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Saharanpur News: चौराहों पर न पानी, न छांव...सिर्फ वादों की गर्म हवा
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घंटाघर चौक पर खराब वाटर कूलर
- फोटो : Self
- 28 अप्रैल को प्रेस काॅन्फ्रेंस कर महापौर ने दी थी गर्मी से बचाने के इंतजाम करने की जानकारी
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। महापौर डॉ. अजय कुमार ने 19 दिन पहले पत्रकारों से वार्ता कर नागरिकों को गर्मी से बचाने के लिए कई तरह इंतजाम करने की बात कही थी। इस समय गर्मी चरम पर है। नगर निगम द्वारा किए गए इंतजामों को परखने के लिए लाइव किया गया, जिसमें न तो कहीं वाटर कूलर नजर आया न ही धूप में झुलसते नागरिकों के सिर पर कोई शेड।
शहर के सबसे बड़े चौराहे घंटाघर चौक पर श्री हनुमान मंदिर की बगल में वाटर कूलर लगा है। वाटर कूलर के निचले हिस्से में धूल और कचरा जमा है। दो में से एक टाेंटी गायब है। चलाकर देखा तो पानी नहीं था। देखने से लगता है कि यह लंबे समय से खराब है। इसके पास में एक जंग खाया हैंडपंप लगा है, जो पानी तो दे रहा है, लेकिन लोग डर के मारे पीने से बच रहे हैं।
नेहरू मार्केट की ओर चलने पर एक होटल स्वामी ने अपने पैसे से सड़क पर वाटर कूलर लगवाया है, जिसमें पानी है। जिला अस्पताल चौक भी महत्वपूर्ण चौराहों में से एक है। वहां कोई वाटर कूलर नजर नहीं आया। डॉ. आंबेडकर चौक, पुरानी चुंगी, नवाबगंज चौक, नेहरू मार्केट तिराहा, दीवानी कचहरी तिराहा और कलक्ट्रेट तिराहे पर भी वाटर कूलर नहीं है। लोग प्यास के मारे पानी तलाश रहे हैं।
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उधर, चौराहों पर लाल बत्ती होने पर कई मिनट तक रुकने वालों को छांव देने के लिए ग्रीन चादर की शेड बनाने की बात कही गई थी, जिस पर पानी की फुहारें पड़नी थीं, जिससे कि लोगों को धूप में रुकने में परेशानी न हो। ऐसा एक सप्ताह में होने की बात कही थी। घंटाघर पर सबसे अधिक जाम लगता है, जिस पर शनिवार को नागरिक धूप में झुलसते नजर आए। दीवानी कचहरी तिराहा, कलक्ट्रेट तिराहा, पुरानी चुंगी, जिला अस्पताल चौक पर भी कहीं शेड नहीं बनी है। हालांकि पानी के फुहार वाली गाड़ी महानगर में चल रही है।
-- टेंडर प्रक्रिया ही पूरी नहीं हो सकी
नगर निगम ने वाटर कूलर और ग्रीन चादर की शेड तैयार करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की हुई है, जो 19 दिन में पूर्ण नहीं हो सकी है। मई आधे से अधिक गुजर चुका है। सवाल यह है कि क्या गर्मी निकलने के बाद नगर निगम व्यवस्थाएं करेगा।
-- ये किए गए थे दावे
- 15 नए वाटर कूलर और 500 लीटर क्षमता के दस प्याऊ खरीदना।
- पहले से स्थापित 40 वाटर कूलरों को ठीक कराना।
- गोगा म्हाड़ी परिसर में दो वाटर कूलर लगवाना।
- 30 हैंडपंपों को रीबोर कराया जाएगा और 21 नए हैंडपंप लगवाना।
- कांशीराम कॉलोनियों में आरओ प्लांट लगाना।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। महापौर डॉ. अजय कुमार ने 19 दिन पहले पत्रकारों से वार्ता कर नागरिकों को गर्मी से बचाने के लिए कई तरह इंतजाम करने की बात कही थी। इस समय गर्मी चरम पर है। नगर निगम द्वारा किए गए इंतजामों को परखने के लिए लाइव किया गया, जिसमें न तो कहीं वाटर कूलर नजर आया न ही धूप में झुलसते नागरिकों के सिर पर कोई शेड।
शहर के सबसे बड़े चौराहे घंटाघर चौक पर श्री हनुमान मंदिर की बगल में वाटर कूलर लगा है। वाटर कूलर के निचले हिस्से में धूल और कचरा जमा है। दो में से एक टाेंटी गायब है। चलाकर देखा तो पानी नहीं था। देखने से लगता है कि यह लंबे समय से खराब है। इसके पास में एक जंग खाया हैंडपंप लगा है, जो पानी तो दे रहा है, लेकिन लोग डर के मारे पीने से बच रहे हैं।
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नेहरू मार्केट की ओर चलने पर एक होटल स्वामी ने अपने पैसे से सड़क पर वाटर कूलर लगवाया है, जिसमें पानी है। जिला अस्पताल चौक भी महत्वपूर्ण चौराहों में से एक है। वहां कोई वाटर कूलर नजर नहीं आया। डॉ. आंबेडकर चौक, पुरानी चुंगी, नवाबगंज चौक, नेहरू मार्केट तिराहा, दीवानी कचहरी तिराहा और कलक्ट्रेट तिराहे पर भी वाटर कूलर नहीं है। लोग प्यास के मारे पानी तलाश रहे हैं।
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उधर, चौराहों पर लाल बत्ती होने पर कई मिनट तक रुकने वालों को छांव देने के लिए ग्रीन चादर की शेड बनाने की बात कही गई थी, जिस पर पानी की फुहारें पड़नी थीं, जिससे कि लोगों को धूप में रुकने में परेशानी न हो। ऐसा एक सप्ताह में होने की बात कही थी। घंटाघर पर सबसे अधिक जाम लगता है, जिस पर शनिवार को नागरिक धूप में झुलसते नजर आए। दीवानी कचहरी तिराहा, कलक्ट्रेट तिराहा, पुरानी चुंगी, जिला अस्पताल चौक पर भी कहीं शेड नहीं बनी है। हालांकि पानी के फुहार वाली गाड़ी महानगर में चल रही है।
नगर निगम ने वाटर कूलर और ग्रीन चादर की शेड तैयार करने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की हुई है, जो 19 दिन में पूर्ण नहीं हो सकी है। मई आधे से अधिक गुजर चुका है। सवाल यह है कि क्या गर्मी निकलने के बाद नगर निगम व्यवस्थाएं करेगा।
- 15 नए वाटर कूलर और 500 लीटर क्षमता के दस प्याऊ खरीदना।
- पहले से स्थापित 40 वाटर कूलरों को ठीक कराना।
- गोगा म्हाड़ी परिसर में दो वाटर कूलर लगवाना।
- 30 हैंडपंपों को रीबोर कराया जाएगा और 21 नए हैंडपंप लगवाना।
- कांशीराम कॉलोनियों में आरओ प्लांट लगाना।