सहारनपुर। खनिज अभिवहन पर लगाई गई रोक को निरस्त करने और बंद रास्ते खुलवाने आदि मांगों को लेकर हरियाणा के खनन कारोबारियों ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश कुमार मिश्र को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने कहा कि वे हरियाणा से तमाम प्रपत्रों के साथ खनिज का परिवहन करते हैं। इसके बावजूद उनके लिए रास्तों को बंद कर दिया गया है।
मंगलवार को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने कहा कि वे खनिज पर रायल्टी देने के साथ जीएसटी का भी भुगतान करते हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा से लाकर वे अपना माल उचित दरों पर बेचते हैं, साथ ही वे मुख्य मार्गों से खनिज का अभिवहन भी करते हैं। खनिज से लदे वाहनों के सभी कागजात भी पूरे होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में दूसरे राज्यों से आने वाले खनिज से गैर कानूनी शुल्क भी यूपी सीमा में प्रवेश करने से पहले ही वसूला जाता है। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी हरियाणा से आने वाले खनिज से भरे वाहनों को रोक दिया गया है। इससे उत्तर प्रदेश सरकार को राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन करने वालों को अनदेखा किया जा रहा है। हरियाणा के कारोबारियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बाहर से खनिज नहीं आने से रेत, बजरी आदि के रेट बढ़ गए हैं। जिसका नुकसान आम आदमी को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने बंद रास्तों को खोलने की मांग की। इस दौरान विपिन गुर्जर, सलीम सैफी, रवित चौधरी, सुमत, राजकुमार, जगराम, जावेद, आसिफ, अदनान, दानिश, जाबिर, जमशेद आदि मौजूद रहे।