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सहारनपुर में लोजपा को मजबूत करना चाहते थे पासवान
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सहारनपुर में 2012 में दीपक जाटव के लिए चुनाव प्रचार करने पहुंचे केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान। (फ
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान का सहारनपुर जिले से गहरा नाता रहा। वह 1987 में हरिद्वार लोकसभा सीट से चुनाव लड़े थे, तब सहारनपुर के नागल और देवबंद विधानसभा क्षेत्र हरिद्वार लोकसभा सीट में शामिल थे। उसके बाद रामविलास पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी को जिले में मजबूत करने का भी प्रयास किया। उनके निधन की सूचना मिलने पर सहारनपुर जिले के समर्थकों को आघात लगा है।
सहारनपुर शहर में रामविलास पासवान के करीबियों में दीपक जाटव प्रमुख हैं, जो दलित सेना के राष्ट्रीय महासचिव और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक सदस्य भी हैं। दीपक जाटव का कहना है कि रामविलास पासवान के साथ 1987 से अब तक जुड़ेे रहे हैं, उनके निधन से बेहद दुख हुआ।
कई बार आए सहारनपुर
रामविलास पासवान ने 1987 में जब हरिद्वार लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा तो, वह चुनाव प्रचार के दौरान सहारनपुर शहर में ही घंटाघर के पास स्थित होटल में ठहरते थे। यहीं से चुनाव प्रचार के लिए निकलते थे। इसके बाद 11 नवंबर 1992 में जनता दल की रैली में आए थे। 7 अक्तूबर 1997 में गांधी पार्क में रैली में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के साथ आए थे। उसके बाद 1998 के लोकसभा चुनाव में जनता दल की तरफ से प्रत्याशी दीपक जाटव के समर्थन में सभा करने आए। फिर 19 मई 1999 को जनमंच में कार्यक्रम में हिस्सा लिया तो, 25 नवंबर 2000 गांधी पार्क के निकट हुई रैली में आए। इसके बाद 2003 में भी तीन बार सहारनपुर जिले में आए। फिर 2007 के विधानसभा चुनाव में मांडूवाला गांव में कार्यक्रम में शामिल हुए तो, 2012 के विधानसभा चुनाव में रेलवे स्टेशन के पास सभा में पहुंचे थे। इसके बाद उनका सहारनपुर आना नहीं हुआ।
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सहारनपुर शहर में रामविलास पासवान के करीबियों में दीपक जाटव प्रमुख हैं, जो दलित सेना के राष्ट्रीय महासचिव और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक सदस्य भी हैं। दीपक जाटव का कहना है कि रामविलास पासवान के साथ 1987 से अब तक जुड़ेे रहे हैं, उनके निधन से बेहद दुख हुआ।
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कई बार आए सहारनपुर
रामविलास पासवान ने 1987 में जब हरिद्वार लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा तो, वह चुनाव प्रचार के दौरान सहारनपुर शहर में ही घंटाघर के पास स्थित होटल में ठहरते थे। यहीं से चुनाव प्रचार के लिए निकलते थे। इसके बाद 11 नवंबर 1992 में जनता दल की रैली में आए थे। 7 अक्तूबर 1997 में गांधी पार्क में रैली में पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के साथ आए थे। उसके बाद 1998 के लोकसभा चुनाव में जनता दल की तरफ से प्रत्याशी दीपक जाटव के समर्थन में सभा करने आए। फिर 19 मई 1999 को जनमंच में कार्यक्रम में हिस्सा लिया तो, 25 नवंबर 2000 गांधी पार्क के निकट हुई रैली में आए। इसके बाद 2003 में भी तीन बार सहारनपुर जिले में आए। फिर 2007 के विधानसभा चुनाव में मांडूवाला गांव में कार्यक्रम में शामिल हुए तो, 2012 के विधानसभा चुनाव में रेलवे स्टेशन के पास सभा में पहुंचे थे। इसके बाद उनका सहारनपुर आना नहीं हुआ।
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