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Saharanpur News: बीमार एंबुलेंस में ढो रहे मरीज...दम तोड़ रहे नियम-कायदे
Wed, 11 Mar 2026 01:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Wed, 11 Mar 2026 01:09 AM IST
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सहारनपुर। मरीजों की जान बचाने का माध्यम बनने वाली एंबुलेंस खुद बीमार हैं। संभागीय परिवहन विभाग में पंजीकृत जिले की 186 एंबुलेंस में से 22 अनफिट हो चुकी है। गंभीर यह है कि संचालकों के लिए नियम कायदे दम तोड़ रहे हैं। ऐसे में विभाग ने एंबुलेंस की फिटनेस कराने के लिए संचालकों को नोटिस जारी किए हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसबीडी जिला अस्पताल के बाहर एंबुलेंस खड़ी होती हैं। इनके अलावा बड़े अस्पतालों में भी एंबुलेंस लगी हैं। अधिकांश एंबुलेंस पर मोबाइल नंबर दर्ज है, ताकि जांच के दौरान कोई समस्या उत्पन्न न हो। संभागीय परिवहन विभाग के आंकड़ों में 186 एंबुलेंस पंजीकृत हैं। इनमें से 22 एंबुलेंस बिना फिटनेस हैं। 10 एंबुलेंस की फिटनेस के लिए फीस कटी हुई है। विभाग की तरफ से लगातार नोटिस भेजकर फिटनेस कराने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन कुछ एंबुलेंस संचालक नोटिस मिलने पर भी नहीं पहुंच रहे। यह हाल तब है जब संभागीय परिवहन विभाग समय-समय पर चेकिंग में एंबुलेंस को पकड़ती है।
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-- कई प्राइवेट एंबुलेंस में ऑक्सीजन और प्रशिक्षित स्टाफ तक नहीं
जिले में गैर सरकारी और सामाजिक संस्थाओं ने एंबुलेंस तो पंजीकृत करा लीं, लेकिन मानकों के पालन की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई एंबुलेंस में ऑक्सीजन, प्रशिक्षित स्टाफ, जीवनरक्षक दवाएं और आवश्यक उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं। इससे मरीज और तीमारदारों की जान खतरे में रहती है।
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विभाग की तरफ से हर महीने एंबुलेंस की फिटनेस के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं। बिना फिटनेस एंबुलेंस का संचालन नहीं किया जा सकता। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर एंबुलेंस जब्त और जुर्माना वसूलने की कार्रवाई होती है।
- मानवेंद्र प्रताप सिंह, एआरटीओ प्रशासन
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राजकीय मेडिकल कॉलेज और एसबीडी जिला अस्पताल के बाहर एंबुलेंस खड़ी होती हैं। इनके अलावा बड़े अस्पतालों में भी एंबुलेंस लगी हैं। अधिकांश एंबुलेंस पर मोबाइल नंबर दर्ज है, ताकि जांच के दौरान कोई समस्या उत्पन्न न हो। संभागीय परिवहन विभाग के आंकड़ों में 186 एंबुलेंस पंजीकृत हैं। इनमें से 22 एंबुलेंस बिना फिटनेस हैं। 10 एंबुलेंस की फिटनेस के लिए फीस कटी हुई है। विभाग की तरफ से लगातार नोटिस भेजकर फिटनेस कराने के लिए कहा जा रहा है, लेकिन कुछ एंबुलेंस संचालक नोटिस मिलने पर भी नहीं पहुंच रहे। यह हाल तब है जब संभागीय परिवहन विभाग समय-समय पर चेकिंग में एंबुलेंस को पकड़ती है।
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जिले में गैर सरकारी और सामाजिक संस्थाओं ने एंबुलेंस तो पंजीकृत करा लीं, लेकिन मानकों के पालन की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। कई एंबुलेंस में ऑक्सीजन, प्रशिक्षित स्टाफ, जीवनरक्षक दवाएं और आवश्यक उपकरण तक उपलब्ध नहीं हैं। इससे मरीज और तीमारदारों की जान खतरे में रहती है।
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विभाग की तरफ से हर महीने एंबुलेंस की फिटनेस के लिए नोटिस जारी किए जाते हैं। बिना फिटनेस एंबुलेंस का संचालन नहीं किया जा सकता। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर एंबुलेंस जब्त और जुर्माना वसूलने की कार्रवाई होती है।
- मानवेंद्र प्रताप सिंह, एआरटीओ प्रशासन