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दूषित पानी और भोजन से हैजा के शिकार हो रहे लोग
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जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की कतार।
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। दूषित पानी और भोजन के कारण हैजा फैलने का मुख्य कारण है। अभी भी लोग जागरुकता के अभाव में हैजा के शिकार हो रहे हैं। इस बीमारी में उल्टी-दस्त लगने पर मरीज जिला अस्पताल में पहुंच रहे हैं। इसमें शरीर में कमजोरी आ रही है। ऐसे में चिकित्सकों ने बीमारी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी।
शुक्रवार को हैजा दिवस मनाया जाएगा। जिसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। बच्चों और बड़ों दोनों में हैजा हो सकता है। जिसके फैलने का मुख्य कारण दूषित पानी, भोजन है। एसबीडी जिला अस्पताल की बात करें तो यहां भी इस बीमारी के मरीज पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में उल्टी-दस्त से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। प्रतिदिन की ओपीडी 100 के पार हैं। उनमें से 10 फीसदी बच्चे डायरिया के शामिल है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि हैजा यानि डायरिया खाने-पीने में सफाई नहीं रखने से होता है। बासी या दूषित भोजन, पानी मुख्य कारण है। जिससे रोगी के उल्टी दस्त हो जाते हैं। इस वजह से व्यक्ति में एकदम कमजोरी हो जाती है।
हैजा के लक्षण
-हैजा में उल्टी, दस्त और पैर में ऐंठन होना।
-हृदयगति बढ़ना।
-ज्यादा प्यास लगना, बार-बार जी घबराना।
-ब्लड प्रेशर कम होना।
हैजा के कारण
-दूषित पानी से व उसे बनी बर्फ का इस्तेमाल करने से।
-सड़क पर बेचे जाने वाले दूषित पदार्थों का सेवन।
-पानी से उगाई सब्जियों को बिना धुले खाने से।
हैजा का उपचार व बचाव
-ओआरएस घोल पीए, ताजा भोजन और शुद्ध पेयजल ग्रहण करें, खाने-पीने की आदतों में बदलाव करें, खीरे की पत्तियां, नारियल का पानी, नींबू, छाछ, अदरक, हल्दी, मेथी आदि का सेवन, ताजा खाना ही खाएं।
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शुक्रवार को हैजा दिवस मनाया जाएगा। जिसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना है। बच्चों और बड़ों दोनों में हैजा हो सकता है। जिसके फैलने का मुख्य कारण दूषित पानी, भोजन है। एसबीडी जिला अस्पताल की बात करें तो यहां भी इस बीमारी के मरीज पहुंच रहे हैं। बाल रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में उल्टी-दस्त से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। प्रतिदिन की ओपीडी 100 के पार हैं। उनमें से 10 फीसदी बच्चे डायरिया के शामिल है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अनिल वोहरा ने बताया कि हैजा यानि डायरिया खाने-पीने में सफाई नहीं रखने से होता है। बासी या दूषित भोजन, पानी मुख्य कारण है। जिससे रोगी के उल्टी दस्त हो जाते हैं। इस वजह से व्यक्ति में एकदम कमजोरी हो जाती है।
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हैजा के लक्षण
-हैजा में उल्टी, दस्त और पैर में ऐंठन होना।
-हृदयगति बढ़ना।
-ज्यादा प्यास लगना, बार-बार जी घबराना।
-ब्लड प्रेशर कम होना।
हैजा के कारण
-दूषित पानी से व उसे बनी बर्फ का इस्तेमाल करने से।
-सड़क पर बेचे जाने वाले दूषित पदार्थों का सेवन।
-पानी से उगाई सब्जियों को बिना धुले खाने से।
हैजा का उपचार व बचाव
-ओआरएस घोल पीए, ताजा भोजन और शुद्ध पेयजल ग्रहण करें, खाने-पीने की आदतों में बदलाव करें, खीरे की पत्तियां, नारियल का पानी, नींबू, छाछ, अदरक, हल्दी, मेथी आदि का सेवन, ताजा खाना ही खाएं।
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