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जापानी तकनीक से मियावाकी वन तैयार कराएगा नगर निगम
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सैटेलाइट से रायवाला नगर निगम भूमि की करायी गयी टोपोग्राफी (मियावाकी फोरेस्ट कंटूर मैप )
- फोटो : SAHARANPUR
सहारनपुर। जल शक्ति अभियान के तहत नगर निगम द्वार महानगर में जापानी तकनीक से दस मियावाकी वन तैयार किए जाएंगे। शहर के मध्य स्थित रायवाला में खाली पड़ी 65 बीघा भूमि पर काम शुरू भी कर दिया गया है। प्रत्येक मियावाकी वन में करीब 15 हजार पौधे, झाड़ियों, लताओं व बूटियों का रोपण किया जाएगा।
नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि नगर निगम जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण व लोगों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के लिए महानगर में 10 मियावाकी वन तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि मियावाकी वन के लिए शहर के मध्य स्थित रायवाला में नगर निगम की भूमि को चिह्नित कर कार्य शुरू कर दिया गया है। मियावाकी वन हमारे ‘ग्रीन सहारनपुर-क्लीन सहारनपुर’ के सपने को साकार करने में भी मददगार होंगे।
नगरायुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के मुताबिक रायवाला के इस मियावाकी वन को थीम पार्क का रूप दिया जाएगा और इसमें जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण से संबंधित छोटे-छोटे मॉडल बनाए जाएंगे। जल संरक्षण के प्रशिक्षण के लिए देशभर से प्रशिक्षार्थी यहां आकर प्रशिक्षण ले सकेंगे। स्थानीय नागरिक व छात्र भी यहां विभिन्न विधियों के प्रैक्टिकल मॉडल देखकर देश हित के इस कार्य में अपना सहयोग दे सकेंगे। उन्होंने बताया कि एक मियावाकी वन में करीब 15 हजार वृक्ष, झाड़ियों, लताओं व बूटियों का रोपण किया जाएगा। इसके लिए हिमालयन इंस्टीट्यूट फॉर इकोलॉजी एंवायरमेंट एडं डेवलपमेंट देहरादून, जल संसाधन समूह 2030 नई दिल्ली, ग्रीन इंडिया कार्पोरेशन व सेंटर फॉर वाटर पीस आदि संस्थाओं के वैज्ञानिकों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ ने बताया कि उक्त 65 बीघा भूमि में कहां कितना पानी है और कहां कम पानी है। इसकी जानकारी के लिए सैटेलाइट से टोपोग्राफी कराई गई है, जिससे कि उसी के अनुसार पौधरोपण किया जा सके।
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क्या है मियावाकी थीम
मियावाकी एक जापानी वनीकरण विधि है। इसमें पौधों को कम दूरी पर लगाया जाता है, जिसमें पौधे ऊपर की ओर से सूर्य का प्रकाश प्राप्त कर बराबर की तुलना में ऊपर की ओर वृद्धि करते हैं। इस पद्धति से सीमित संसाधनों में पौधरोपण कर तीव्रता से हरियाली बढ़ाई जा सकती है।
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नगरायुक्त ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि नगर निगम जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण व लोगों को स्वच्छ हवा उपलब्ध कराने के लिए महानगर में 10 मियावाकी वन तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि मियावाकी वन के लिए शहर के मध्य स्थित रायवाला में नगर निगम की भूमि को चिह्नित कर कार्य शुरू कर दिया गया है। मियावाकी वन हमारे ‘ग्रीन सहारनपुर-क्लीन सहारनपुर’ के सपने को साकार करने में भी मददगार होंगे।
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नगरायुक्त ने बताया कि केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के मुताबिक रायवाला के इस मियावाकी वन को थीम पार्क का रूप दिया जाएगा और इसमें जल संरक्षण, जैव विविधता संरक्षण से संबंधित छोटे-छोटे मॉडल बनाए जाएंगे। जल संरक्षण के प्रशिक्षण के लिए देशभर से प्रशिक्षार्थी यहां आकर प्रशिक्षण ले सकेंगे। स्थानीय नागरिक व छात्र भी यहां विभिन्न विधियों के प्रैक्टिकल मॉडल देखकर देश हित के इस कार्य में अपना सहयोग दे सकेंगे। उन्होंने बताया कि एक मियावाकी वन में करीब 15 हजार वृक्ष, झाड़ियों, लताओं व बूटियों का रोपण किया जाएगा। इसके लिए हिमालयन इंस्टीट्यूट फॉर इकोलॉजी एंवायरमेंट एडं डेवलपमेंट देहरादून, जल संसाधन समूह 2030 नई दिल्ली, ग्रीन इंडिया कार्पोरेशन व सेंटर फॉर वाटर पीस आदि संस्थाओं के वैज्ञानिकों का सक्रिय सहयोग लिया जा रहा है। पर्यावरण प्लानर डॉ. उमर सैफ ने बताया कि उक्त 65 बीघा भूमि में कहां कितना पानी है और कहां कम पानी है। इसकी जानकारी के लिए सैटेलाइट से टोपोग्राफी कराई गई है, जिससे कि उसी के अनुसार पौधरोपण किया जा सके।
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क्या है मियावाकी थीम
मियावाकी एक जापानी वनीकरण विधि है। इसमें पौधों को कम दूरी पर लगाया जाता है, जिसमें पौधे ऊपर की ओर से सूर्य का प्रकाश प्राप्त कर बराबर की तुलना में ऊपर की ओर वृद्धि करते हैं। इस पद्धति से सीमित संसाधनों में पौधरोपण कर तीव्रता से हरियाली बढ़ाई जा सकती है।