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नई ट्रेनों की तैयारी शुरू, लाइनों पर अब तक काम बाकी
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर लाइनों पर काम करते कर्मचारी।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। उत्तर रेलवे अब धीरे-धीरे नई ट्रेेनों का संचालन बढ़ा रहा है, लेकिन रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्मों पर रेलवे लाइन को दुरुस्त कराने का काम अब तक अटका हुआ है। निर्माण कार्य की जो गति चल रही है, उसे देखते हुए इस काम में अभी दो सप्ताह और लग सकते हैं। कुछ दिन पहले ही उत्तर रेलवे अंबाला मंडल के डीआरएम जीएम सिंह ने यहां निरीक्षण कर इस काम में तेजी लाने और गुणवत्ता में सुधार के निर्देश भी दिए थे। उसके बाद से ही काम में कुछ हद तक तेजी आई है।
रेलवे की ओर से कोरोना संक्रमण काल से पहले ही रेलवे स्टेशन पर जर्जर हो रहीं लाइनों, स्लीपरों को बदलने के साथ ही ट्रैक के बेस को मजबूत करने की तैैयारी की जा रही थी, लेकिन कोरोना काल ने इन तैयारियों पर ब्रेक लगा दिया था। इन्हीं हालात के बीच अगस्त माह की शुरूआत में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तीन पर निर्माण कार्य शुरू किया गया। अभी तक यहां पुराने स्लीपर हटाए गए हैं। उनकी जगह सीमेंट के स्लीपर डालकर नया ट्रैक डाला जा रहा है। इसके बेस के लिए सरियों का जाल अलग से डाला जा रहा है।
मौजूदा समय में निर्माण कार्य में करीब 30 कर्मचारियों को लगाया गया है। इस काम में अभी दो सप्ताह तक का समय और लगने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यदि जो नई ट्रेनें संचालित की जाएंगी, उन्हें इस प्लेटफार्म की जगह दूसरे प्लेटफार्मों पर आना पड़ेगा। इससे यात्रियों को दिक्कत होगी। पिछले दिनों स्टेशन का निरीक्षण करते समय डीआरएम जीएम सिंह ने इस काम में तेजी लाने और गुणवत्ता सुधार की चेतावनी दी थी।--------
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सहायक मंडलीय अभियंता आदित्य कुमार बताते हैं कि प्लेटफार्म नंबर तीन पर चल रहे कार्य में अब काफी तेजी आई है। अगस्त माह तक ही काम पूरा करने के प्रयास जरूर थे, मगर इसमें थोड़ा समय और लगेगा। इस बीच यदि नई ट्रेनें बढ़ती हैं तो उन्हें अन्य प्लेटफार्म पर शिफ्ट कराया जाएगा।
अभी तक अटका हुआ है लकड़ी के पुल का काम
सहारनपुर। रेलवे स्टेशन पर लकड़ी के सबसे पुराने और जर्जर हो चुके पुल के लिए कुछ साल पहले से ही तैयारी शुरू कर दी गई थी। इसके लिए काफी सामान भी आ गया था। मगर बाद में कुछ तकनीकी और आर्थिक कारणों से यह काम अटक गया। कोरोना काल में तो बाकी के प्रोजेक्ट पर भी काम नहीं हो पाया। इसके चलते पुल पर लोहे की पत्तियां लगाकर काम चलाना पड़ा था। बरसात के समय इन पत्तियों पर पैर फिसलने से चोट लगने का भी खतरा रहता है।
सौ क्वार्टर में पिलर लगाने के बाद कुछ नहीं हुआ
सहारनपुर। मौजूदा वित्तीय वर्ष में उत्तर रेलवे ने सोलर प्लांट सहित अन्य कुछ कार्यों को पूरा करने के लिए सौ क्वार्टर क्षेत्र में अवैध कब्जों को चिह्नित किया। सर्वे के बाद रेलवे की टीम ने पिलर भी लगवाए। मगर इसके बाद यहां कब्जा हटाने के लिए कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई। रेलवे के प्लान के तहत गलीरा रोड से मनानी फाटक तक करीब 12 किलोमीटर का दायरे में अवैध कब्जे हैं। ये टूटते हैं तो कई कालोनियां खतरे में आएंगी।
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रेलवे की ओर से कोरोना संक्रमण काल से पहले ही रेलवे स्टेशन पर जर्जर हो रहीं लाइनों, स्लीपरों को बदलने के साथ ही ट्रैक के बेस को मजबूत करने की तैैयारी की जा रही थी, लेकिन कोरोना काल ने इन तैयारियों पर ब्रेक लगा दिया था। इन्हीं हालात के बीच अगस्त माह की शुरूआत में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म तीन पर निर्माण कार्य शुरू किया गया। अभी तक यहां पुराने स्लीपर हटाए गए हैं। उनकी जगह सीमेंट के स्लीपर डालकर नया ट्रैक डाला जा रहा है। इसके बेस के लिए सरियों का जाल अलग से डाला जा रहा है।
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मौजूदा समय में निर्माण कार्य में करीब 30 कर्मचारियों को लगाया गया है। इस काम में अभी दो सप्ताह तक का समय और लगने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यदि जो नई ट्रेनें संचालित की जाएंगी, उन्हें इस प्लेटफार्म की जगह दूसरे प्लेटफार्मों पर आना पड़ेगा। इससे यात्रियों को दिक्कत होगी। पिछले दिनों स्टेशन का निरीक्षण करते समय डीआरएम जीएम सिंह ने इस काम में तेजी लाने और गुणवत्ता सुधार की चेतावनी दी थी।--------
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सहायक मंडलीय अभियंता आदित्य कुमार बताते हैं कि प्लेटफार्म नंबर तीन पर चल रहे कार्य में अब काफी तेजी आई है। अगस्त माह तक ही काम पूरा करने के प्रयास जरूर थे, मगर इसमें थोड़ा समय और लगेगा। इस बीच यदि नई ट्रेनें बढ़ती हैं तो उन्हें अन्य प्लेटफार्म पर शिफ्ट कराया जाएगा।
अभी तक अटका हुआ है लकड़ी के पुल का काम
सहारनपुर। रेलवे स्टेशन पर लकड़ी के सबसे पुराने और जर्जर हो चुके पुल के लिए कुछ साल पहले से ही तैयारी शुरू कर दी गई थी। इसके लिए काफी सामान भी आ गया था। मगर बाद में कुछ तकनीकी और आर्थिक कारणों से यह काम अटक गया। कोरोना काल में तो बाकी के प्रोजेक्ट पर भी काम नहीं हो पाया। इसके चलते पुल पर लोहे की पत्तियां लगाकर काम चलाना पड़ा था। बरसात के समय इन पत्तियों पर पैर फिसलने से चोट लगने का भी खतरा रहता है।
सौ क्वार्टर में पिलर लगाने के बाद कुछ नहीं हुआ
सहारनपुर। मौजूदा वित्तीय वर्ष में उत्तर रेलवे ने सोलर प्लांट सहित अन्य कुछ कार्यों को पूरा करने के लिए सौ क्वार्टर क्षेत्र में अवैध कब्जों को चिह्नित किया। सर्वे के बाद रेलवे की टीम ने पिलर भी लगवाए। मगर इसके बाद यहां कब्जा हटाने के लिए कोई कार्रवाई शुरू नहीं की गई। रेलवे के प्लान के तहत गलीरा रोड से मनानी फाटक तक करीब 12 किलोमीटर का दायरे में अवैध कब्जे हैं। ये टूटते हैं तो कई कालोनियां खतरे में आएंगी।