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कोटेदार के यहां से पात्रों को बंटेगा पोषाहार
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सहारनपुर। कुपोषित और अतिकुपोषितों के साथ ही धात्री एवं गर्भवती महिलाओं को पोषाहार के रूप में चावल व गेहूं का वितरण सीधे कोटेदार के यहां से होगा। यह निर्देश उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक ने दिया है। हालांकि अभी तक इस पर पूरी तरह अमल नहीं हो पा रहा है।
दरअसल, जिले में कुल 66 हजार धात्री और गर्भवती के अलावा 20 हजार कुपोषित और करीब एक हजार अति कुपोषित बच्चे हैं। पूर्व में उनको आंगनबाड़ी के माध्यम से पोषाहार का वितरण किया जाता था, जिसमें गेहूं, चावल, दाल, तेल आदि का वितरण होता था। वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी के सवाल उठने पर इसमें बदलाव हुआ। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा कोटेदारों के यहां से राशन उठाकर पैकिंग करने के बाद आंगनबाड़ी को दिया जाने लगा। इसमें भी सवाल उठे तो राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक योगेश कुमार ने निर्देश दिया कि पोषाहार के रूप में गेहूं और चावल का वितरण सीधे कोटेदार के यहां से पात्रों को किया जाएगा। वितरण के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आंगनबाड़ी द्वारा बुलाया जाएगा। आजीविका मिशन के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि बदले हुई व्यवस्था के मुताबिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गेहूं और चावल का वितरण कराने को कहा गया है। उधर, जिला पूर्ति अधिकारी सतीश कुमार मिश्र का कहना है कि अभी व्यवस्था में बदलाव करने के संबंध में उनके विभाग से आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
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दरअसल, जिले में कुल 66 हजार धात्री और गर्भवती के अलावा 20 हजार कुपोषित और करीब एक हजार अति कुपोषित बच्चे हैं। पूर्व में उनको आंगनबाड़ी के माध्यम से पोषाहार का वितरण किया जाता था, जिसमें गेहूं, चावल, दाल, तेल आदि का वितरण होता था। वितरण व्यवस्था में गड़बड़ी के सवाल उठने पर इसमें बदलाव हुआ। स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा कोटेदारों के यहां से राशन उठाकर पैकिंग करने के बाद आंगनबाड़ी को दिया जाने लगा। इसमें भी सवाल उठे तो राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मिशन निदेशक योगेश कुमार ने निर्देश दिया कि पोषाहार के रूप में गेहूं और चावल का वितरण सीधे कोटेदार के यहां से पात्रों को किया जाएगा। वितरण के दौरान स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आंगनबाड़ी द्वारा बुलाया जाएगा। आजीविका मिशन के स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि बदले हुई व्यवस्था के मुताबिक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से गेहूं और चावल का वितरण कराने को कहा गया है। उधर, जिला पूर्ति अधिकारी सतीश कुमार मिश्र का कहना है कि अभी व्यवस्था में बदलाव करने के संबंध में उनके विभाग से आदेश प्राप्त नहीं हुआ है।
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