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कृषि भूमि नीलामी मामले में प्रधानाध्यापक को नोटिस
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सहारनपुर। गंगोह ब्लॉक के गांव मनोहरा स्थित प्राथमिक विद्यालय की कृषि भूमि की नीलामी में गड़बड़ी पर हाईकोर्ट के आदेश के बाद विभाग में हलचल शुरू हो गई है। हाईकोर्ट ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी पर कार्रवाई के आदेश जिलाधिकारी को दिए हैं। वहीं, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से प्रधानाध्यापक को भी नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण देने को कहा है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार की ओर से 15 सितंबर को प्रधानाध्यापक राजकुमार को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के माध्यम से प्रधानाध्यापक से पूछा गया है कि नीलामी प्रक्रिया के लिए त्रिस्तरीय समिति होती है, जिसमें ग्राम प्रधान अध्यक्ष, एसडीएम द्वारा नामित प्रतिनिधि जो नायब तहसीलदार स्तर से कम न हो सदस्य और संबंधित प्रधानाध्यापक सदस्य सचिव का प्रावधान है। विद्यालय की कृषि भूमि जो करीब 45 बीघा है के लिए 24 जून 2021 को एक समाचार पत्र में विज्ञापन जारी कराया गया, मगर ठेके यानी नीलामी की प्रक्रिया 25 जून को ही निर्धारित कर दी गई। अधिकारी ने पूछा है कि विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद प्रक्रिया में शामिल होने के लिए इच्छुक लोगों को पर्याप्त समय क्यों नहीं दिया गया।
नीलामी प्रक्रिया 25 जून को करने के बाद आपत्तियां आईं। उसके बाद भी मात्र तीन दिन का समय दिया गया। इसके अलावा ठेके की धनराशि पर भी सवाल उठाए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक राजकुमार को तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
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प्रधानाध्यापक का उत्पीड़न नहीं होने देंगे - चौधरी
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश संगठन मंत्री एवं जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी का आरोप है कि आरोपी खंड शिक्षा अधिकारी को बचाने की कोशिश हो रही हैं, जिस कारण प्रधानाध्यापक को नोटिस देकर उत्पीड़न किया जा रहा है। जबकि हाईकोर्ट ने बीईओ के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। यदि प्रधानाध्यापक पर बेवजह कार्रवाई हुई तो संगठन चुप नहीं रहेगा।
बीईओ पर कार्रवाई के लिए महानिदेशक सहित उच्चाधिकारियों को लिखा जा रहा है। चूंकि प्रधानाध्यापक समिति में सदस्य सचिव होते हैं, जो बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उन्हें स्प्ष्टीकरण देने को कहा गया है। अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अंबरीष कुमार की ओर से 15 सितंबर को प्रधानाध्यापक राजकुमार को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के माध्यम से प्रधानाध्यापक से पूछा गया है कि नीलामी प्रक्रिया के लिए त्रिस्तरीय समिति होती है, जिसमें ग्राम प्रधान अध्यक्ष, एसडीएम द्वारा नामित प्रतिनिधि जो नायब तहसीलदार स्तर से कम न हो सदस्य और संबंधित प्रधानाध्यापक सदस्य सचिव का प्रावधान है। विद्यालय की कृषि भूमि जो करीब 45 बीघा है के लिए 24 जून 2021 को एक समाचार पत्र में विज्ञापन जारी कराया गया, मगर ठेके यानी नीलामी की प्रक्रिया 25 जून को ही निर्धारित कर दी गई। अधिकारी ने पूछा है कि विज्ञापन प्रकाशित होने के बाद प्रक्रिया में शामिल होने के लिए इच्छुक लोगों को पर्याप्त समय क्यों नहीं दिया गया।
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नीलामी प्रक्रिया 25 जून को करने के बाद आपत्तियां आईं। उसके बाद भी मात्र तीन दिन का समय दिया गया। इसके अलावा ठेके की धनराशि पर भी सवाल उठाए गए हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने प्रधानाध्यापक राजकुमार को तीन दिन में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
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प्रधानाध्यापक का उत्पीड़न नहीं होने देंगे - चौधरी
विशिष्ट बीटीसी शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश संगठन मंत्री एवं जिलाध्यक्ष राजकुमार चौधरी का आरोप है कि आरोपी खंड शिक्षा अधिकारी को बचाने की कोशिश हो रही हैं, जिस कारण प्रधानाध्यापक को नोटिस देकर उत्पीड़न किया जा रहा है। जबकि हाईकोर्ट ने बीईओ के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। यदि प्रधानाध्यापक पर बेवजह कार्रवाई हुई तो संगठन चुप नहीं रहेगा।
बीईओ पर कार्रवाई के लिए महानिदेशक सहित उच्चाधिकारियों को लिखा जा रहा है। चूंकि प्रधानाध्यापक समिति में सदस्य सचिव होते हैं, जो बड़ी जिम्मेदारी है। ऐसे में उन्हें स्प्ष्टीकरण देने को कहा गया है। अंबरीष कुमार, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।