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कन्हैया के स्वागत की तैयारी, खूब हो रही खरीदारी
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बाजार में श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर लड्डू गोपाल के श्रृंगार का सामान खरीदती महिलाएं
- फोटो : SAHARANPUR
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कन्हैया के स्वागत की तैयारी, खूब हो रही खरीदारी
सहारनपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 30 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी, जिसको लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। लड्डू गोपाल के शृंगार, वस्त्र और भोग के सामानों की खूब बिक्री हो रही है।
श्रद्धालुओं के घरों में विराजमान लड्डू गोपाल के लिए सुंदर वस्त्र बाजार में आए हुए हैं। इनमें मोरपंखी और पीले रंग के वस्त्रों की मांग ज्यादा है। कारोबारी सीमा सैनी व प्रशांत शर्मा ने बताया कि एक से लेकर 12 नंबर तक के लड्डू के गोपाल के वस्त्रों की कीमत 300 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक है। इसके अलावा चांदी वाली बांसुरी, केश, पगड़ी, कुंडल, फूलों का बंगला, झूले भी लड्डू गोपाल के आकार के हिसाब से बाजार में आए हैं, जिनकी कीमत 200 से 1800 रुपये तक है। सोमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि पर्व को लेकर उत्साह है। शृंगार के सामान और वस्त्रों की मांग बढ़ गई है।
पूजन की सामग्री भी खरीद रहे लोग
पूजन की सामग्री, इत्र, फूल माला, मेवा, मावे, मिश्री और माखन की मांग भी बढ़ गई है। पूजन की सामग्री तो लोग अभी से खरीद रहे हैं, लेकिन माखन और मावा की खरीदारी कृष्ण जन्माष्टमी वाले दिन ही होगी। डेयरी कारोबारी सुखपाल ने बताया कि गाय के दूध की मांग ज्यादा है। क्योंकि, लोग घर पर बने मावे और माखन से ही भोग लगाना चाहते हैं।
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द्वापर युग की तरह दुर्लभ संयोग, बांसुरी करें अर्पित
श्री बालाजी धाम के संस्थापक अतुल जोशी महाराज ने बताया कि इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और सोमवार का दुर्लभ संयोग है। चंद्रवंशी श्री कृष्ण जयंती चंद्रमा के वार सोमवार को पड़ जाने से अति मंगलमयी है। करीब 800 साल बाद ऐसा संयोग बना है। द्वापर युग में श्री कृष्ण के जन्म के समय भी ऐसा ही संयोग बना था। आचार्य रोहित वशिष्ठ का कहना है कि निसंतान भक्त बांसुरी अर्पण करें तो उस प्रभु श्रीकृष्ण की कृपा से संतान प्राप्त होगी।
ऐसे करें पूजा
स्वामी कालेंद्रानंद महाराज कहना है कि सर्व प्रथम श्री गणेश भगवान का पूजन करें। जल व चावल, फल लेकर मनोकामना संकल्प लड्डू गोपाल के चरणों में अर्पण करें। ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र से आह्वान करें। मां राधा की भी आराधना करें। भगवान शिव, मां भगवती, लक्ष्मी नारायण, नवगृह और गुरुदेव का भी आह्वान करें। मां यशोदा के भाव को धारण कर भगवान लड्डू गोपाल का गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत) से स्नान कराएं। इसके बाद महास्नान विष्णु सहत्रनाम स्त्रो और ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए करें। बाद में शुद्ध जल से स्नान कराकर चंदन का लेप कर माखन व मिश्री का भोग लगाएं और तुलसी जरूर रखें और फिर आरती उतारें।
