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Saharanpur News: नहीं दे रहे जिंदा होने का सुबूत, रुक गई पेंशन
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सहारनपुर। मुख्य कोषाधिकारी कार्यालय की तरफ से 70 से अधिक पेंशनधारकों की पेंशन रोक दी गई। बार-बार कहने के बाद भी यह पेंशनधारक अपने जिंदा होने का सुबूत, यानी जीवित प्रमाणपत्र जमा नहीं करा रहे। उन्हें कोषागार की ओर से जीवित प्रमाणपत्र जमा कराने का अंतिम मौका दिया गया है।
मुख्य कोषागार से जिले के करीब 15 हजार पेंशनधारकों को पेंशन जारी होती है। पेंशनधारक वर्ष में एक बार जीवित प्रमाणपत्र कोषागार में प्रस्तुत करते हैं, लेकिन जिले के 70 पेंशनधारक ऐसे हैं, जिन्होंने कई बार मौका दिए जाने के बाद भी अपना जीवित प्रमाणपत्र जमा नहीं कराया है। कोषागार ने पत्र जारी कर पेंशनधारकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप अपना जीवित प्रमाणपत्र जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
यदि किसी लाभार्थी की बैंक खाता संख्या गड़बड़ होने के कारण उनकी पेंशन नहीं पहुंची है, वह भी अपने प्रमाणपत्र कोषागार में जमा करा सकते हैं। मुख्य कोषाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि ऐसे पेंशनर्स जिनकी मृत्यु हो चुकी है और परिजनों ने मृत्यु प्रमाणपत्र या सूचना कोषागार में नहीं दी है। वह भी सभी प्रमाणपत्र के साथ सूचना कोषागार में उपलब्ध करा दें। समय से प्रमाण पत्र जमा न कराने वाले पेंशनर्स की पेंशन रुक सकती है।
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मुख्य कोषागार से जिले के करीब 15 हजार पेंशनधारकों को पेंशन जारी होती है। पेंशनधारक वर्ष में एक बार जीवित प्रमाणपत्र कोषागार में प्रस्तुत करते हैं, लेकिन जिले के 70 पेंशनधारक ऐसे हैं, जिन्होंने कई बार मौका दिए जाने के बाद भी अपना जीवित प्रमाणपत्र जमा नहीं कराया है। कोषागार ने पत्र जारी कर पेंशनधारकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुरूप अपना जीवित प्रमाणपत्र जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
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यदि किसी लाभार्थी की बैंक खाता संख्या गड़बड़ होने के कारण उनकी पेंशन नहीं पहुंची है, वह भी अपने प्रमाणपत्र कोषागार में जमा करा सकते हैं। मुख्य कोषाधिकारी सूरज कुमार ने बताया कि ऐसे पेंशनर्स जिनकी मृत्यु हो चुकी है और परिजनों ने मृत्यु प्रमाणपत्र या सूचना कोषागार में नहीं दी है। वह भी सभी प्रमाणपत्र के साथ सूचना कोषागार में उपलब्ध करा दें। समय से प्रमाण पत्र जमा न कराने वाले पेंशनर्स की पेंशन रुक सकती है।
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