{"_id":"590a23e84f1c1b810d441fe1","slug":"police-stuck-in-border-dispute-scoundrel-ran-away","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस सीमा विवाद में फंसी रहती, बदमाश भाग जाते","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस सीमा विवाद में फंसी रहती, बदमाश भाग जाते
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Thu, 04 May 2017 12:18 AM IST
विज्ञापन
फोर्स
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सहारनपुर में थानों के उलझे परिसीमन ने शहर की पुलिस को उलझाकर रख दिया है। हर 100 मीटर पर थाने की सीमाएं बदल रही हैं। इससे न केवल पुलिस ही भ्रमित हो रही है, बल्कि पीड़ितों को भी थाने के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
शहर तो बेतरतीब तरीके से बढ़ता गया, लेकिन थाने बनने से आज तक परिसीमन का संशोधन नहीं हो सका है। सहारनपुर शहर में महिला थाना समेत सात थाने और 31 पुलिस चौकियां हैं।
जब इन थाने का वजूद बना तभी इनका परिसीमन किया गया। उसके बाद से शहर लगातार बढ़ता चला गया। सबसे अधिक शहर सदर कोतवाली की ओर बढ़ा। जिससे सभी थाने का परिसीमन उलझता चला गया।
विज्ञापन
हालत यह हो चुकी है कि हर 100 मीटर पर थाने की सीमाएं बदल रही हैं। उलझे हुए थाने के परिसीमन में न सिर्फ पुलिसकर्मी उलझते जा रहे हैं, बल्कि पीड़ितों को भी एक से दूसरे थाना में भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सबसे अधिक उलझा परिसीमन सदर कोतवाली क्षेत्र का है। मल्हीपुर रोड पर जेवी जैन तक तो सदर कोतवाली है, उससे लगभग 100 मीटर आगे देहात कोतवाली की सीमा आ रही है,
जहां से देहात कोतवाली लगभग 10 किलोमीटर दूर है। इससे 100 मीटर आगे चलते रामपुर मनिहारन की सीमा शुरू हो रही है फिर 100 मीटर आगे चलकर देहात कोतवाली की सीमा है और फिर 100 मीटर आगे जाकर रामपुर मनिहारन थाना क्षेत्र की सीमा आती है।
जबकि यह रामपुर मनिहारन की अंतिम छोर की सीमा सदर कोतवाली से मात्र डेढ़ किलोमीटर है। कुछ समय पूर्व सदर कोतवाली की आवास विकास चौकी से मात्र 100 मीटर की दूरी पर एक प्रापर्टी डीलर से स्कूटर और पांच लाख की लूट की गई।
लेकिन आवास विकास पुलिस चौकी नजदीक होते हुए भी पुलिस दूसरे थाना की सीमा होने के चलते नहीं पहुंची। घटना की सूचना मिलने के एक घंटे बाद रामपुर मनिहारन थाना पुलिस पहुंच सकी। तब तक लुटेरे दूर जा चुके थे।
यही स्थिति पेपर मिल रोड की है। फाटक तक सदर कोतवाली क्षेत्र है, लेकिन उसके बिल्कुल नजदीक शेखपुरा कदीम है जो देहात कोतवाली में है, यहां से भी देहात कोतवाली लगभग 10 किमी दूर है। जबकि सदर कोतवाली मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है। इस दूरी के चक्कर में पीड़ित भी पिस रहे हैं।
सिर्फ सदर कोतवाली ही नहीं, कुतुबशेर जनकपुरी, मंडी एवं नगर कोतवाली की सीमाएं भी पूरी तरह से एक दूसरे में उलझी हुई हैं। कुछ समय पूर्व ढमोला पुल के नीचे लूट की घटना हुई। लेकिन सदर कोतवाली एवं जनकपुरी थाना पुलिस में से कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा दोनों ही सीमा विवाद में उलझे रहे।
