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कोरोना की दूसरी लहर में गुम हो गई नई शिक्षा नीति

Tue, 01 Jun 2021 11:40 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Tue, 01 Jun 2021 11:40 PM IST
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New education policy got lost in the second wave of Corona
सहारनपुर। एक अप्रैल से नई शिक्षा नीति लागू होनी थी, मगर कोरोना की दूसरी लहर में शिक्षा नीति लागू नहीं हो पाई। माध्यमिक विद्यालयों में बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई पुराने ढर्रे पर चल रही है। परिषदीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में सब कुछ बंद है। बेसिक शिक्षा विभाग के पास नई शिक्षा नीति का कोई आदेश ही नहीं पहुंचा है। हालांकि अधिकारी पूर्व के आदेश पर काफी काम कर लिए जाने की बात कह रहे हैं।
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- स्कूली शिक्षा
नई शिक्षा नीति में 10+2 पर आधारित स्कूली शिक्षा प्रणाली को 5+3+3+4 के रूप में बदला गया है। जिसमें तीन से 18 वर्ष की आयु वाले बच्चों को शामिल करने की बात कही गई है। पहले पांच साल का बच्चा प्री स्कूल, कक्षा एक और दो में पढ़ेगा। इसके बाद आठ साल से 11 साल की उम्र में आगे की तीन कक्षा यानी कक्षा-तीन, चार और पांच की पढ़ाई होगी। 11 से 14 साल की उम्र में बच्चा कक्षा छह, सात और आठ की पढ़ाई करेगा। 14 से 18 साल की उम्र में छात्र नौवीं से 12वीं तक की पढ़ाई कर सकेंगे। यह 9वीं से 12वीं तक की पढ़ाई बोर्ड आधारित होगी। कक्षा एक से पांच तक की शिक्षा मातृभाषा और स्थानीय भाषा में कराना खास बिंदू है। नीति बनाने वालों का मानना है कि बच्चे अपनी मूल भाषा में चीजों को सरलता से समझ सकते हैं। शिक्षा का अधिकार कानून का दायरा बढ़ाया गया है। पहले छह से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा थी, उसे अब तीन से 18 वर्ष किया गया है। बच्चों के लिए प्राथमिक, माध्यमिक और उत्तर माध्यमिक शिक्षा अनिवार्य हो गई है। शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है। बच्चों की शारीरिक शिक्षा जैसे खेलकूद, योग, नृत्य, मार्शल आर्ट पर जोर देने की बात कही गई है।
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-- उच्च शिक्षा
स्नातक पाठ्यक्रम में मल्टीपल एंट्री एंड एक्जिट व्यवस्था को अपनाया गया है। इसके तहत तीन या चार वर्ष के स्नातक पाठ्यक्रम में छात्र कई स्तरों पर पाठ्यक्रम को छोड़ सकेंगे और उन्हें उसी के अनुरूप डिग्री या प्रमाण पत्र दिया जाएगा। एक वर्ष के बाद प्रमाण पत्र, दो वर्ष के बाद एडवांस डिप्लोमा, तीन वर्ष के बाद स्नातक की डिग्री, चार वर्ष के बाद शोध के साथ स्नातक की डिग्री मिलेगी। नई शिक्षा नीति के तहत एम फिल को समाप्त करने की बात कही गई है।
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-- वर्जन
एक अप्रैल 2020 से नई शिक्षा नीति लागू होनी थी। फिलहाल नई शिक्षा नीति को लेकर कोई आदेश शासन से नहीं मिला है।
-- रमेंद्र कुमार सिंह, बीएसए।
------ वर्जन
कोरोना की दूसरी लहर की वजह से नई शिक्षा नीति पर काम नहीं हो सका है। साथ ही शासन स्तर से भी कोई नया आदेश नई शिक्षा नीति को लेकर नहीं आया है।
-- डॉ. अरुण कुमार दूबे, डीआईओएस।
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नई शिक्षा नीति को लेकर देश के विश्वविद्यालयों में तैयारियां चल रही हैं। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय भी इस पर काम कर रहा है। आगामी दिनों में आने वाले स्नातक प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों की पढ़ाई नई शिक्षा नीति के तहत ही होगी।
-- डॉ. वकुल बंसल, प्राचार्य, जेवी जैन कॉलेज।
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