फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Poison dissolving in the air, officer silent

हवा में घुल रहा जहर, अधिकारी मौन

Sun, 29 Aug 2021 12:03 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 29 Aug 2021 12:03 AM IST
विज्ञापन
Poison dissolving in the air, officer silent
नगर कोतवाली क्षेत्र में औद्योगिक इकाई द्वारा नाली में बहाया जा रहा कैमिलकलयुक्त पानी। - फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। शहर में आबादी के बीच कई ऐसी औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं, जो केमिकलयुक्त पानी को सीधे नालों में बहाकर नदियों को दूषित कर रहे हैं, साथ ही जहरीला धुआं छोड़कर हवा में जहर घोला जा रहा है। इसका असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है। प्रदूषण की वजह से सांस में तकलीफ होने की शिकायत लेकर प्रति माह 300 से अधिक मरीज जिला अस्पताल पहुंच रहे हैं। बावजूद इसके प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्रवाई नहीं कर रहा और कहा जाता है कि शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

गांव सराय के पास कपड़ों की रंगाई का उद्योग है। यहां केमिकलयुक्त पानी को सीधे ढमोला नदी में छोड़ा जा रहा है। बेहट रोड पर गांव रसूलपुर के पास एक नहीं, बल्कि तीन-तीन ऐसी इकाइयां चल रहीं हैं, जो हवा और जल प्रदूषण फैला रही हैं। आबादी के बीच धुआं ग्रामीणों का दम घोंट रहा है। यहीं पर एक फैक्टरी कपड़ों की रंगाई कर पानी को नाले में बहा रही है। नगर कोतवाली क्षेत्र में फैक्टरियों से केमिकलयुक्त पानी को नाले के जरिये सीधे पांवधोई नदी में डाला जा रहा है। इसके अलावा खाताखेड़ी, अंबाला रोड, चिलकाना रोड आदि स्थानों पर भी कई औद्योगिक इकाइयां वायु प्रदूषण फैला रही हैं, जिससे वहां आसपास रहने वालों को नुकसान पहुंचता है। ताज्जुब है कि जिस विभाग को प्रदूषण पर नियंत्रण की जिम्मा है, उसके अधिकारी यह तक नहीं बता पा रहे हैं कि शहर क्षेत्र में कितनी औद्योगिक इकाइयां हैं।
विज्ञापन

- दूसरे विभागों के पाले में डाल रहे गेंद
शहरी क्षेत्र में संचालित ईंट भट्ठों को शहर से बाहर शिफ्ट कराने के आदेश एनजीटी ने दिए हुए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि ईंट भट्ठों को चिह्नित करने का जिम्मा नगर निगम का है। अन्य उद्योगों को चिह्नित करने की जिम्मेदारी भी नगर निगम, विकास प्राधिकरण और अन्य विभागों पर डाली जा रही है। यही वजह है कि शहर में प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों का कोई आंकड़ा तक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

हर माह 300 से अधिक मरीज
एसबीडी जिला अस्पताल के चेस्ट फिजीशियन डॉ. जी रहमान ने बताया कि उनकी ओपीडी में प्रतिदिन 10 से अधिक मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जो वायु प्रदूषण की वजह से परेशान हैं। उन्होंने बताया कि बरसात का मौसम होने की वजह से फिलहाल यह संख्या कम है। सर्दियों में यह संख्या दो से तीन गुना बढ़ जाती है।

ऐसे उद्योग जो वायु या जल प्रदूषण फैला रहे हैं उनका कोई सही आंकड़ा विभाग के पास नहीं है। ऐसे उद्योगों को चिह्नित करने और कार्रवाई करने की जिम्मेदारी नगर निगम और प्राधिकरण की भी है। हमारे पास जो भी शिकायत आती है हम कार्रवाई करते हैं।
डीसी पांडेय, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed