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एक क्लिक से पता चलेगा परिषदीय विद्यालयों का डाटा
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एक क्लिक से पता चलेगा परिषदीय विद्यालयों का डाटा
सहारनपुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों का डाटा अब एक क्लिक से आपके मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन पर आ जाएगा। इसके लिए प्रेरणा एप के जरिए परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की जियो टैगिंग करा रहा है, जिसमें विद्यालयों की संपूर्ण जानकारी फीड की जा रही है।
परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या-1604 है। इन दिनों सभी परिषदीय विद्यालयों को प्रदेश सरकार के मिशन कायाकल्प के तहत सुंदरीकरण और व्यवस्थाओं में सुधार का कार्य चल रहा है। प्रदेश सरकार ने ऐसे विद्यालयों को एक पटल पर लाने की योजना तैयार की है। इसके लिए विभाग विद्यालयों की जियो टैगिंग भी करा रहा है। पहले चरण की जियो टैगिंग का कार्य 15 मार्च तक पूरा किया जाना है।
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यह जानकारी होगी दर्ज
जियो टैगिंग के लिए परिषदीय विद्यालयों के ब्लॉक, न्याय पंचायत, गांव, जिस रोड पर स्थित है उसका नाम, विद्यालय का नाम आदि की जानकारी खंड शिक्षा अधिकारियों और एआरपी के माध्यम से ली जा रही है। जियो टैगिंग का कार्य लखनऊ से संचालित किया जा रहा है।
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- वर्जन
जिन विद्यालयों में मिशन कायाकल्प के तहत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। उनकी जियो टैगिंग भी की जा रही है। इसका मकसद परिषदीय विद्यालयों का पूरा डाटा, जिसमें विद्यालय का नाम और स्थल तथा वहां की सुविधाएं ऑनलाइन होना है।
- रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।
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सहारनपुर। जिले के परिषदीय विद्यालयों का डाटा अब एक क्लिक से आपके मोबाइल या लैपटॉप स्क्रीन पर आ जाएगा। इसके लिए प्रेरणा एप के जरिए परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की जियो टैगिंग करा रहा है, जिसमें विद्यालयों की संपूर्ण जानकारी फीड की जा रही है।
परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों की संख्या-1604 है। इन दिनों सभी परिषदीय विद्यालयों को प्रदेश सरकार के मिशन कायाकल्प के तहत सुंदरीकरण और व्यवस्थाओं में सुधार का कार्य चल रहा है। प्रदेश सरकार ने ऐसे विद्यालयों को एक पटल पर लाने की योजना तैयार की है। इसके लिए विभाग विद्यालयों की जियो टैगिंग भी करा रहा है। पहले चरण की जियो टैगिंग का कार्य 15 मार्च तक पूरा किया जाना है।
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यह जानकारी होगी दर्ज
जियो टैगिंग के लिए परिषदीय विद्यालयों के ब्लॉक, न्याय पंचायत, गांव, जिस रोड पर स्थित है उसका नाम, विद्यालय का नाम आदि की जानकारी खंड शिक्षा अधिकारियों और एआरपी के माध्यम से ली जा रही है। जियो टैगिंग का कार्य लखनऊ से संचालित किया जा रहा है।
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जिन विद्यालयों में मिशन कायाकल्प के तहत कार्य पूर्ण हो चुके हैं। उनकी जियो टैगिंग भी की जा रही है। इसका मकसद परिषदीय विद्यालयों का पूरा डाटा, जिसमें विद्यालय का नाम और स्थल तथा वहां की सुविधाएं ऑनलाइन होना है।
- रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।