदों को श्रद्धांजलि प्रदान की जाती है। 28 मई 2021 को भी पूरी आन बान शान के साथ वीरगति को प्राप्त हुए चारों अधिकारियों को एयर कमोडोर अजय शुक्ला तथा अन्य वायु योद्धा एवं उनके परिजन श्रद्धांजलि देकर शहीदों के पराक्रम को याद करेंगे।
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शुक्रवार को वायु सेना स्टेशन सरसावा में कारगिल शहीद दिवस मनाया जाएगा। बता दें कि साल 1999 की शुरूआत में जम्मू कश्मीर के कारगिल क्षेत्र में पाकिस्तानी सेना की घुसपैठ का भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया था। भारतीय वायुसेना ने भी ऑपरेशन सफेद सागर के नाम से एक मिशन चलाया था। भारतीय योद्धाओं ने बेहतरीन कार्य क्षमता दिखाते हुए पाकिस्तानी सेना के छक्के छुड़ा दिए थे। 28 मई 1999 को भारतीय वायु सेना की सरसावा इकाई वायु स्टेशन सरसावा की माईटी आर्मर टीम के स्क्वाडर्न लीडर राजीव पुंडीर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मुहिलन, सार्जेंट पीवीएनआर प्रसाद और सार्जेंट आरके साहू सरसावा वायु सेना स्टेशन से एम आई-17 हेलीकॉप्टर में उड़े। यह सीमा पर तोलोलिंग की बर्फीली पहाड़ियों पर युद्ध कर रहे भारतीय सैनिकों को रसद पहुंचाते हुए पाकिस्तानी सैनिकों पर हेलीकॉप्टर से फायरिंग भी कर रहे थे। इसी दौरान उनका हेलीकॉप्टर दुश्मन की मिसाइल की जद में आ गया और चारों वीर जवान शहीद हो गए। उन्हीं की याद में वायुसेना स्टेशन सरसावा में एक स्मारक बनाया गया है। जहां प्रतिवर्ष चारों वीर शहीदों को श्रद्धांजलि प्रदान की जाती है। 28 मई 2021 को भी पूरी आन बान शान के साथ वीरगति को प्राप्त हुए चारों अधिकारियों को एयर कमोडोर अजय शुक्ला तथा अन्य वायु योद्धा एवं उनके परिजन श्रद्धांजलि देकर शहीदों के पराक्रम को याद करेंगे।
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