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Saharanpur News: पुलिस ने विरोध के बीच उतरवाए जनप्रतिनिधियों के बहिष्कार वाले बैनर
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बड़गांव। क्षत्रियों के सम्मान में करणी सेना के नाम से गांव झबीरन, दल्हेड़ी, रेड़ा में लगाए गए गुर्जर जनप्रतिनिधियों के बहिष्कार वाले बैनर और बोर्ड को पुलिस प्रशासन ने हटवा दिया। इस दौरान क्षत्रिय समाज के के कार्यकर्ताओं ने पुलिस का विरोध और धक्का-मुक्की भी की। विरोध कर रहे दस युवकों को पुलिस ने पकड़ कर शांति भंग की धारा में चालान कर दिया। इससे खफा क्षत्रिय समाज के लोगों ने पुलिस पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाते हुए प्रभारी निरीक्षक को लाइन भेजने की मांग को लेकर थाने के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
बुधवार की सुबह मिहिर भोज प्रकरण को लेकर करणी सेना तथा क्षत्रिय समाज के लोगों द्वारा बड़गांव क्षेत्र के झबीरन रेड़ा, दल्हेड़ी सहित कई गांव में गुर्जर जनप्रतिनिधियों के बहिष्कार वाले बोर्ड लगाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा बोर्डों को उतरवाने का प्रयास किया, लेकिन क्षत्रिय समाज के युवाओं ने जोरदार विरोध किया। भीड़ के सामने पुलिस कई घंटे तक बेबस बनी रही। सूचना पर एसडीएम रामपुर संगीता राघव व सीओ देवबंद रामकरन भारी पुलिस बल के साथ गांव झबीरन पहुंचे और ग्रामीणों से बहिष्कार वाले बोर्ड को उतारने की बात कही। इस पर एकत्र भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस और करणी सेना व क्षत्रिय समाज के युवकों के बीच हुई धक्का मुक्की के बाद क्षेत्र में लगे सभी बहिष्कार के बोर्ड को उतरवा दिए गए। पुलिस ने दस युवकों को मौके से हिरासत में लेकर थाने पर लाकर बैठा दिया।
इसके विरोध में दोपहर बाद तीन बजे थाने के सामने क्षत्रिय समाज के काफी लोग धरने पर बैठ गए। हिरासत में लिए युवाओं पर लाठी चार्ज करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने थाना प्रभारी बड़गांव को लाइन हाजिर करने की मांग की। इसी बीच पुलिस ने हिरासत में लिए गए दस युवाओं का शांति भंग की धारा में चालान कर दिया गया। इसके बाद भारतीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष ठा. अजब सिंह ने अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी। सुरक्षा की दृष्टि से बड़गांव क्षेत्र में पीएसी पुलिस बल के साथ प्रभारी निरीक्षक देवबंद एचएन सिंह, नागल प्रभारी निरीक्षक प्रवेश कुमार, नानौता प्रभारी निरीक्षक चन्द्रसेन सैनी, रामपुर मनिहारान थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार, बड़गांव प्रभारी निरीक्षक विशाल श्रीवास्तव, एलआईयू टीम सहित विभिन्न थानों से भारी फोर्स तैनात की गई है।
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इनके खिलाफ की गई शांति भंग की कार्रवाई
गौरव पुत्र पवन मौरा, प्रिंस पुत्र नेपाल महेशपुर, सागर पुत्र धर्मसिंह झबीरण, राजपाल पुत्र प्रतिपाल खुडाना, अमरसिंह पुत्र ओमपाल खुडाना, विरेंद्र पुत्र नेत्रपाल दल्हेड़ी, जौहर सिंह पुत्र तेजपाल निवासी उमाही, विनोद पुत्र रामपाल दल्हेड़ी, जितेंद्र पुत्र साधु दल्हेड़ी, विपिन पुत्र नरेश कल्लरपुर।
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नानौता के गांवों में लगे बैनर भी पुलिस ने उतरवाए
नानौता। नानौता थाना क्षेत्र के कल्लरपुर राजपूत, खुड़ाना, ठसका, भनेड़ा खेमचन्द, काशीपुर, उमाही राजपूत, भावसी, दरियापुर आदि गांवों में भी क्षत्रिय युवाओं ने कैराना से भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी, गंगोह विधायक चौ. कीरत सिंह, नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी सहित सपा नेता चौ. इंद्रसेन पर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उनके बहिष्कार के बैनर लगा दिए। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर बैनर उतरवाए। थाना प्रभारी निरीक्षक चन्द्रसेन सैनी ने बताया कि कुछ गांवों में जनप्रतिनिधियों के बॉयकाट के बैनर लगने की सूचना पर ग्रामीणों को समझा बुझाकर उन्हें उतरवा दिया गया है।
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बुधवार की सुबह मिहिर भोज प्रकरण को लेकर करणी सेना तथा क्षत्रिय समाज के लोगों द्वारा बड़गांव क्षेत्र के झबीरन रेड़ा, दल्हेड़ी सहित कई गांव में गुर्जर जनप्रतिनिधियों के बहिष्कार वाले बोर्ड लगाए जाने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस द्वारा बोर्डों को उतरवाने का प्रयास किया, लेकिन क्षत्रिय समाज के युवाओं ने जोरदार विरोध किया। भीड़ के सामने पुलिस कई घंटे तक बेबस बनी रही। सूचना पर एसडीएम रामपुर संगीता राघव व सीओ देवबंद रामकरन भारी पुलिस बल के साथ गांव झबीरन पहुंचे और ग्रामीणों से बहिष्कार वाले बोर्ड को उतारने की बात कही। इस पर एकत्र भीड़ ने नारेबाजी शुरू कर दी। पुलिस और करणी सेना व क्षत्रिय समाज के युवकों के बीच हुई धक्का मुक्की के बाद क्षेत्र में लगे सभी बहिष्कार के बोर्ड को उतरवा दिए गए। पुलिस ने दस युवकों को मौके से हिरासत में लेकर थाने पर लाकर बैठा दिया।
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इसके विरोध में दोपहर बाद तीन बजे थाने के सामने क्षत्रिय समाज के काफी लोग धरने पर बैठ गए। हिरासत में लिए युवाओं पर लाठी चार्ज करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने थाना प्रभारी बड़गांव को लाइन हाजिर करने की मांग की। इसी बीच पुलिस ने हिरासत में लिए गए दस युवाओं का शांति भंग की धारा में चालान कर दिया गया। इसके बाद भारतीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष ठा. अजब सिंह ने अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा कर दी। सुरक्षा की दृष्टि से बड़गांव क्षेत्र में पीएसी पुलिस बल के साथ प्रभारी निरीक्षक देवबंद एचएन सिंह, नागल प्रभारी निरीक्षक प्रवेश कुमार, नानौता प्रभारी निरीक्षक चन्द्रसेन सैनी, रामपुर मनिहारान थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद कुमार, बड़गांव प्रभारी निरीक्षक विशाल श्रीवास्तव, एलआईयू टीम सहित विभिन्न थानों से भारी फोर्स तैनात की गई है।
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इनके खिलाफ की गई शांति भंग की कार्रवाई
गौरव पुत्र पवन मौरा, प्रिंस पुत्र नेपाल महेशपुर, सागर पुत्र धर्मसिंह झबीरण, राजपाल पुत्र प्रतिपाल खुडाना, अमरसिंह पुत्र ओमपाल खुडाना, विरेंद्र पुत्र नेत्रपाल दल्हेड़ी, जौहर सिंह पुत्र तेजपाल निवासी उमाही, विनोद पुत्र रामपाल दल्हेड़ी, जितेंद्र पुत्र साधु दल्हेड़ी, विपिन पुत्र नरेश कल्लरपुर।
नानौता के गांवों में लगे बैनर भी पुलिस ने उतरवाए
नानौता। नानौता थाना क्षेत्र के कल्लरपुर राजपूत, खुड़ाना, ठसका, भनेड़ा खेमचन्द, काशीपुर, उमाही राजपूत, भावसी, दरियापुर आदि गांवों में भी क्षत्रिय युवाओं ने कैराना से भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी, गंगोह विधायक चौ. कीरत सिंह, नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी सहित सपा नेता चौ. इंद्रसेन पर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए उनके बहिष्कार के बैनर लगा दिए। इसके बाद हरकत में आई पुलिस ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर बैनर उतरवाए। थाना प्रभारी निरीक्षक चन्द्रसेन सैनी ने बताया कि कुछ गांवों में जनप्रतिनिधियों के बॉयकाट के बैनर लगने की सूचना पर ग्रामीणों को समझा बुझाकर उन्हें उतरवा दिया गया है।