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खानआलमपुरा यार्ड में रेलकर्मियों का प्रदर्शन
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सहारनपुर। नॉदर्न रेलवे मेंस यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को खानआलमपुरा यार्ड में रेलकर्मियों ने सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौजूदा हालात पर चिंता जताई। साथ ही रेलवे यार्ड से लेकर मालगाड़ियों के लिए इस्तेमाल करने वाले सामान की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उन्होंने रेलवे में बढ़ते निजीकरण पर रोक लगाने की मांग की।
यूनियन के शाखा सचिव लखपत सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने कहा कि सात साल पूर्व लगभग 500 कर्मचारी काम कर रहे थे। अब इनकी संख्या 300 से भी कम रह गई है। कर्मचारियों से क्षमता से अधिक कार्य लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब से लॉकडाउन लगा है, तब से मालगाड़ियों का आवागमन ज्यादा हुआ। रेलवे के पास पर्याप्त सामान ही नहीं है। पुराना सामान ही मालगाड़ियों में फिट कराया जा रहा है। इसके बाद भी खामियों के नाम पर कर्मचारियों को ही चार्जशीट दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि रेलवे यार्ड में कंप्रेशर, क्रेन, वेल्डिंग मशीन सहित अन्य पार्ट्स काफी पुराने हो चुके हैं। जो नया सामान इस्तेमाल किया जा रहा है, उसकी भी अधिक कीमत लगाई जा रही है। ऐसे में रेलवे का दोहरा नुकसान हो रहा है। वहीं, कर्मचारियों को शोषण झेलना पड़ रहा है। यार्ड में कम से कम 70 कर्मचारियों की तैनाती की जाए। इसमें सुरेश चंद पांडेय, विजय कुमार, सुनील कुमार, दीपक कांबोज, दीपक सैनी, प्रशांत, इस्राइल, पवन बालियान, उमाशंकर, सतबीर, परमिंदर, प्रदीप कुमार, राजीव गुप्ता, करोड़ीमल आदि रहे।
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यूनियन के शाखा सचिव लखपत सिंह सहित अन्य कर्मचारियों ने कहा कि सात साल पूर्व लगभग 500 कर्मचारी काम कर रहे थे। अब इनकी संख्या 300 से भी कम रह गई है। कर्मचारियों से क्षमता से अधिक कार्य लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब से लॉकडाउन लगा है, तब से मालगाड़ियों का आवागमन ज्यादा हुआ। रेलवे के पास पर्याप्त सामान ही नहीं है। पुराना सामान ही मालगाड़ियों में फिट कराया जा रहा है। इसके बाद भी खामियों के नाम पर कर्मचारियों को ही चार्जशीट दी जा रही है।
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उन्होंने कहा कि रेलवे यार्ड में कंप्रेशर, क्रेन, वेल्डिंग मशीन सहित अन्य पार्ट्स काफी पुराने हो चुके हैं। जो नया सामान इस्तेमाल किया जा रहा है, उसकी भी अधिक कीमत लगाई जा रही है। ऐसे में रेलवे का दोहरा नुकसान हो रहा है। वहीं, कर्मचारियों को शोषण झेलना पड़ रहा है। यार्ड में कम से कम 70 कर्मचारियों की तैनाती की जाए। इसमें सुरेश चंद पांडेय, विजय कुमार, सुनील कुमार, दीपक कांबोज, दीपक सैनी, प्रशांत, इस्राइल, पवन बालियान, उमाशंकर, सतबीर, परमिंदर, प्रदीप कुमार, राजीव गुप्ता, करोड़ीमल आदि रहे।
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