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कलक्ट्रेट से बांटे ऑक्सीजन सिलिंडर, मिली राहत
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कलक्ट्रेट से बांटे ऑक्सीजन सिलिंडर, मिली राहत
सहारनपुर। होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर कलक्ट्रेट से देने की कवायद ने उनके परिजनों को राहत दी है। इससे उन्हें इधर उधर भटकना नहीं पड़ रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से अनुमति के बाद कलक्ट्रेट से ही ऑक्सीजन सिलिंडर मिल रहा है। बृहस्पतिवार को अपराह्न ढाई बजे तक वहां से 43 सिलिंडर दिए जा चुके हैं।
ऑक्सीजन सिलिंडर प्राप्त करने की अनुमति लेने के लिए सुबह से ही मरीजों के परिजनों ने कलक्ट्रेट में आना शुरू कर दिया। इनमें कई अपने साथ पूरे कागजात नहीं लाए। इसके चलते उन्हें किसी के माध्यम से जरूरी कागज मंगवाए। इस बीच कलक्ट्रेट में ऑक्सीजन सिलिंडरों से भरा वाहन भी पहुंच गया। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि अपराह्न ढाई बजे तक मरीजों के परिजनों को 43 ऑक्सीजन सिलिंडर दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों के परिजन आधार कार्ड, डॉक्टर का पर्चा, जिसमें मरीज को ऑक्सीजन की आवश्यकता बताई गई हो, को अवश्य साथ लेकर आएं।
अनुमति के लिए पहुंचे मरीजों के परिजनों की बात
गांव शेखपुरा कदीम से अपने बीमार भाई के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए अनुमति के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे बाबर ने कहा कि इस व्यवस्था से राहत मिली है। उनका कहना है कि पहले सिलिंडर की अनुमति के लिए कलक्ट्रेट आना पड़ता था। फिर ऑक्सीजन के लिए दूसरे स्थान पर। एक ही स्थान पर व्यवस्था होने से फायदा हुआ है।
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मोहल्ला खाताखेड़ी से अपने रिश्तेदार के लिए पहली बार ऑक्सीजन सिलिंडर लेने की अनुमति के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे नदीम कहते हैं कि वे फालतू की भागदौड़ से बच गए। सभी जरूरतमंद लोगों को तत्काल ऑक्सीजन सिलिंडर मिले तो यह व्यवस्था उत्तम है।
गांव नन्हेड़ा बेद बेगमपुर निवासी सरदार इंद्रजीत सिंह अपनी पत्नी के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की अनुमति के लिए डॉक्टर का पुराना पर्चा लेकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। इसलिए उन्हें डॉक्टर का नए पर्चा लाने के लिए कहा गया। उनका कहना है कि उनकी पत्नी काफी दिनों से ऑक्सीजन सिलिंडर पर ही निर्भर है। बाद में उन्होंने अपने किसी परिजन को डॉक्टर का नया पर्चा लाने के भेजा।
अपनी माताजी के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर लेने पहुंचे अंबेहटा पीर निवासी तैय्यब काफी टेंशन में थे। उनका कहना है कि उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर मिलने में तो कोई परेशानी नहीं हो रही है, लेकिन अनुमति लेने के लिए वे अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।
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सहारनपुर। होम आइसोलेशन वाले मरीजों के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर कलक्ट्रेट से देने की कवायद ने उनके परिजनों को राहत दी है। इससे उन्हें इधर उधर भटकना नहीं पड़ रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय से अनुमति के बाद कलक्ट्रेट से ही ऑक्सीजन सिलिंडर मिल रहा है। बृहस्पतिवार को अपराह्न ढाई बजे तक वहां से 43 सिलिंडर दिए जा चुके हैं।
ऑक्सीजन सिलिंडर प्राप्त करने की अनुमति लेने के लिए सुबह से ही मरीजों के परिजनों ने कलक्ट्रेट में आना शुरू कर दिया। इनमें कई अपने साथ पूरे कागजात नहीं लाए। इसके चलते उन्हें किसी के माध्यम से जरूरी कागज मंगवाए। इस बीच कलक्ट्रेट में ऑक्सीजन सिलिंडरों से भरा वाहन भी पहुंच गया। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि अपराह्न ढाई बजे तक मरीजों के परिजनों को 43 ऑक्सीजन सिलिंडर दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों के परिजन आधार कार्ड, डॉक्टर का पर्चा, जिसमें मरीज को ऑक्सीजन की आवश्यकता बताई गई हो, को अवश्य साथ लेकर आएं।
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अनुमति के लिए पहुंचे मरीजों के परिजनों की बात
गांव शेखपुरा कदीम से अपने बीमार भाई के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर लेने के लिए अनुमति के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे बाबर ने कहा कि इस व्यवस्था से राहत मिली है। उनका कहना है कि पहले सिलिंडर की अनुमति के लिए कलक्ट्रेट आना पड़ता था। फिर ऑक्सीजन के लिए दूसरे स्थान पर। एक ही स्थान पर व्यवस्था होने से फायदा हुआ है।
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मोहल्ला खाताखेड़ी से अपने रिश्तेदार के लिए पहली बार ऑक्सीजन सिलिंडर लेने की अनुमति के लिए सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे नदीम कहते हैं कि वे फालतू की भागदौड़ से बच गए। सभी जरूरतमंद लोगों को तत्काल ऑक्सीजन सिलिंडर मिले तो यह व्यवस्था उत्तम है।
गांव नन्हेड़ा बेद बेगमपुर निवासी सरदार इंद्रजीत सिंह अपनी पत्नी के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर की अनुमति के लिए डॉक्टर का पुराना पर्चा लेकर सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। इसलिए उन्हें डॉक्टर का नए पर्चा लाने के लिए कहा गया। उनका कहना है कि उनकी पत्नी काफी दिनों से ऑक्सीजन सिलिंडर पर ही निर्भर है। बाद में उन्होंने अपने किसी परिजन को डॉक्टर का नया पर्चा लाने के भेजा।
अपनी माताजी के लिए ऑक्सीजन सिलिंडर लेने पहुंचे अंबेहटा पीर निवासी तैय्यब काफी टेंशन में थे। उनका कहना है कि उन्हें ऑक्सीजन सिलिंडर मिलने में तो कोई परेशानी नहीं हो रही है, लेकिन अनुमति लेने के लिए वे अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।