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करेंसी न मिलने पर डाकघर में की तोड़फोड़

Sat, 19 Nov 2016 12:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Sat, 19 Nov 2016 12:29 AM IST
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Non-receipt of currency in the post office sabotage
बैकों की लाइन में लगे लोग। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सहारनपुर डाकघर में करेंसी न मिलने पर लोग भड़क उठे। लोगों ने डाकघर पर पत्थर फेंके और तोड़फोड़ की। पुलिस ने लाठी फटकार कर भीड़ को नियंत्रित किया।
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बैंकों में भी दिनभर अव्यवस्था का आलम रहा। जगह जगह करेंसी खत्म होने पर हंगामा, अभद्र व्यवहार और छुटपुट मारपीट की घटनाएं होती रही। बैंकों पर जल्दी बंद होने के भी आरोप लगाए गए।  

रेलवे रोड स्थित प्रधान डाकघर में सुबह सात बजे से ही ग्राहकों की लंबी लाइनेें लगी थी लेकिन डाकघर स्टाफ की ओर से एक भी ग्राहक को करेंसी नहीं दी गई तो कतारों में खड़े ग्राहकों का गुस्सा फूट पड़ा।
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उन्होंने डाकघर में घुसकर तोड़फोड़ करते हुए जमकर हंगामा किया। ग्राहकों के हंगामे को देखते हुए मौके पर पहुंचे पुलिस कर्मियों ने हंगामा कर रहे ग्राहकों को बमुश्किल शांत किया। घटना के बाद बैंक के बाहर पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई।
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डाकघर के सीनियर पोस्टमास्टर ओपी सिंह ने बताया कि कैश खत्म होने पर कुछ ग्राहक आक्रोशित हो गए थे। पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। उन्होंने कहा कि करेंसी की कमी है। करेंसी मिलते ही ग्राहकों को सेवाएं प्रदान की जाएगी।  

कुछ ऐसी ही स्थिति जनपद की विभिन्न बैंक शाखाओं और डाकघरों में रही। करेंसी न मिलने के कारण ग्राहकों ने जमकर हंगामा करते हुए बैंककर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार किया।

कई जगह छुटपुट मारपीट की घटनाएं भी घटित हुई। ग्राहकों ने बैंक शाखाओं को समय से पहले बंद करने का आरोप लगाते हुए भी हंगामा किया। एक ओर जहां छोटे नोटों को लेकर मारामारी मची है।

वहीं हकीकत नगर निवासी चेतन गांधी शुक्रवार की दोपहर एक लाख के दस-दस के नोट लेकर दिल्ली रोड स्थित कारपोरेशन बैंक पहुंचे। उन्होंने मैनेजर से मिल उस रकम को जमा करने की इच्छा जताई।


मैनेजर ने उनके इस कार्य की सराहना की। प्रबंधक ने कहा कि इस तरह के लोग खुले पैसों की किल्लत को दूर करने में अहम भूमिका निभा सकते है। उन्होंने चेतन गांधी की सोच को सराहा और ससम्मान उनकी रकम जमा कराई। 
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