{"_id":"6ae4f794e9cb21dff20d2fdb","slug":"officials-entangled-in-yet-another-round-of-correspondence-rules-ignored-applicant-left-distressed-saharanpur-news-c-30-1-sah1001-187025-2026-10-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Saharanpur News: एक और पत्र के फेर में उलझे अधिकारी, नियमों की अनदेखी, आवेदक परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Saharanpur News: एक और पत्र के फेर में उलझे अधिकारी, नियमों की अनदेखी, आवेदक परेशान
Sat, 31 Oct 2026 01:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 31 Oct 2026 01:31 AM IST
विज्ञापन
सहारनपुर। ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में टेस्ट के बाद ट्रेनिंग को लेकर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है। सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट में तीन बार टेस्ट के बाद ट्रेनिंग का प्रावधान है, जबकि मुख्यालय की ओर से जारी हुए पत्र में एक बार टेस्ट देने के बाद सीधी ट्रेनिंग लेनी होगी। अब विभाग एक्ट और पत्र दोनों के फेर में उलझ गए हैं। आवेदकों की परेशानी बढ़ गई है।
संभागीय परिवहन विभाग के अधीन टपरी स्थित ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर संचालित है। आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदक की बायोमीट्रिक और स्क्रूटनी होती है। इसके बाद आवेदक को ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर जाना पड़ता है। यहां सभी टेस्ट से लेकर ट्रेनिंग की सभी प्रक्रिया सीसीटीवी के बीच होती है। 17 अगस्त 2026 को राज्य परिवहन प्राधिकरण सचिव की ओर से पत्र में कहा गया था कि एक बार टेस्ट में असफल होने पर ट्रेनिंग कराने की व्यवस्था अपनाई जाए। इस पत्र का 15 अक्तूबर को दोबारा से रिमाइंडर भेजा गया। सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक, आवेदक को तीन बार ड्राइविंग टेस्ट में असफल होने के बाद ही ट्रेनिंग के लिए भेजा जाना चाहिए। पहली और दूसरी सात-सात दिन और तीसरी बार 60 दिन का प्रावधान है। इससे मुख्यालय के आदेश और केंद्रीय कानून के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
-- -- -- -
-- 25 से 30 घंटे की ट्रेनिंग के लिए छह से 12 हजार
ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 25 से 30 घंटे की ट्रेनिंग दी जाती है। कार की ट्रेनिंग के लिए छह हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। ट्रक के लिए 12 हजार रुपये की फीस तय की गई है। ऐसे में एक बार टेस्ट में असफल होने के बाद आवेदकों को ट्रेनिंग के लिए भेजे जाने से उन पर आर्थिक बोझ भी पड़ेगा।
विज्ञापन
-- -- --
-- सेंटर में देने होते हैं यह टेस्ट
टेस्ट भारी वाहन हल्के वाहन
पैरेलल पार्किंग 60 सेकंड 45 सेकंड
8 ट्रैक (आठ बनाना) 75 सेकंड 45 सेकंड
ग्रेडिएंट (चढ़ान) 60 सेकंड 45 सेकंड
रिवर्स एस (रिवर्सिंग) 120 सेकंड 50 सेकंड
-- -- -- -
ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर पर टेस्ट में फेल होने पर ट्रेनिंग देने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इस संबंध में कार्यालय आने वाले आवेदकों को अवगत कराया जा रहा है।
मानवेंद्र प्रताप सिंह, एआरटीओ प्रशासन
विज्ञापन
संभागीय परिवहन विभाग के अधीन टपरी स्थित ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर संचालित है। आरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदक की बायोमीट्रिक और स्क्रूटनी होती है। इसके बाद आवेदक को ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर जाना पड़ता है। यहां सभी टेस्ट से लेकर ट्रेनिंग की सभी प्रक्रिया सीसीटीवी के बीच होती है। 17 अगस्त 2026 को राज्य परिवहन प्राधिकरण सचिव की ओर से पत्र में कहा गया था कि एक बार टेस्ट में असफल होने पर ट्रेनिंग कराने की व्यवस्था अपनाई जाए। इस पत्र का 15 अक्तूबर को दोबारा से रिमाइंडर भेजा गया। सेंट्रल मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक, आवेदक को तीन बार ड्राइविंग टेस्ट में असफल होने के बाद ही ट्रेनिंग के लिए भेजा जाना चाहिए। पहली और दूसरी सात-सात दिन और तीसरी बार 60 दिन का प्रावधान है। इससे मुख्यालय के आदेश और केंद्रीय कानून के पालन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
विज्ञापन
ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर में स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए 25 से 30 घंटे की ट्रेनिंग दी जाती है। कार की ट्रेनिंग के लिए छह हजार रुपये शुल्क निर्धारित है। ट्रक के लिए 12 हजार रुपये की फीस तय की गई है। ऐसे में एक बार टेस्ट में असफल होने के बाद आवेदकों को ट्रेनिंग के लिए भेजे जाने से उन पर आर्थिक बोझ भी पड़ेगा।
विज्ञापन
टेस्ट भारी वाहन हल्के वाहन
पैरेलल पार्किंग 60 सेकंड 45 सेकंड
8 ट्रैक (आठ बनाना) 75 सेकंड 45 सेकंड
ग्रेडिएंट (चढ़ान) 60 सेकंड 45 सेकंड
रिवर्स एस (रिवर्सिंग) 120 सेकंड 50 सेकंड
ऑटोमेटिक ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर पर टेस्ट में फेल होने पर ट्रेनिंग देने के निर्देश प्राप्त हुए हैं। इस संबंध में कार्यालय आने वाले आवेदकों को अवगत कराया जा रहा है।
मानवेंद्र प्रताप सिंह, एआरटीओ प्रशासन