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पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बैंच, अधिवक्ताओं को सुरक्षा और पेंशन हैं प्रमुख मुद्दें

Sun, 16 Jan 2022 12:18 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 16 Jan 2022 12:18 AM IST
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Need High Court Bench in Western UP
कपिल राणा - फोटो : SAHARANPUR
पश्चिमी यूपी में चाहिए हाईकोर्ट बेंच
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सहारनपुर। फिजा में चुनावी शोर घुल चुका है। अधिकतर राजनीतिक दलों द्वारा प्रत्याशियों की घोषणा कर दी गई है। ऐसे में मतदाताओं के बीच दल और चुनावी मुद्दों को लेकर चर्चा भी तेज हो गई है। अधिवक्ताओं से जब उनके मुद्दों के बारे में बात की गई तो पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की बेंच, तहसील स्तर पर दीवानी न्यायालयों की स्थापना, अधिवक्ताओं के लिए पेंशन, दुर्घटना में मौत पर आर्थिक मदद को एजेंडे में रखने वाले दलों को प्राथमिकता सामने आई।
बेहट बार एसोसिएशन के महासचिव मुकेश कुमार सैनी का कहना है कि प्रदेश में ऐसी सरकार बननी चाहिए जो धर्म एवं जाति से ऊपर उठकर विकास के लिए काम करे। राजनीतिक दलों के एजेंडे में पश्चिमी उत्तरप्रदेश में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना होनी चाहिए, जिससे जनता को सस्ता एवं सुलभ न्याय मिलेगा। अधिवक्ताओं के हितों की पैरवी करने वाले दल को प्राथमिकता दी जाएगी।
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नानौता निवासी अधिवक्ता राव इकबाल अहमद का कहना है कि पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना, अधिवक्ताओं के हितों के लिए कल्याणकारी योजनाओं को लागू करने के साथ ही साठ वर्ष से अधिक उम्र के अधिवक्ताओं के लिए पेंशन तथा निशुल्क मेडिकल की सुविधा उपलब्ध कराना प्रमुख मुद्दा हैं। जो भी प्रत्याशी या राजनीतिक दल इन्हें मुखर होकर विधानसभा में उठाने का भरोसा दिलाएगा, उनका वोट उसी को जाएगा।
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सहारनपुर बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष अभय सैनी का कहना है कि पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना हो। जिला मुख्यालय पर प्रेक्टिस करने वाले अधिवक्ताओं में से भी जजों की नियुक्ति की जाए। तहसील स्तर पर दीवानी न्यायालयों की स्थापना की जाए। अधिवक्ता सुरक्षा कानून भी प्रदेश में लागू होना चाहिए। नए अधिवक्ताओं को चैंबर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
गंगोह के अधिवक्ता चौधरी नसीम का कहना है कि दुर्घटना में मौत पर बीस लाख रुपये का मुआवजा उपलब्ध कराने के साथ ही साठ वर्ष की आयु पूरी होने पर पेंशन का प्रावधान किया जाए। उनका कहना था कि पश्चिमी यूपी में बेंच की स्थापना इस चुनाव में अधिवक्ताओं का प्रमुख मुद्दा रहेगा।
जिला सत्र न्यायालय सहारनपुर में अधिवक्ता सरसावा निवासी अमन शर्मा का कहना है कि आमजन हो अथवा कोई विशिष्ट व्यक्ति, सुरक्षा एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर प्रदेश सरकार खरी उतरी है। हालांकि न्यायालय में अपराधियों द्वारा वारदातों के अनेक मामले सामने आए हैं, जो चिंता का विषय है। सरकार को न्यायालयों की सुरक्षा पर और अधिक ध्यान देना चाहिए। सरकार से अपेक्षा है कि जल्दी पश्चिम उत्तर प्रदेश में हाई कोर्ट की बेंच की स्थापना हो जिससे अधिवक्ताओं के साथ आमजन को भी न्याय सुलभ एवं कम खर्च में मिलने का रास्ता साफ हो।

देवबंद के युवा अधिवक्ता कपिल राणा का कहना है कि वह ऐसे दल को वोट देंगे, जो युवाओं के हित के लिए कार्य करे तथा युवा अधिवक्ता को उसकी वकालत के संघर्ष के दिनों में मासिक भत्ता दे। कहा कि अदालतों में सुरक्षित माहौल, पर्याप्त संख्या में जजों की नियुक्ति और तहसील स्तर पर दीवानी न्यायालयों की स्थापना प्रमुख मुद्दे हैं।

अमन शर्मा

अमन शर्मा- फोटो : SAHARANPUR

चौधरी नसीम

चौधरी नसीम- फोटो : SAHARANPUR

अभय सैनी

अभय सैनी- फोटो : SAHARANPUR

राव इकबाल

राव इकबाल- फोटो : SAHARANPUR

मुकेश सैनी

मुकेश सैनी- फोटो : SAHARANPUR

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