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सेटेलाइट से हो रही पराली जलाने वालों की निगरानी
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-पराली जलाने की घटनाएं होने पर संबंधित अधिकारियों की होगी जिम्मेदारी तय
-किसानों को बताएं वैकल्पिक उपाय
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद में पराली जलाने वालों की सेटेलाइट से निगरानी हो रही है। पराली जलाने की घटनाएं आने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। किसानों को वैकल्पिक उपाय बताया जाएगा।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने पराली एवं गन्ने की पाती के प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि पराली जलाने संबंधित घटनाएं जनपद में न हों, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पराली जलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल जांच कर जुर्माना वसूला जाए।
डीएम ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि फसलों के अवशेष जलाये जाने पर प्रभावी रोकथाम के लिए समस्त क्षेत्रीय स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित कराई जाए, साथ ही ग्राम प्रधानों, कृषक संगठनों से संवाद स्थापित करके उन्हें फसलों के अवशेष जलाने से मिट्टी, जलवायु एवं मानव स्वास्थ्य पर होने वाले कुप्रभाव के प्रति जागरूक करें। अधिकारी पराली जलाने वालों को वैकल्पिक उपायों के बारे में अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए।
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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश कुमार मिश्र, उप कृषि निदेशक राकेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव कुमार सक्सेना, सभी एसडीएम आदि मौजूद रहे।
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-किसानों को बताएं वैकल्पिक उपाय
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। जनपद में पराली जलाने वालों की सेटेलाइट से निगरानी हो रही है। पराली जलाने की घटनाएं आने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। किसानों को वैकल्पिक उपाय बताया जाएगा।
बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने पराली एवं गन्ने की पाती के प्रबंधन को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कहा कि पराली जलाने संबंधित घटनाएं जनपद में न हों, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। पराली जलाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए। जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल जांच कर जुर्माना वसूला जाए।
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डीएम ने संबंधित अधिकारियों से कहा कि फसलों के अवशेष जलाये जाने पर प्रभावी रोकथाम के लिए समस्त क्षेत्रीय स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित कराई जाए, साथ ही ग्राम प्रधानों, कृषक संगठनों से संवाद स्थापित करके उन्हें फसलों के अवशेष जलाने से मिट्टी, जलवायु एवं मानव स्वास्थ्य पर होने वाले कुप्रभाव के प्रति जागरूक करें। अधिकारी पराली जलाने वालों को वैकल्पिक उपायों के बारे में अनिवार्य रूप से अवगत कराया जाए।
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बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विजय कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश कुमार मिश्र, उप कृषि निदेशक राकेश कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी आलोक शर्मा, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव कुमार सक्सेना, सभी एसडीएम आदि मौजूद रहे।