एक मौत का मामला भी इसी तरह सीमा विवाद में उलझा रहा और कई घंटे तक ढमोला पुल के नीचे शव पड़ा रहा। कुछ दिन पूर्व सिर कटी लाश का मामला भी सीमा विवाद में उलझा हुआ रहा।
मंडी कोतवाली और कुतुबशेर थाना पुलिस एक दूसरे की सीमा में बताते रहे। कई घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची। बाद में कुतुबशेर पुलिस ने शव को हटवाया। लिंक रोड पर होने वाली घटनाओं को लेकर नगर कोतवाली और जनकपुरी पुलिस उलझी रहती हैं।
विज्ञापन
शहर तो बेतरतीब तरीके से बढ़ता गया, लेकिन थाने बनने से आज तक परिसीमन का संशोधन नहीं हो सका है। सहारनपुर शहर में महिला थाना समेत सात थाने और 31 पुलिस चौकियां हैं।
विज्ञापन
जब इन थाने का वजूद बना तभी इनका परिसीमन किया गया। उसके बाद से शहर लगातार बढ़ता चला गया। सबसे अधिक शहर सदर कोतवाली की ओर बढ़ा। जिससे सभी थाने का परिसीमन उलझता चला गया।
विज्ञापन
हालत यह हो चुकी है कि हर 100 मीटर पर थाने की सीमाएं बदल रही हैं। उलझे हुए थाने के परिसीमन में न सिर्फ पुलिसकर्मी उलझते जा रहे हैं, बल्कि पीड़ितों को भी एक से दूसरे थाना में भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है।
सबसे अधिक उलझा परिसीमन सदर कोतवाली क्षेत्र का है। मल्हीपुर रोड पर जेवी जैन तक तो सदर कोतवाली है, उससे लगभग 100 मीटर आगे देहात कोतवाली की सीमा आ रही है,
जहां से देहात कोतवाली लगभग 10 किलोमीटर दूर है। इससे 100 मीटर आगे चलते रामपुर मनिहारन की सीमा शुरू हो रही है फिर 100 मीटर आगे चलकर देहात कोतवाली की सीमा है और फिर 100 मीटर आगे जाकर रामपुर मनिहारन थाना क्षेत्र की सीमा आती है।
जबकि यह रामपुर मनिहारन की अंतिम छोर की सीमा सदर कोतवाली से मात्र डेढ़ किलोमीटर है। कुछ समय पूर्व सदर कोतवाली की आवास विकास चौकी से मात्र 100 मीटर की दूरी पर एक प्रापर्टी डीलर से स्कूटर और पांच लाख की लूट की गई।
लेकिन आवास विकास पुलिस चौकी नजदीक होते हुए भी पुलिस दूसरे थाना की सीमा होने के चलते नहीं पहुंची। घटना की सूचना मिलने के एक घंटे बाद रामपुर मनिहारन थाना पुलिस पहुंच सकी। तब तक लुटेरे दूर जा चुके थे।
यही स्थिति पेपर मिल रोड की है। फाटक तक सदर कोतवाली क्षेत्र है, लेकिन उसके बिल्कुल नजदीक शेखपुरा कदीम है जो देहात कोतवाली में है, यहां से भी देहात कोतवाली लगभग 10 किमी दूर है। जबकि सदर कोतवाली मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर है। इस दूरी के चक्कर में पीड़ित भी पिस रहे हैं।
सिर्फ सदर कोतवाली ही नहीं, कुतुबशेर जनकपुरी, मंडी एवं नगर कोतवाली की सीमाएं भी पूरी तरह से एक दूसरे में उलझी हुई हैं। कुछ समय पूर्व ढमोला पुल के नीचे लूट की घटना हुई। लेकिन सदर कोतवाली एवं जनकपुरी थाना पुलिस में से कोई भी मौके पर नहीं पहुंचा दोनों ही सीमा विवाद में उलझे रहे।
एक मौत का मामला भी इसी तरह सीमा विवाद में उलझा रहा और कई घंटे तक ढमोला पुल के नीचे शव पड़ा रहा। कुछ दिन पूर्व सिर कटी लाश का मामला भी सीमा विवाद में उलझा हुआ रहा।
मंडी कोतवाली और कुतुबशेर थाना पुलिस एक दूसरे की सीमा में बताते रहे। कई घंटे तक पुलिस नहीं पहुंची। बाद में कुतुबशेर पुलिस ने शव को हटवाया। लिंक रोड पर होने वाली घटनाओं को लेकर नगर कोतवाली और जनकपुरी पुलिस उलझी रहती हैं।