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रैगिंग के खिलाफ कार्रवाई के बावजूद सुधार नहीं

Thu, 04 Feb 2021 11:41 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Thu, 04 Feb 2021 11:41 PM IST
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Not improved despite action against ragging
सहारनपुर। राजकीय मेडिकल कॉलेज में रैगिंग कोई नई बात नहीं है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व भी सीनियर छात्रों द्वारा रैगिंग की गई थी। जिसमें छह छात्रों के खिलाफ कार्रवाई कर समस्त शैक्षिक गतिविधियों और छात्रावास से तीन माह के लिए निलंबित तक कर दिया गया था।
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सरसावा थाना क्षेत्र के पिलखनी स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रों के हॉस्टल में घुसकर सीनियर छात्रों ने रैगिंग की। इससे प्रथम वर्ष के छात्र खौफजदा हैं। वार्डन इस मामले को दबाने में लगे रहे परंतु मामला प्राचार्य तक पहुंच गया। इस पर उन्होंने जांच टीम गठित कर दी। रैगिंग रोकने और कार्रवाई के लिए कॉलेज में एंटी रैगिंग स्क्वॉड बनाया हुआ है। इसके बावजूद ऐसी हरकत हुई। गौरतलब है कि अगस्त 2019 में भी सीनियर छात्रों ने एमबीबीएस प्रथम वर्ष के छात्रावास में घुसकर रैगिंग की थी। उस समय डॉ. अरविंद त्रिवेदी प्राचार्य थे। उन्हें एंटी रैगिंग स्क्वॉड ने रैगिंग की जानकारी दी थी। इस पर एंटी रैगिंग स्क्वॉड छात्रावास में पहुंची परंतु अधिकतर आरोपी छात्र भाग निकले थे। इस दौरान दो छात्रों को पकड़ा गया था। इसके बाद आरोपी छात्रों को चिह्नित करने के उपरांत कॉलेज प्रबंधन ने बिना अनुमति छात्रावास में प्रवेश कर रैगिंग करने के आरोप में छह छात्रों को कॉलेज की समस्त शैक्षिक गतिविधियों और छात्रावास से तीन माह के लिए निलंबित कर दिया था। इसके साथ ही आरोपी छात्रों पर पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड लगाया था।
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