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पुरानी पेंशन बहाली, शिक्षकों की तैनाती, कैशलेस चिकित्सा है शिक्षकों के मुद्दें

Sun, 16 Jan 2022 11:37 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 11:37 PM IST
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Old pension restoration, deployment, cashless medical is the issue of teachers
जितेंद्र त्यागी - फोटो : SAHARANPUR
पुरानी पेंशन बहाली, तैनाती, कैशलेस चिकित्सा है शिक्षकों के मुद्दे
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सहारनपुर। विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया के साथ ही जनसंपर्क कर प्रचार तेज कर दिया है। शिक्षकों का कहना हैं कि पुरानी पेंशन बहाली के साथ ही अध्यापकों से केवल शिक्षण कार्य ही लिया जाए। कैशलेस चिकित्सा और बीमा के साथ ही पीटीए के तहत काम कर रहे शिक्षकों को समान काम, समान वेतन के तहत भुगतान किया जाए। इन मुद्दों की पैरोकारी करने वाले दल और प्रत्याशी को चुनाव में समर्थन दिया जाएगा।
यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के जिला संयोजक नगेंद्र कुमार सैनी का कहना है कि पुरानी पेंशन बहाली, परिषदीय शिक्षकों को अन्य कर्मचारियों की तरह कैशलेस चिकित्सा, कई वर्षों से विभाग में लटकी पड़ी पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही रिक्त शिक्षकों के पद पर नियुक्तियां की जाएं। स्कूलों में लिपिकीय कार्य बढ़ने से शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। इस कारण सभी स्कूलों में लिपिकों की तैनाती की जानी चाहिए।
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नानौता के किसान सेवक इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य रामअवतार सिंघल का कहना है कि जनप्रतिनिधि शिक्षकों की समस्याओं व छात्रों के भविष्य को लेकर सजग रहे। साथ ही शिक्षकों से केवल शिक्षण संबंधी कार्य ही लिया जाए। शिक्षकों से अन्य कार्य लिए जाने से शिक्षण कार्य प्रभावित होता है।
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पब्लिक इंटर कालेज साढ़ौली कदीम के प्रधानाचार्य अजय कुमार शर्मा का कहना है कि शिक्षकों की पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल हो। इसके साथ ही बच्चों की पढ़ाई की आफलाइन व्यवस्था के लिए सरकार कदम उठाए। भले ही इसके लिए कुछ नियम निर्धारित करने पड़े। रिक्त पड़े पदों पर शिक्षकों की नियुक्तियां की जाए।
मान्यता प्राप्त विद्यालय कल्याण संगठन के जिलाध्यक्ष विनेश त्यागी का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में सबसे ज्यादा भागेदारी करने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों की ओर सरकार को ध्यान देना चाहिए। इसके लिए इन विद्यालयों को अनुदानित किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि कोरोना काल में बंद पड़े विद्यालयों के शिक्षकों का भरण पोषण भत्ता भी इस चुनाव में मुद्दा रहेगा।
देवबंद निवासी शिक्षक वजाहत शाह का कहना है कि बालिका शिक्षा के लिए ब्लॉक स्तर पर कन्या इंटर कॉलेजों के साथ ही तहसील स्तर पर तकनीकी शिक्षा संस्थानों की स्थापना होनी चाहिए, ताकि बेटियों को उच्च शिक्षित किया जा सके। इसके साथ ही शिक्षकों से केवल शिक्षण संबंधी कार्य ही लिया जाए।

छुटमलपुर निवासी अध्यापक जितेंद्र त्यागी का कहना है कि पीटीए के रूप में काम कर रहे शिक्षकों को समान काम-समान वेतन के आधार पर भुगतान किया जाए। इसके साथ ही प्राइवेट स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को भी सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए। इन्हें परिवार सहित निशुल्क चिकित्सा और सरकार द्वारा बीमा की सुविधा दी जाए।

राव अवतार सिंघल

राव अवतार सिंघल- फोटो : SAHARANPUR

नगेंद्र कुमार सैनी

नगेंद्र कुमार सैनी- फोटो : SAHARANPUR

वजाहत शाह

वजाहत शाह- फोटो : SAHARANPUR

विनेश त्यागी

विनेश त्यागी- फोटो : SAHARANPUR

अजय शर्मा

अजय शर्मा- फोटो : SAHARANPUR

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