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वसीम रिजवी के खिलाफ मुस्लिमों में गुस्सा, देवबंदी उलमा बोले- देश में फैला रहे अराजकता

Sat, 13 Mar 2021 11:59 PM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर Published by: कपिल kapil Updated Sat, 13 Mar 2021 11:59 PM IST
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Muslims is angry against Wasim Rizvi and Deobandi Ulama says should be taken action
मौलाना मुफ्ती असद कासमी - फोटो : अमर उजाला

शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिजवी के कुरआन की 26 आयतों को हटाए जाने संबंधी अदालत में दायर की गई याचिका को लेकर उलमा और मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने कड़ी नाराजगी जताई है। उलमा का कहना है कि रिजवी की घटिया मानसिकता से दुनिया भर के मुसलमानों की भावनाएं आहत हुई हैं। इसलिए उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। 

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सहारनपुर में जमीयत दावतुल मुसलीमीन के संरक्षक व प्रसिद्ध आलिम-ए-दीन मौलाना कारी इस्हाक गोरा ने कहा कि वसीम रिजवी हमेशा विवादित बयान देने के साथ ही इस प्रकार के कार्य करते हैं, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है। ताजा मामले को लेकर उनके बयान की चारों तरफ आलोचना हो रही है। उन्होंने कहा कि कुरआन एक आसमानी किताब है जिसमें एक शब्द न हटाया जा सकता है न ही जोड़ा जा सकता है। 
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मदरसा जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती असद कासमी का कहना है कि वसीम रिजवी अपने आकाओं को खुश करने और पुराने मामलों में जेल में जाने से बचने के लिए मुल्क का माहौल खराब करने वाले काम कर रहे हैं। 
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यह भी पढ़ें: शहर से गांव तक विरोधः भाजपा नेताओं की बढ़ी मुश्किल, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान को काले झंडे दिखाने पहुंचे किसान हिरासत में

देवबंद मोमिन कांफ्रेंस के अध्यक्ष मो. नसीम अंसारी ने कहा कि कुरआन से 26 आयतों को हटाए जाने की याचिका दायर करना पागलपन है। कुरआन इस्लाम धर्म का आधार है और मुसलमानों की इसमें पूरी आस्था है। इसके ऊपर यकीन न करने वाला मुसलमान नहीं हो सकता। अंसारी ने याचिका को स्वीकार न करने और रिजवी पर सौ करोड़ रुपये का हर्जाना लगाने की मांग की है। 


कुरान अल्लाह की मुकद्दस किताब
इस्लामिक शिक्षण संस्था दारुल उलूम के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि हम उस इस्लाम दुश्मन नापाक शख्स का नाम लेना भी पसंद नहीं करते है, जिसने कुरान-ए-करीम से आयतें हटाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

शनिवार को जारी बयान में मोहतमिम मौलाना मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि कुरान-ए-करीम अमन, इंसानियत का संदेश देता है और पूरी दुनिया का सच्चा और सही मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि कुरान अल्लाह की मुकद्दस किताब है, इसमें आज तक कोई न हुआ और न ही कभी होगा। मोहतमिम ने कहा भारत सरकार को ऐसे शख्स के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए।

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