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जीर्णोद्धार पर एक करोड़ खर्च, फिर भी पानी को तरस रहे लोग

Sat, 26 Feb 2022 11:38 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 11:38 PM IST
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One crore spent on renovation, yet people are craving water
अब्दुल मलिक - फोटो : SAHARANPUR
छुटमलपुर (सहारनपुर)। कागजों में दस गांवों को पानी पिलाने वाली छुटमलपुर ग्राम समूह पेयजल योजना अकेले छुटमलपुर की आबादी की भी प्यास बुझाने में सफल नहीं हो पा रही है। चार दशक पुरानी इस पेयजल योजना का पांच वर्ष पूर्व एक करोड़ रुपये की लागत से किया गया कायाकल्प भी पेयजल आपूर्ति को पटरी पर नहीं ला पाया है।
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वर्ष 1980 में स्थापित की गई पेयजल योजना से छुटमलपुर, फतेहपुर, भैंसराऊ, बड़कलां, गंदेवड़ा, नानका, कमेशपुर, गंगाली, गुडंब, निवादा को पेयजल आपूर्ति की जाती थी। धीरे धीरे इन गांवों की पेयजल आपूर्ति बंद होती रही। पांच साल पूर्व एक करोड़ रुपये की लागत से दो नए नलकूप स्थापित करने के साथ ही नई पाइप लाइन बिछाई गई थी। कुछ समय तक पेयजल सप्लाई ठीक चलने के बाद स्थिति पहले से भी बदतर हो गई है। वर्तमान में एक नलकूप की मोटर एक माह से खराब पड़ी है जिसकी सुध नहीं ली जा रही है। कस्बे में ही बीस से ज्यादा जगहों पर पाइप लाइन टूटी पड़ी है। दूषित पेयजल आने की समस्या से भी उपभोक्ता दो चार हो रहे हैं। छुटमलपुर में भी सभी उपभोक्ताओं को पानी नहीं मिल पा रहा है। अन्य गांवों नानका, कमेशपुर, फतेहपुर, गंदेवड़ा में भी आंशिक रूप से ही पानी पहुंच पा रहा है। जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
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योजना हैंडओवर होने की बांट जोह रही नगर पंचायत
छुटमलपुर और फतेहपुर को मिला कर बनाई गई छुटमलपुर नगर पंचायत के गठन को भी एक साल हो गए हैं। नगर पंचायत के स्तर से भी पेयजल आपूर्ति नहीं की जा रही है। हालांकि नगर पंचायत के ईओ वीरज त्रिपाठी का कहना है कि नपा की तरफ से दो नलकूपों का बोरिंग कराया गया है। उन्होंने छह माह पूर्व जल निगम की स्थानीय योजना, उनके नलकूप और पाइप लाइन को हैंडओवर करने के लिए जल निगम अधिकारियों को पत्र लिखा था जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। वे फिर से रिमाइंडर भेजेंगे।
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एक माह से गांव में नहीं आया पानी
गंदेवड़ा निवासी अब्दुल मालिक का कहना है कि गांव में एक माह से पानी नहीं आया है। आस पड़ोस तक में हैंडपंप नहीं है। सरकारी नल पांच सौ मीटर दूर है। ऐसे में पेयजल के साथ ही दैनिक जरूरतों के लिए पानी की काफी दिक्कत हो रही है। योजना पर संपर्क करते हैं तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता।
बच्चों को दूर से लाना पड़ता है पानी
गंदेवड़ा के असलम का कहना है कि वह काम के सिलसिले में देहरादून रहता है। पत्नी बाहर से पानी नहीं ला सकती। ऐसे में बच्चों या किसी पड़ोसी से काफी दूर स्थित हैंडपंप से पानी मंगाना पड़ता है।

पाइप लाइन टूटी, पानी आता है दूषित
फतेहपुर भादो निवासी अश्वनी का कहना है कि कई कई दिन तक पानी नहीं आता है। फिलहाल भी पाइप लाइन टूटी पड़ी है। यदि पानी आता भी है तो दूषित पानी आता है। शिकायत के बाद भी समस्या का निराकरण नहीं हुआ।
हमारे पास स्टाफ की कमी है। मोटर खराब होने की जानकारी नहीं है। जल्द ही सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करा दिया जाएगा।
प्रवीन कुट्टी
परियोजना प्रबंधक जल निगम ग्रामीण सहारनपुर

असलम

असलम- फोटो : SAHARANPUR

अश्वनी

अश्वनी- फोटो : SAHARANPUR

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