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Saharanpur News: पॉलीटेक्निक चलो अभियान फरवरी से शुरू, प्रचार सामग्री आई मई माह में

Fri, 02 Jun 2023 01:04 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 02 Jun 2023 01:04 AM IST
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Polytechnic Chalo campaign started from February, promotional material came in the month of May
- पंजीकरण की चार बार तारीख बढ़ाएं जाने के बावजूद सफल नहीं रहा पॉलीटेक्निक चलो अभियान
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फोटो संख्या 2
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। दिगंबर जैन पाॅलीटेक्निक काॅलेज में प्रवेश की संख्या बढ़ाएं जाने के लिए शुरू किया गया पॉलीटेक्निक चलो अभियान भी इस बार रंग नहीं ला पाया है। एक नहीं, दो नहीं बल्कि अभियान को सफल बनानें के लिए चार बार पंजीकरण की तारीख बढ़ाई गई, लेकिन उसके बाद भी 40 फीसदी सीटें खाली रहने की आंशका से कॉलेज प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें दिखाई देने लगी है। इसका जिम्मेदार खुद प्राविधिक परिषद भी है, क्योंकि अभियान समाप्त से मात्र कुछ दिन पहले ही प्रचार-सामग्री भिजवाई गई।
विभिन्न ब्रांच में सत्र 2022-23 के लिए दाखिले की प्रक्रिया इस बार गत 12 दिसम्बर 2022 तक पूरी की गई थी। लेकिन फिर भी सीटें खाली रही। जिसको देखते हुए दो बार परीक्षा कार्यक्रम भी रद्द किया गया। उधर सीटों की घटती संख्या को देखते हुए इस बार प्राविधिक शिक्षा परिषद के निदेशक ने ''पॉलीटेक्निक चलो अभियान'' शुरू कराया था, ताकि दाखिले हो सकें। फरवरी माह में इस अभियान को शुरू किया गया।
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अभियान के तहत पंजीकरण के लिए पहले पांच मई अंतिम तिथि निर्धारित की थी, इसके बाद इसे 15 मई तक बढ़ाया गया, फिर 23 मई और फिर इसे 31 तक आगे बढ़ाया, लेकिन कोई खास फायदा हुआ नहीं। यह अभियान स्कूल, कॉलेज, तहसील, कलक्ट्रेट, विकास भवन में भी कैम्प लगा चलाया गया। इतना सब करने के बावजूद इस बार भी पॉलीटेक्निक संस्थानों में 40 फीसदी सीटें खाली रह सकती हैं।
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675 में से 392 सीट खाली
दिगंबर जैन पॉलिटेक्निक में सभी ब्रांच में कुल 675 सीट है। 12 दिसंबर 2022 तक चली दाखिले की प्रक्रिया में केवल 283 सीट ही भरी जा सकी यानी 392 सीट रिक्त पड़ी रही। इन खाली सीटों पर दाखिला लेने के लिए संस्थान को छात्र ही नहीं मिल पाए। यह पहली बार था जब इतनी बड़ी संख्या में संस्थान की सीटें खाली रह गई। वहीं राजकीय पॉलीटेक्निक कोताना में प्रथम वर्ष की 239 सीटों में से 65 सीट खाली थी। राजकीय पॉलीटेक्निक किरठल में 225 सीटों में से 139 सीट खाली रह गई।


ये बोले प्रधानाचार्य
पॉलीटेक्निक में पंजीकरण के लिए चार बार तिथि बढ़ाई गई थी। 31 मई अंतिम तिथि थी। अभियान में पूरी मेहनत की गई, सामग्री मई माह में प्राप्त हुई थी। सीटें खाली रह जाती है जो बेहद चिंता का विषय है- डा अजय कुमार त्यागी
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