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शुगर मिलों को 25 अक्तूबर से चलाने की तैयारी
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सहारनपुर। मंडल में शुगर मिलों को 25 अक्तूबर से चलाने की तैयारी चल रही है। जिससे गन्ना शुगर मिलों को सप्लाई कर किसान समय से गेहूं की बुआई कर सकें। इससे न सिर्फ गन्ना किसान जल्द गेहूं बुआई कर सकेंगे बल्कि पेराई सत्र भी समय से पूरा हो सकेगा। मंडल में इस बार गत वर्ष की तुलना में 2.3 प्रतिशत गन्ना क्षेत्रफल में बढ़ोत्तरी हुई है।
आमतौर पर हर वर्ष चीनी मिलों का संचालन नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह से शुरू होता है। इससे किसानों के सामने गन्ना मिल में जल्द सप्लाई करने और समय से गेहूं बुआई करने की मारामारी रहती है। मिल संचालन में देरी के चलते किसानों के खेत भी देरी सेे खाली होते हैं। इस कारण अधिकांश किसानों को गेहूं की पछेती फसल ही करनी पड़ती है। गेहूं की पछेती फसल होने से जहां उसकी लागत बढ़ जाती है, वहीं गेहूं का उत्पादन भी अपेक्षाकृत कम होता है। इसलिए प्रदेश सरकार इस बार 25 अक्तूबर से शुगर मिल चलवाने की तैयारी में जुटी है।
40 प्रतिशत से अधिक हो चुका मेंटीनेंस कार्य
25 अक्तूबर से शुगर मिल चलवाने की तैयारी में जुटे गन्ना विभाग के अधिकारी मिलों के मेंटीनेंस का समय समय पर फीडबैक ले रहे हैं। उप गन्ना आयुक्त कार्यालय इसकी निगरानी कर रहा है। अभी तक मंडल की सभी 17 शुगर मिलों में मिल हाउस, बॉयलिंग हाउस, पावर हाउस और बॉयलर का मेंटीनेंस कार्य 40 प्रतिशत तक हो चुका है। मिल प्रबंधकों को मरम्मत कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे 25 अक्तूबर से शुगर मिलों का संचालन किया जा सके।
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मंडल में इस बार गन्ने के रकबे में 2.3 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है। मंडल के तीनों जनपदों में गन्ने का क्षेत्रफल 3.51 लाख हेक्टेयर है। पर्याप्त मात्रा में गन्ना होने के कारण शुगर मिलों को 25 अक्तूबर को चलाने की तैयारी चल रही है। सभी मिल प्रबंधकों को मरम्मत आदि कार्यों को समय से पूरा कराने की निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त।
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आमतौर पर हर वर्ष चीनी मिलों का संचालन नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह से शुरू होता है। इससे किसानों के सामने गन्ना मिल में जल्द सप्लाई करने और समय से गेहूं बुआई करने की मारामारी रहती है। मिल संचालन में देरी के चलते किसानों के खेत भी देरी सेे खाली होते हैं। इस कारण अधिकांश किसानों को गेहूं की पछेती फसल ही करनी पड़ती है। गेहूं की पछेती फसल होने से जहां उसकी लागत बढ़ जाती है, वहीं गेहूं का उत्पादन भी अपेक्षाकृत कम होता है। इसलिए प्रदेश सरकार इस बार 25 अक्तूबर से शुगर मिल चलवाने की तैयारी में जुटी है।
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40 प्रतिशत से अधिक हो चुका मेंटीनेंस कार्य
25 अक्तूबर से शुगर मिल चलवाने की तैयारी में जुटे गन्ना विभाग के अधिकारी मिलों के मेंटीनेंस का समय समय पर फीडबैक ले रहे हैं। उप गन्ना आयुक्त कार्यालय इसकी निगरानी कर रहा है। अभी तक मंडल की सभी 17 शुगर मिलों में मिल हाउस, बॉयलिंग हाउस, पावर हाउस और बॉयलर का मेंटीनेंस कार्य 40 प्रतिशत तक हो चुका है। मिल प्रबंधकों को मरम्मत कार्य को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे 25 अक्तूबर से शुगर मिलों का संचालन किया जा सके।
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मंडल में इस बार गन्ने के रकबे में 2.3 प्रतिशत बढ़ोत्तरी हुई है। मंडल के तीनों जनपदों में गन्ने का क्षेत्रफल 3.51 लाख हेक्टेयर है। पर्याप्त मात्रा में गन्ना होने के कारण शुगर मिलों को 25 अक्तूबर को चलाने की तैयारी चल रही है। सभी मिल प्रबंधकों को मरम्मत आदि कार्यों को समय से पूरा कराने की निर्देश दिए गए हैं। - डॉ. दिनेश्वर मिश्र, उप गन्ना आयुक्त।