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‘चमन में अमन जरूरी...अमन को रहने दें’
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सहारनपुर। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध के बीच मशहूर शायर नवाज देवबंदी कहते हैं कि पूरे चमन में अमन बेहद जरूरी है, इस अमन को रहने दें। यह सबकी जिम्मेदारी है। सहारनपुर हिंदी-उर्दू से लेकर गंगा-जमुनी तहजीब वाला जिला है। यहां के लोगों ने काफी संयम दिखाया है। वह मानते हैं कि यदि आपको किसी बात या नियम से कोई ऐतराज है तो अमन कायम रखते हुए अनुशासित तरीके से विरोध जाहिर किया जा सकता है। सुरक्षित माहौल और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी हमारी भी है।
नवाज देवबंदी की इस अपील को जिले के लोगों ने बरकरार रखा। एक तरफ जहां दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर सहित अन्य जिलों में विरोध प्रदर्शन और हिंसा हुई है, वहीं जिले के अफसरों से लेकर लोगों ने संयम का परिचय देकर फिर साबित कर दिया है कि यह शांति और अमन पसंद लोगों का शहर है।
शुक्रवार को दोपहर बारह बजे के बाद शाम पांच बजे तक जिस तरह लोगों की भीड़ जुटने लगी। हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और आक्रोश जताया। मुसाफिरों के साथ हजारों अन्य लोगों को परेशानी भी हुई। कई घंटे तक चले विरोध और परेशानियों के बावजूद अफसरों, सुरक्षा बलों और सर्व समाज के लोगों ने काफी संयम दिखाया। प्रदर्शन के दौरान डीएम और एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों ने भी सुरक्षा जवानों को नियंत्रित रखते हुए शांति से प्रदर्शन की अपील की। इसकी कुछ बानगी इस तरह देखने को मिली....
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आपका ज्ञापन ले लिया है...आप वापस लौट जाइए
- प्रदर्शनकारियों के आक्रोश के बीच डीएम आलोक कुमार पांडेय घंटाघर चौक पर बोले-आपका ज्ञापन ले लिया है, आपकी बात राष्ट्रपति तक पहुंचा दी जाएगी। आप परेशान न हों। अन्य लोगों की परेशानी समझें और लौट जाएं। कुछ लोग फिर भी नहीं माने तो श्रीराम चौक तक डीएम और एसएसपी सहित अन्य सुरक्षा जवान प्रदर्शनकारियों को शांत कर लौटाते रहे।
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अरे...एंबुलेंस जाम में फंसी है, लोग परेशान हैं, चले जाइए
- डीएम की तरह एसएसपी दिनेश कुमार भी संयम बरतने के साथ ही शांति की अपील करते हुए लोगों से शांत होकर वापस लौटने की अपील करते रहे। घंटाघर चौक पर एसएसपी बोले-अरे...एंबुलेंस जाम में फंसी है, लोग परेशान हैं। चले जाइए। सबकी परेशानी समझिए।
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रातभर संपर्क करने की होती रही कवायद
- नागरिकता कानून का विरोध करने वाले लोगों के आक्रोश को पहले ही काफी हद तक शांत करने की कवायद भी जारी रही। डीएम, एसएसपी सहित अन्य अफसर कुछ मुस्लिम नेताओं, मौलाना, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों के साथ शहर से लेकर देवबंद तक दिन रात भ्रमण करते रहे। इसके अलावा दारुल उलूम देवबंद के उलमा से लगातार संपर्क जारी रहा।
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नवाज देवबंदी की इस अपील को जिले के लोगों ने बरकरार रखा। एक तरफ जहां दिल्ली, लखनऊ, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर सहित अन्य जिलों में विरोध प्रदर्शन और हिंसा हुई है, वहीं जिले के अफसरों से लेकर लोगों ने संयम का परिचय देकर फिर साबित कर दिया है कि यह शांति और अमन पसंद लोगों का शहर है।
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शुक्रवार को दोपहर बारह बजे के बाद शाम पांच बजे तक जिस तरह लोगों की भीड़ जुटने लगी। हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे और आक्रोश जताया। मुसाफिरों के साथ हजारों अन्य लोगों को परेशानी भी हुई। कई घंटे तक चले विरोध और परेशानियों के बावजूद अफसरों, सुरक्षा बलों और सर्व समाज के लोगों ने काफी संयम दिखाया। प्रदर्शन के दौरान डीएम और एसएसपी सहित अन्य अधिकारियों ने भी सुरक्षा जवानों को नियंत्रित रखते हुए शांति से प्रदर्शन की अपील की। इसकी कुछ बानगी इस तरह देखने को मिली....
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आपका ज्ञापन ले लिया है...आप वापस लौट जाइए
- प्रदर्शनकारियों के आक्रोश के बीच डीएम आलोक कुमार पांडेय घंटाघर चौक पर बोले-आपका ज्ञापन ले लिया है, आपकी बात राष्ट्रपति तक पहुंचा दी जाएगी। आप परेशान न हों। अन्य लोगों की परेशानी समझें और लौट जाएं। कुछ लोग फिर भी नहीं माने तो श्रीराम चौक तक डीएम और एसएसपी सहित अन्य सुरक्षा जवान प्रदर्शनकारियों को शांत कर लौटाते रहे।
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अरे...एंबुलेंस जाम में फंसी है, लोग परेशान हैं, चले जाइए
- डीएम की तरह एसएसपी दिनेश कुमार भी संयम बरतने के साथ ही शांति की अपील करते हुए लोगों से शांत होकर वापस लौटने की अपील करते रहे। घंटाघर चौक पर एसएसपी बोले-अरे...एंबुलेंस जाम में फंसी है, लोग परेशान हैं। चले जाइए। सबकी परेशानी समझिए।
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रातभर संपर्क करने की होती रही कवायद
- नागरिकता कानून का विरोध करने वाले लोगों के आक्रोश को पहले ही काफी हद तक शांत करने की कवायद भी जारी रही। डीएम, एसएसपी सहित अन्य अफसर कुछ मुस्लिम नेताओं, मौलाना, बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों के साथ शहर से लेकर देवबंद तक दिन रात भ्रमण करते रहे। इसके अलावा दारुल उलूम देवबंद के उलमा से लगातार संपर्क जारी रहा।