{"_id":"6154bb3d8ebc3ef8c3794d2a","slug":"muslim-artists-will-fill-the-colors-of-communal-harmony-in-ramlila-saharanpur-news-mrt5584838173","type":"story","status":"publish","title_hn":"रामलीला में सांप्रदायिक सौहार्द के रंग भरेंगे मुस्लिम कलाकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रामलीला में सांप्रदायिक सौहार्द के रंग भरेंगे मुस्लिम कलाकार
विज्ञापन
सहारनपुर। रामलीला में मुस्लिम कलाकार कई पात्रों का किरदार निभाकर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश करेंगे, जो दर्शकों के बीच अमिट छाप छोड़ेंगे।
भारतीय कला संगम श्री रामलीला सभा के संचालक सुरेंद्र मोघा व निर्देशक बब्बर जंग गुरुंग ने बताया कि उनके यहां चार मुस्लिम कलाकार रामलीला मंचन में अभिनय करते हैं। शुक्रवार उनके यहां रामलीला का मंचन शुरू हो जाएगा। गोविंनगर निवासी समीर व मोहम्मद दिलशाद मंच से दर्शकों के बीच अमिट छाप छोड़ेंगे। दिलशाद ने बताया कि ड्रेस की व्यवस्था संभालने के साथ ही वह राम व रावण की सेना में अलग-अलग किरदार करते हैं। उन्होंने सुबाहू, मारीच, जामवंत और नारद का किरदार भी किया है। कई वर्षों से रामलीला से जुड़े हैं और सभी धर्मों को एक समान मानते हैं। मंचन से उनका परिवार भी खुश होता है। इसी तरह मोहम्मद समीर भी अलग-अलग किरदारों में दिखेंगे। वह नारद, बाणासुर, राम-रावण की सेना में अलग-अलग किरदार करेंगे। इसके अलावा 12 वर्षीय जुड़वा भाई मोहम्मद शाह नजर और मोहम्मद अजहर भी मंच पर दिखेंगे, जो लक्ष्मण और मेघनाद युद्ध के दौरान छोटे लक्ष्मण व मेघनाद का रोल करेंगे। मंचन को लेकर उनमें उत्साह है।
पुतले बनाने में भी निभाते हैं अहम भूमिका
दशहरा महोत्व पर ज्यादातर मुस्लिम कारीगर ही रावण, मेघनाद और कुंभकरण का पुतला बनाते हैं। रेलवे यूथ सोशल क्लब के प्रधान सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू ने बताया कि उनके यहां मुस्लिम कारीगर दशहरा महोत्सव में तीन पुतले तैयार करेंगे। इस तरह अन्य रामलीलाओं में भी पुतला बनाने वालों मुस्लिम कारीगर ज्यादा हैं।
विज्ञापन
भारतीय कला संगम श्री रामलीला सभा के संचालक सुरेंद्र मोघा व निर्देशक बब्बर जंग गुरुंग ने बताया कि उनके यहां चार मुस्लिम कलाकार रामलीला मंचन में अभिनय करते हैं। शुक्रवार उनके यहां रामलीला का मंचन शुरू हो जाएगा। गोविंनगर निवासी समीर व मोहम्मद दिलशाद मंच से दर्शकों के बीच अमिट छाप छोड़ेंगे। दिलशाद ने बताया कि ड्रेस की व्यवस्था संभालने के साथ ही वह राम व रावण की सेना में अलग-अलग किरदार करते हैं। उन्होंने सुबाहू, मारीच, जामवंत और नारद का किरदार भी किया है। कई वर्षों से रामलीला से जुड़े हैं और सभी धर्मों को एक समान मानते हैं। मंचन से उनका परिवार भी खुश होता है। इसी तरह मोहम्मद समीर भी अलग-अलग किरदारों में दिखेंगे। वह नारद, बाणासुर, राम-रावण की सेना में अलग-अलग किरदार करेंगे। इसके अलावा 12 वर्षीय जुड़वा भाई मोहम्मद शाह नजर और मोहम्मद अजहर भी मंच पर दिखेंगे, जो लक्ष्मण और मेघनाद युद्ध के दौरान छोटे लक्ष्मण व मेघनाद का रोल करेंगे। मंचन को लेकर उनमें उत्साह है।
पुतले बनाने में भी निभाते हैं अहम भूमिका
दशहरा महोत्व पर ज्यादातर मुस्लिम कारीगर ही रावण, मेघनाद और कुंभकरण का पुतला बनाते हैं। रेलवे यूथ सोशल क्लब के प्रधान सरदार चंद्रजीत सिंह निक्कू ने बताया कि उनके यहां मुस्लिम कारीगर दशहरा महोत्सव में तीन पुतले तैयार करेंगे। इस तरह अन्य रामलीलाओं में भी पुतला बनाने वालों मुस्लिम कारीगर ज्यादा हैं।
विज्ञापन