{"_id":"63ed2a4bdbc462f10503f1d4","slug":"patient-showing-x-ray-report-by-taking-photo-from-computer-screen-saharanpur-news-c-14-1-119302-2023-02-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"सहारनपुर: कंप्यूटर स्क्रीन से फोटो खींचकर एक्सरे रिपोर्ट दिखा रहे मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सहारनपुर: कंप्यूटर स्क्रीन से फोटो खींचकर एक्सरे रिपोर्ट दिखा रहे मरीज
विज्ञापन
-जिला अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में एक्सरे कराने के लिए रहती है भीड़
-डिजिटल फिल्म महंगी होने से सभी मरीजों को नहीं मिल पाती एक्सरे रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सेठ बलदेव दास बाजोरिया जिला चिकित्सालय में अगर आपको डिजिटल एक्सरे कराना है तो आपके पास कैमरे वाला मोबाइल फोन होना जरूरी है। डिजिटल एक्सरे की फिल्म महंगी होने के चलते मरीजों को मोबाइल से कंप्यूटर स्क्रीन पर एक्सरे की फोटो खींचनी पड़ती है। इसके बाद ही वह चिकित्सक को मोबाइल पर एक्सरे की फोटो दिखाकर इलाज कराते हैं।
जिला चिकित्सालय के रेडियोलॉजी विभाग में सामान्य और डिजिटल एक्सरे मशीनें लगी हैं। सामान्य एक्सरे की रिपोर्ट स्पष्ट न आने के कारण लोग डिजिटल एक्सरे ही कराना पसंद करते हैं। इसलिए रोजाना 80 से 90 डिजिटल एक्सरे होते हैं। सामान्य एक्सरे बहुत कम ही मरीज कराते हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डिजिटल एक्सरे की फिल्म काफी महंगी आती है, इसलिए सभी मरीजों को एक्सरे की रिपोर्ट निकालकर देना संभव नहीं है। मरीजों को कंप्यूटर स्क्रीन से ही मोबाइल फोन पर फोटो खिंचवा दी जाती है। चिकित्सक भी मरीजों के मोबाइल पर ही एक्सरे को देखकर उनका इलाज शुरू करते हैं। ऐसे में जिनके पास मोबाइल नहीं होता है, उन्हें परेशानी अधिक होती है।
उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शेखर यादव का कहना है कि डिजिटल एक्सरे की फिल्म की कमी नहीं है। इसकी फिल्म महंगी आती है, इसलिए सभी मरीजों को रिपोर्ट नहीं दी जाती। अगर मरीज गंभीर है तो उसकी रिपोर्ट देते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
-डिजिटल फिल्म महंगी होने से सभी मरीजों को नहीं मिल पाती एक्सरे रिपोर्ट
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। सेठ बलदेव दास बाजोरिया जिला चिकित्सालय में अगर आपको डिजिटल एक्सरे कराना है तो आपके पास कैमरे वाला मोबाइल फोन होना जरूरी है। डिजिटल एक्सरे की फिल्म महंगी होने के चलते मरीजों को मोबाइल से कंप्यूटर स्क्रीन पर एक्सरे की फोटो खींचनी पड़ती है। इसके बाद ही वह चिकित्सक को मोबाइल पर एक्सरे की फोटो दिखाकर इलाज कराते हैं।
जिला चिकित्सालय के रेडियोलॉजी विभाग में सामान्य और डिजिटल एक्सरे मशीनें लगी हैं। सामान्य एक्सरे की रिपोर्ट स्पष्ट न आने के कारण लोग डिजिटल एक्सरे ही कराना पसंद करते हैं। इसलिए रोजाना 80 से 90 डिजिटल एक्सरे होते हैं। सामान्य एक्सरे बहुत कम ही मरीज कराते हैं। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि डिजिटल एक्सरे की फिल्म काफी महंगी आती है, इसलिए सभी मरीजों को एक्सरे की रिपोर्ट निकालकर देना संभव नहीं है। मरीजों को कंप्यूटर स्क्रीन से ही मोबाइल फोन पर फोटो खिंचवा दी जाती है। चिकित्सक भी मरीजों के मोबाइल पर ही एक्सरे को देखकर उनका इलाज शुरू करते हैं। ऐसे में जिनके पास मोबाइल नहीं होता है, उन्हें परेशानी अधिक होती है।
विज्ञापन
उधर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शेखर यादव का कहना है कि डिजिटल एक्सरे की फिल्म की कमी नहीं है। इसकी फिल्म महंगी आती है, इसलिए सभी मरीजों को रिपोर्ट नहीं दी जाती। अगर मरीज गंभीर है तो उसकी रिपोर्ट देते हैं।
विज्ञापन