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सहारनपुर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। 30 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई जाएगी, जिसको लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। लड्डू गोपाल के शृंगार, वस्त्र और भोग के सामानों की खूब बिक्री हो रही है।
श्रद्धालुओं के घरों में विराजमान लड्डू गोपाल के लिए सुंदर वस्त्र बाजार में आए हुए हैं। इनमें मोरपंखी और पीले रंग के वस्त्रों की मांग ज्यादा है। कारोबारी सीमा सैनी व प्रशांत शर्मा ने बताया कि एक से लेकर 12 नंबर तक के लड्डू के गोपाल के वस्त्रों की कीमत 300 रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक है। इसके अलावा चांदी वाली बांसुरी, केश, पगड़ी, कुंडल, फूलों का बंगला, झूले भी लड्डू गोपाल के आकार के हिसाब से बाजार में आए हैं, जिनकी कीमत 200 से 1800 रुपये तक है। सोमप्रकाश शास्त्री ने बताया कि पर्व को लेकर उत्साह है। शृंगार के सामान और वस्त्रों की मांग बढ़ गई है।
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पूजन की सामग्री भी खरीद रहे लोग
पूजन की सामग्री, इत्र, फूल माला, मेवा, मावे, मिश्री और माखन की मांग भी बढ़ गई है। पूजन की सामग्री तो लोग अभी से खरीद रहे हैं, लेकिन माखन और मावा की खरीदारी कृष्ण जन्माष्टमी वाले दिन ही होगी। डेयरी कारोबारी सुखपाल ने बताया कि गाय के दूध की मांग ज्यादा है। क्योंकि, लोग घर पर बने मावे और माखन से ही भोग लगाना चाहते हैं।
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द्वापर युग की तरह दुर्लभ संयोग, बांसुरी करें अर्पित
श्री बालाजी धाम के संस्थापक अतुल जोशी महाराज ने बताया कि इस बार श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र और सोमवार का दुर्लभ संयोग है। चंद्रवंशी श्री कृष्ण जयंती चंद्रमा के वार सोमवार को पड़ जाने से अति मंगलमयी है। करीब 800 साल बाद ऐसा संयोग बना है। द्वापर युग में श्री कृष्ण के जन्म के समय भी ऐसा ही संयोग बना था। आचार्य रोहित वशिष्ठ का कहना है कि निसंतान भक्त बांसुरी अर्पण करें तो उस प्रभु श्रीकृष्ण की कृपा से संतान प्राप्त होगी।
ऐसे करें पूजा
स्वामी कालेंद्रानंद महाराज कहना है कि सर्व प्रथम श्री गणेश भगवान का पूजन करें। जल व चावल, फल लेकर मनोकामना संकल्प लड्डू गोपाल के चरणों में अर्पण करें। ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र से आह्वान करें। मां राधा की भी आराधना करें। भगवान शिव, मां भगवती, लक्ष्मी नारायण, नवगृह और गुरुदेव का भी आह्वान करें। मां यशोदा के भाव को धारण कर भगवान लड्डू गोपाल का गंगाजल, दूध, दही, घी, शहद, शक्कर (पंचामृत) से स्नान कराएं। इसके बाद महास्नान विष्णु सहत्रनाम स्त्रो और ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करते हुए करें। बाद में शुद्ध जल से स्नान कराकर चंदन का लेप कर माखन व मिश्री का भोग लगाएं और तुलसी जरूर रखें और फिर आरती उतारें।

कान्हा जी के श्रृंगार के सामान की कारोबारी सीमा सैनी- फोटो : SAHARANPUR

स्वामी कालेंद्रानंद महाराज- फोटो : SAHARANPUR

पंडित अतुल जोशी महाराज- फोटो : SAHARANPUR

आचार्य रोहित वशिष्ठ- फोटो : SAHARANPUR

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में बाजार में एक दुकान पर झूले में विराजमान लड्डू गोपाल- फोटो : SAHARANPUR

श्री कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बाजार में खरीदारी करती युवतियां- फोटो : SAHARANPUR

श्री कृष्ण जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में बाजार में दुकान पर लड्डू गोपाल व अन्य सामान।- फोटो : SAHARANPUR