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सहारनपुर: तीन पीसीएस अधिकारियों की समिति कर रही नजूल की संपत्तियों का सर्वे
Sat, 18 Feb 2023 06:23 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Sat, 18 Feb 2023 06:23 PM IST
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सहारनपुर। नजूल की संपत्तियों को बचाने में नगर निगम के अधिकारी नाकाम साबित हो रहे हैं। ऐसे में जिला प्रशासन को आगे आना पड़ा है। जिलाधिकारी द्वारा तीन पीसीएस अधिकारियों की एक समिति गठित की गई है, जो महानगर में नजूल की संपत्तियों का चिह्नांकन कर रही है। जिला प्रशासन के इस कदम से नजूल की संपत्तियों पर अवैध रूप से काबिज और भवनों का स्वरूप बदलने वाले आवंटियों में खलबली है।
शहर में नजूल की करीब 2,56,000 (दो लाख 56 हजार) वर्ग मीटर भूमि है। इसमें ज्यादातर जमीन घंटाघर से रेलवे रोड पर और घंटाघर से कोर्ट रोड पर है। उक्त दोनों मार्गों पर बड़ी संख्या में दुकानें और मकान बने हुए हैं। नेहरू मार्केट में भी नजूल की संपत्ति है। निगम के अधिकारी के अनुसार दोनों जगहों पर कुछ संपत्तियां पूर्व में फ्री होल्ड कराई जा चुकी हैं। इनके अलावा 50,000 वर्ग मीटर भूमि धोबीवाला में है, जिस पर तालाब है। यहां भी तालाब के चारों ओर कब्जे हो चुके हैं।
नियमानुसार नजूल की किसी भी संपत्ति या भवन का स्वरूप नगर निगम की अनुमति के बिना नहीं बदला जा सकता है, लेकिन कोर्ट रोड और रेलवे रोड पर बनी दुकानोंं में से कइयों को तोड़कर आवंटियों ने शोरूम बना लिए हैं। इसके अलावा खाली पड़ी नजूल की भूमियों पर भी नए निर्माण हो गए हैं।
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अब जिला प्रशासन के हरकत में आने के बाद से संबंधित लोगों में खलबली है। जिलाधिकारी द्वारा गठित की गई समिति में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश मिश्र, एसडीएम सदर किंशुक श्रीवास्तव और अपर नगर आयुक्त राजेेश यादव शामिल हैं।
-नजूल की संपत्तियों को चिह्नांकन के लिए डीएम द्वारा तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें मेरे अलावा एसडीएम सदर और अपर नगर आयुक्त शामिल हैं। समिति ने नजूल की संपत्तियों के चिह्नांकन का कार्य शुरू कर दिया है। समिति अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। जो भी कार्रवाई होगी वह जिलाधिकारी के ही स्तर से होगी।
रजनीश मिश्र, अपर जिलाधिकारी- वित्त एवं राजस्व।
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शहर में नजूल की करीब 2,56,000 (दो लाख 56 हजार) वर्ग मीटर भूमि है। इसमें ज्यादातर जमीन घंटाघर से रेलवे रोड पर और घंटाघर से कोर्ट रोड पर है। उक्त दोनों मार्गों पर बड़ी संख्या में दुकानें और मकान बने हुए हैं। नेहरू मार्केट में भी नजूल की संपत्ति है। निगम के अधिकारी के अनुसार दोनों जगहों पर कुछ संपत्तियां पूर्व में फ्री होल्ड कराई जा चुकी हैं। इनके अलावा 50,000 वर्ग मीटर भूमि धोबीवाला में है, जिस पर तालाब है। यहां भी तालाब के चारों ओर कब्जे हो चुके हैं।
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नियमानुसार नजूल की किसी भी संपत्ति या भवन का स्वरूप नगर निगम की अनुमति के बिना नहीं बदला जा सकता है, लेकिन कोर्ट रोड और रेलवे रोड पर बनी दुकानोंं में से कइयों को तोड़कर आवंटियों ने शोरूम बना लिए हैं। इसके अलावा खाली पड़ी नजूल की भूमियों पर भी नए निर्माण हो गए हैं।
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अब जिला प्रशासन के हरकत में आने के बाद से संबंधित लोगों में खलबली है। जिलाधिकारी द्वारा गठित की गई समिति में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश मिश्र, एसडीएम सदर किंशुक श्रीवास्तव और अपर नगर आयुक्त राजेेश यादव शामिल हैं।
-नजूल की संपत्तियों को चिह्नांकन के लिए डीएम द्वारा तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जिसमें मेरे अलावा एसडीएम सदर और अपर नगर आयुक्त शामिल हैं। समिति ने नजूल की संपत्तियों के चिह्नांकन का कार्य शुरू कर दिया है। समिति अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। जो भी कार्रवाई होगी वह जिलाधिकारी के ही स्तर से होगी।
रजनीश मिश्र, अपर जिलाधिकारी- वित्त एवं राजस्व।