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पूर्व एमएलसी के बेटे सहित एक अन्य की याचिका खारिज
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सहारनपुर। अवैध खनन के आरोपी पूर्व एमएलसी हाजी मोहम्मद इकबाल के बेटे जावेद और मोहम्मद अली की ओर से फर्जी फर्म खोलने और कूटरचना के मामले में गिरफ्तारी से बचने को इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर याचिका को अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत की ओर से ये याचिका दायर करने वालों को आदेश दिया गया है कि वे मामले में सरेंडर कर दें।
सहारनपुर कोतवाली जनकपुरी अंतर्गत ग्राम मीरपुर गंदेवड़ के प्रधान विश्वास कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया कि उनके नाम से फर्जी फर्म बनाकर पीएनबी के एसएसआई ब्रांच में 13 मई 2015 को खाता खोला गया था। जिसका नाम वैभव मुकुंद और विश्वास कुमार रखा गया था। जिसमें विश्वास कुमार का फर्जी हस्ताक्षर और फोटो चस्पा किया गया। इस अकाउंट के माध्यम से करोड़ों का लेन-देन हुआ। चूंकि नोटबंदी के बाद ये खाता खोला गया और करोड़ों का लेन-देन किया गया। जिसमें एक पूर्व एमएलसी की कंपनियों एवं फर्मों में करोड़ों ट्रांसफर किया गया। जो विश्वास कुमार के फर्जी हस्ताक्षर से किए गए। मामले में जनकपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। अब इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी जावेद और मोहम्मद अली ने दो दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी से बचने की अपील की थी। मामले में हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश ने याचिका को खारिज करते हुए दोनों आरोपियों को सरेंडर करने को कहा है। सहारनपुर एडीजे तृतीय ने दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। जिससे बचने के लिए यह याचिका दायर की गई थी।
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सहारनपुर कोतवाली जनकपुरी अंतर्गत ग्राम मीरपुर गंदेवड़ के प्रधान विश्वास कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया कि उनके नाम से फर्जी फर्म बनाकर पीएनबी के एसएसआई ब्रांच में 13 मई 2015 को खाता खोला गया था। जिसका नाम वैभव मुकुंद और विश्वास कुमार रखा गया था। जिसमें विश्वास कुमार का फर्जी हस्ताक्षर और फोटो चस्पा किया गया। इस अकाउंट के माध्यम से करोड़ों का लेन-देन हुआ। चूंकि नोटबंदी के बाद ये खाता खोला गया और करोड़ों का लेन-देन किया गया। जिसमें एक पूर्व एमएलसी की कंपनियों एवं फर्मों में करोड़ों ट्रांसफर किया गया। जो विश्वास कुमार के फर्जी हस्ताक्षर से किए गए। मामले में जनकपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई। अब इस मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी जावेद और मोहम्मद अली ने दो दिसंबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर गिरफ्तारी से बचने की अपील की थी। मामले में हाईकोर्ट के माननीय न्यायाधीश ने याचिका को खारिज करते हुए दोनों आरोपियों को सरेंडर करने को कहा है। सहारनपुर एडीजे तृतीय ने दोनों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। जिससे बचने के लिए यह याचिका दायर की गई थी।
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