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Saharanpur News: पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ का आरोप, थाने पहुंच किया हंगामा
Tue, 18 Aug 2026 12:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Tue, 18 Aug 2026 12:31 AM IST
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बड़गांव। मोरा गांव के खेतों में गोवंश के अवशेष मिलने के कुछ घंटे बाद मुठभेड़ में दो गोकशों की गिरफ्तारी पर सवाल खड़े हो गए। बजरंग दल और किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने मुठभेड़ को फर्जी बताकर जाम लगाने का प्रयास किया। आरोप लगाया कि यह मुठभेड़ फर्जी है। हालांकि पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझाकर शांत किया।
मुठभेड़ में पकड़े गए दो गोकश
16 अगस्त को मोरा गांव के खेतों में गोकशी की घटना हुई थी। मौके से गोवंश के अवशेष बरामद हुए थे। पुलिस ने 24 घंटे में खुलासे का आश्वासन दिया था। सोमवार को पुलिस की तरफ से जारी प्रेसनोट के अनुसार, बृहस्पतिवार को पुलिस मोरा रोड पर चेकिंग की जा रही थी। बिना नंबर की बाइक पर आ रहे दो युवकों को रोकने के लिए इशारा किया। उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने पीछा कर जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान पांडौली निवासी आमिर और उसके साथी मिर्जापुर निवासी आरिफ को गिरफ्तार कर लिया। इसमें आमिर के पैर में गोली लग गई। दोनों गोकश हैं। उनके पास से दो तमंचे, चार कारतूस एवं दो खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की बाइक, गोकशी करने के उपकरण बरामद किए हैं। घायल आमिर पर बड़गांव थाने में गोहत्या अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम के आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं तथा गिरफ्तार आरिफ पर गोहत्या अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और चोरी के मुकदमे दर्ज हैं।
बजरंग दल और किसान मजदूर संगठन ने यह लगाए आरोप
दोपहर बाद बजरंग दल के जिला संयोजक रूद्र मिश्रा और किसान मजदूर संगठन से गौरव राणा के साथ रोहित त्यागी, अजय प्रजापति, सागर, प्रिंस, विशु, गगन, गौरव, शुभम और दीपक आदि के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बड़गांव पहुंचे। उन्होंने जाम लगाने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची पुलिस जाम लगा रहे लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर थाने ले गई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि घटना का सही खुलासा किया जाए। उनका कहना था कि जहां गोवंश अवशेष मिले थे, उसी जगह पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाई। सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गोकशी करने वाले रात भर वहीं रहे। पुलिस ने किसी तरह कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत किया। हंगामा करने वालो में सागर, प्रिंस, गगन, विशु, शुभम, दीपक आदि रहे। उधर, थाना प्रभारी नरेंद्र भड़ाना का कहना कि मुठभेड़ में असली गोकशों को ही पकड़ा गया है। यह आरोप गलत है।
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कुछ लोग थाने में आए थे। उनका कहना था कि मुठभेड़ की बजाय गोकशों का एनकाउंटर होना चाहिए। उन्होंने फर्जी मुठभेड़ का आरोप नहीं लगाया।
- अमित सिंह, सीओ देवबंद
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मुठभेड़ में पकड़े गए दो गोकश
16 अगस्त को मोरा गांव के खेतों में गोकशी की घटना हुई थी। मौके से गोवंश के अवशेष बरामद हुए थे। पुलिस ने 24 घंटे में खुलासे का आश्वासन दिया था। सोमवार को पुलिस की तरफ से जारी प्रेसनोट के अनुसार, बृहस्पतिवार को पुलिस मोरा रोड पर चेकिंग की जा रही थी। बिना नंबर की बाइक पर आ रहे दो युवकों को रोकने के लिए इशारा किया। उन्होंने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने पीछा कर जवाबी फायरिंग की। मुठभेड़ के दौरान पांडौली निवासी आमिर और उसके साथी मिर्जापुर निवासी आरिफ को गिरफ्तार कर लिया। इसमें आमिर के पैर में गोली लग गई। दोनों गोकश हैं। उनके पास से दो तमंचे, चार कारतूस एवं दो खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की बाइक, गोकशी करने के उपकरण बरामद किए हैं। घायल आमिर पर बड़गांव थाने में गोहत्या अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम के आधा दर्जन मुकदमे दर्ज हैं तथा गिरफ्तार आरिफ पर गोहत्या अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट और चोरी के मुकदमे दर्ज हैं।
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बजरंग दल और किसान मजदूर संगठन ने यह लगाए आरोप
दोपहर बाद बजरंग दल के जिला संयोजक रूद्र मिश्रा और किसान मजदूर संगठन से गौरव राणा के साथ रोहित त्यागी, अजय प्रजापति, सागर, प्रिंस, विशु, गगन, गौरव, शुभम और दीपक आदि के साथ बड़ी संख्या में कार्यकर्ता बड़गांव पहुंचे। उन्होंने जाम लगाने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची पुलिस जाम लगा रहे लोगों को किसी तरह समझा-बुझाकर थाने ले गई। कार्यकर्ताओं का कहना था कि घटना का सही खुलासा किया जाए। उनका कहना था कि जहां गोवंश अवशेष मिले थे, उसी जगह पुलिस ने फर्जी मुठभेड़ दिखाई। सवाल उठाते हुए कहा कि क्या गोकशी करने वाले रात भर वहीं रहे। पुलिस ने किसी तरह कार्यकर्ताओं को समझा-बुझाकर शांत किया। हंगामा करने वालो में सागर, प्रिंस, गगन, विशु, शुभम, दीपक आदि रहे। उधर, थाना प्रभारी नरेंद्र भड़ाना का कहना कि मुठभेड़ में असली गोकशों को ही पकड़ा गया है। यह आरोप गलत है।
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कुछ लोग थाने में आए थे। उनका कहना था कि मुठभेड़ की बजाय गोकशों का एनकाउंटर होना चाहिए। उन्होंने फर्जी मुठभेड़ का आरोप नहीं लगाया।
- अमित सिंह, सीओ देवबंद