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यूपी: पंचायत चुनाव के लिए खेमेबंदी शुरू, पुलिस प्रशासन अलर्ट, दावेदारों को तैयार करने में जुटे सियासी दल

Thu, 31 Dec 2020 01:08 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 31 Dec 2020 01:08 PM IST
सार

  • - भीम आर्मी और आसपा के सक्रिय होने पर भी सतर्क हुई टीमें

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panchayat election UP: Camps begin for prepare claimants in saharanpur, police administration alerts
पंचायत चुनाव - फोटो : फाइल

विस्तार

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू होने के साथ ही जहां सियासी दल अपने दावेदारों को तैयार करने और उनके पक्ष में माहौल बनाने में जुट गए हैं। वहीं, पंचायत चुनाव में खेमेबंदी के कारण आपसी विवादों और संघर्ष जैैसे मामलों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया है।
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उत्तर प्रदेश के जिले के सभी थानों को अलर्ट किया गया है कि ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान या चुनावी लाभ के लिए किसी भी खेमे की ओर से आने वाली शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए। पांच साल पहले पंचायत चुनाव की रंजिश को लेकर कुछ गांवों में पथराव और आपसी संघर्ष की घटनाएं सामने आई थीं। इसलिए इस बार भी पुलिस टीमों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
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पिछले दो सप्ताह में पंचायत चुनाव के मद्देनजर भाजपा, सपा और कांग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सक्रियता दिखाई है। इन सियासी दलों ने ग्राम पंचायतों के स्तर पर जनसंपर्क बढ़ा दिया है। कुछ सियासी दलों ने तो जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत और ग्राम पंचायतों के लिए दावेदारों की तैयारी का खाका खींचना शुरू कर दिया है।
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प्रमुख दलों के अलावा भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर की आजाद समाज पार्टी ने भी मंडल मुख्यालय पर बैठक कर रणनीति बनाने की बात कही थी। चुनाव से पहले ही ग्राम पंचायतों में बढ़ती सियासी दखल को देखते हुए पुलिस और खुफिया टीमों को ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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शिकायतों के साथ बढ़ सकते हैं विवाद
कुछ पुलिस अफसर भी यह मानते हैं कि चुनावी लाभ के लिए ग्राम पंचायतों में प्रधान, पूर्व प्रधान और सियासी खेमे से जुड़ीं शिकायतें आने वाले दिनों में बढ़ सकती हैं। पिछले दो सप्ताह में ही कुछ मामले सामने आने भी लगे हैं। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने बलाचोर गांव में सड़क निर्माण में प्रधान की मनमानी का मामला उठाया था तो बेहट के मलकपुर में कुछ ग्रामीणों ने विकास कार्यों की जानकारी मांगने पर धमकी और मारपीट के आरोप लगाए थे। इसके अलावा गंगोह और नकुड़ क्षेत्रों में सड़क, नाली, प्रधानमंत्री आवास योजना के अलावा राशन कार्ड न बनने को लेकर ग्राम पंचायतों से जुड़ीं शिकायतें मिली हैं।

देवबंद, नानौता और बड़गांव पर रहेगी कड़ी नजर
पिछले पंचायत चुनाव में देवबंद, नानौता और बड़गांव क्षेत्र में कुछ गुटों में खूनी संघर्ष, पथराव और फायरिंग जैसे मामले सामने आए थे। इन्हें देखते हुए इन थाना क्षेत्रों पर पुलिस टीमों की कड़ी नजर रहेगी। इनके अलावा गंगोह और नकुड़ क्षेत्र में भी पंचायत चुनाव की खेमेबंदी अधिक होती रही है।


त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसलिए चुनाव से पहले और इसके बाद शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस टीमों को अलर्ट कर दिया गया है। सभी थानों पर ग्राम पंचायत स्तर पर आने वाली शिकायतों को पहले से अधिक संजीदगी से लेने के निर्देश दिए गए हैं। - अतुल शर्मा, पुलिस अधीक्षक ( ग्रामीण)।

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