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शास्त्रीय संगीत भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा
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शास्त्रीय संगीत भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा
फोटो संख्या 13
संवाद न्यूज एजेंसी
सरसावा। स्पिक मैके की ओर से केंद्रीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को शास्त्रीय संगीत की विशेषताओं और परंपराओं के बारे में बताया गया।
बृहस्पतिवार को वायुसेना अवस्थान में स्थित केंद्रीय विद्यालय में स्पिक मैके द्वारा भारत की पुरातन संस्कृति से अवगत कराया गया। नृत्यांगना डॉ. दीप्ति ओमचारी भल्ला ने केरल के प्रसिद्ध लोकनृत्य मोहिनी अट्टम के स्टेप्स बताए। गीता कुमारी ने मोहिनी अट्टम नृत्य के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है। इसके बिना हमारी संस्कृति अधूरी है। इस नृत्य विधा में भाव भंगिमाएं महत्वपूर्ण होती हैं। बच्चों को ऐसी विधाएं सीखकर भारतीय संस्कृति के विकास में सहयोग करना चाहिए। इस मौके पर साथी कलाकार सतीश, मालविका अजी कुमार ने भी मोहिनी अट्टम के विषय में जानकारी साझा की। विद्यालय की प्रधानाचार्या कविता सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
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फोटो संख्या 13
संवाद न्यूज एजेंसी
सरसावा। स्पिक मैके की ओर से केंद्रीय विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में बच्चों को शास्त्रीय संगीत की विशेषताओं और परंपराओं के बारे में बताया गया।
बृहस्पतिवार को वायुसेना अवस्थान में स्थित केंद्रीय विद्यालय में स्पिक मैके द्वारा भारत की पुरातन संस्कृति से अवगत कराया गया। नृत्यांगना डॉ. दीप्ति ओमचारी भल्ला ने केरल के प्रसिद्ध लोकनृत्य मोहिनी अट्टम के स्टेप्स बताए। गीता कुमारी ने मोहिनी अट्टम नृत्य के इतिहास की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि शास्त्रीय संगीत भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा है। इसके बिना हमारी संस्कृति अधूरी है। इस नृत्य विधा में भाव भंगिमाएं महत्वपूर्ण होती हैं। बच्चों को ऐसी विधाएं सीखकर भारतीय संस्कृति के विकास में सहयोग करना चाहिए। इस मौके पर साथी कलाकार सतीश, मालविका अजी कुमार ने भी मोहिनी अट्टम के विषय में जानकारी साझा की। विद्यालय की प्रधानाचार्या कविता सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा।