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Saharanpur: नया साल, नया संकल्प, बुराई-मनमुटाव को छोड़ पकड़ी आगे बढ़ने की जिद

Thu, 01 Jan 2026 01:31 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर Updated Thu, 01 Jan 2026 01:31 AM IST
सार

नए साल के मौके पर सहारनपुर से सामने आईं प्रेरक कहानियां, जहां भटके हुए लोगों ने नशा छोड़कर नई राह चुनी। वहीं काउंसिलिंग के जरिए एक दंपती ने विवाद खत्म कर साथ रहने का फैसला किया।

 

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UP: New Year Resolutions in Saharanpur, Drug De-addiction Success Stories and Family Reconciliation
नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं - फोटो : Amar ujala

विस्तार

सहारनपुर। आज नए साल का आगाज है। हर कोई चाहता है कि नए साल पर कुछ नया संकल्प लें। बुराइयों का त्याग कर जीवन बेहतर हो। आज हम आपको ऐसे लोगों की कहानी बताएंगे, जो भटके हुए थे, लेकिन थोड़ा प्रयास किया तो आज उनकी जिंदगी बिना किसी बुराई के अच्छे से बीत रही है। कुछ ने नशा छोड़ने का संकल्प लिया और कामयाब भी हुए और पुलिस तक पहुंचे दंपती के मामले में समझाने के बाद सुलह की राह पकड़ी।

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छूट गई पढ़ाई, काम वाली जगह पर लगी स्मैक की लत
पुराना कलसिया निवासी वंश (काल्पनिक नाम) ने कक्षा तीन तक पढ़ाई की है। वह मुर्गी फार्म में अंडे बेचने वालों के यहां काम करता था। पहले बीडी पीता था। जहां पर वह काम करता था, वह लोग स्मैक का नशा करते थे।

इसके बाद उसे भी धीरे-धीरे स्मैक की लत गई। इसके बाद परिजन उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। जांच के बाद कई महीने इलाज चला। इसके बाद 14 अगस्त 2025 को जिला अस्पताल परिसर स्थित नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती किया। करीब एक महीने काउंसिलिंग की गई। अब वह नशे से दूर है और अच्छे से हौजरी का काम कर रहा है।

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पिता की मौत के बाद हुआ एहसास, छोड़ दिया नशा
बेहट निवासी अंकुर (काल्पनिक नाम) ने रिकवरी एजेंट का काम करता है। एमटेक किया है। दोस्तों के साथ रहते समय स्मैक की लत लगी। इससे पहले बीडी-सिगरेट का ही नशा करता था। वह करीब 2018 से स्मैक पी रहा था।

2022 में जिला अस्पताल की ओपीडी में इलाज के लिए पहुंचा। इसके बाद ही दवा लेने के साथ नशा करता रहा। चिकित्सक ने देखा कि नशे की लत नहीं जा रही। इसके बाद 13 नवंबर 2025 को नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती किया। एक महीने तक काउंसिलिंग हुई। इसी बीच उनके पिता की मौत हो गई। तब जाकर एहसास हुआ कि नशा की लत बुरी है। इसके बाद संकल्प लिया कि वह कभी नशा नहीं करेगा।

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काउंसिलिंग हुई तो हुई दंपती में सुलह
पुलिस लाइन परिसर में महिला परिवार परामर्श केंद्र संचालित है। बिहारीगढ़ क्षेत्र के रहने वाले युवक की शादी 2023 में हरिद्वार निवासी युवती से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद परिवार को लेकर अनबन होने लगी।

पत्नी ने कहा कि वह परिवार से अलग रहेगी और हरिद्वार में अपना मकान बनवा लो। मामला थाने तक पहुंचा। महिला परिवार परामर्श केंद्र में दंपती की काउंसिलिंग हुई। तीन से चार बार काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया। इसके बाद दोनों के बीच सुलह-समझौता हुआ। दंपती साथ रह रहे हैं।

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