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Saharanpur News: विद्युत निगम की लापरवाही से मेरी बेटी की जान गई
Fri, 22 Nov 2024 01:17 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Fri, 22 Nov 2024 01:17 AM IST
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सहारनपुर। नगर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बड़तला यादगार में एक दिन पहले 13 साल की किशोरी आध्या जिंदा जल गई थी। इस मामले में पीड़ित परिजनों ने विद्युत निगम को जिम्मेदार ठहराया है। मृतका के पिता ने कहा कि विद्युत निगम की लापरवाही के चलते उसकी बेटी की मौत हुई है।
एक दिन पहले मोहल्ला बड़तला यादगार में अवनीश जैन के मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इसमें 13 साल की आध्या जिंदा जल गई थी, जो दिव्यांग थी। घटना के बाद महापौर अजय कुमार, विधायक राजीव गुंबर, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा समेत सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार घर पहुंचे थे। बेटी की मौत से मां निधि जैन बार-बार बेहोश हो रही थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि कई दिनों से मोहल्ले में हाई-लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है, लेकिन विद्युत निगम ने कोई सुध नहीं ली। इसी वजह से शॉर्ट सर्किट हुआ। मृतका के पिता अवनीश जैन का कहना है कि विद्युत निगम पहले ही सुध ले लेता तो शायद उसकी बेटी की जान बच जाती, लेकिन लापरवाही की हद होती है। हादसे के बाद भी विद्युत निगम से कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा।
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बुखार आने के बाद नहीं हुई ठीक
पिता अवनीश जैन ने बताया कि जब आध्या दो महीने की थी, तब उसे बुखार आया था। शहर में बाजोरिया रोड स्थित एक बाल रोग विशेषज्ञ के यहां इलाज चला। उसके बाद दिल्ली और देहरादून में भी इलाज कराया। देहरादून के एक अस्पताल में खाना खिलाने के लिए पेट का ऑपरेशन हुआ था। समय-समय पर जांच होती रहती थी, लेकिन मानसिक रूप से ग्रोथ नहीं कर पा रही थी। बेटी की स्वास्थ्य कामना के लिए हर महीने धार्मिक आयोजन भी करते थे।
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एक दिन पहले मोहल्ला बड़तला यादगार में अवनीश जैन के मकान में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई थी। इसमें 13 साल की आध्या जिंदा जल गई थी, जो दिव्यांग थी। घटना के बाद महापौर अजय कुमार, विधायक राजीव गुंबर, पूर्व सांसद राघव लखनपाल शर्मा समेत सिटी मजिस्ट्रेट गजेंद्र कुमार घर पहुंचे थे। बेटी की मौत से मां निधि जैन बार-बार बेहोश हो रही थी। स्थानीय लोगों का कहना था कि कई दिनों से मोहल्ले में हाई-लो वोल्टेज की समस्या बनी हुई है, लेकिन विद्युत निगम ने कोई सुध नहीं ली। इसी वजह से शॉर्ट सर्किट हुआ। मृतका के पिता अवनीश जैन का कहना है कि विद्युत निगम पहले ही सुध ले लेता तो शायद उसकी बेटी की जान बच जाती, लेकिन लापरवाही की हद होती है। हादसे के बाद भी विद्युत निगम से कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचा।
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बुखार आने के बाद नहीं हुई ठीक
पिता अवनीश जैन ने बताया कि जब आध्या दो महीने की थी, तब उसे बुखार आया था। शहर में बाजोरिया रोड स्थित एक बाल रोग विशेषज्ञ के यहां इलाज चला। उसके बाद दिल्ली और देहरादून में भी इलाज कराया। देहरादून के एक अस्पताल में खाना खिलाने के लिए पेट का ऑपरेशन हुआ था। समय-समय पर जांच होती रहती थी, लेकिन मानसिक रूप से ग्रोथ नहीं कर पा रही थी। बेटी की स्वास्थ्य कामना के लिए हर महीने धार्मिक आयोजन भी करते थे।
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