फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Saharanpur News ›   Millions of tons of gunpowder gathered in Saharanpur

सहारनपुर में इकट्ठा हो गया लाखों टन बारूद

Fri, 13 Oct 2017 12:44 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर Updated Fri, 13 Oct 2017 12:44 AM IST
विज्ञापन
Millions of tons of gunpowder gathered in Saharanpur
पटाखे
सहारनपुर में घनी आबादी वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर एकत्र बारूद किसी भी दिन बड़े हादसे का कारण बन सकता है। दीपावली पर शहरी इलाकों में चल रही पटाखा फैक्ट्रियों में कई लाख किलोग्राम बारूद एकत्र हो चुका है।
विज्ञापन


ऐसे में प्रशासन का बेपरवाह रवैया लोगों को मुसीबत में डाले हुए है। कई जगहों पर क्षमता से कई गुना ज्यादा पटाखा और बारूद जमा है। उधर, दिल्ली में पटाखों पर न्यायालय के प्रतिबंध के बाद पहले से तैयार पटाखों की बड़ी खेप भी यहां फंस चुकी है।
विज्ञापन


सबसे बड़ी बात यह है कि एक ही जगह पर अलग-अलग नामों से जारी हुए लाइसेंस के चलते पटाखा कारोबारियों के गोदाम ठस चुके हैं। हरियाणा और उत्तराखंड की सीमा से सटे सहारनपुर में बड़े पैमाने पर पटाखे का कारोबार होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कारोबार बढ़ने के साथ ही कारोबारियों ने इसमें अपना खेल भी किया। घनी आबादी वाले क्षेत्र में चल रही फैक्ट्रियों में ही अलग-अलग नामों से बारूद एकत्र करने की क्षमता का लाइसेंस प्राप्त कर लिया।

यही कारण है कि इन फैक्ट्रियों में लाखों किलोग्राम बारूद जमा हो गया है। सहारनपुर शहर में करीब दो दर्जन से ज्यादा लाइसेंसधारी हैं, मगर इनके गोदाम एक ही जगह होने के चलते हादसों का खतरा बढ़ चुका है। सबसे बड़े गोदाम गंगोह-अंबाला लिंक रोड, अंबाला रोड, आतिशबाजान, सहित अधिकांश गोदाम अब आबादी के बीच आ चुके हैं। 

 सबसे बड़ी बात यह है कि यह लाइसेंस कई साल पहले जारी किए गए, मगर आबादी के बीच होने के बाद भी इनके नवीनीकरण लगातार हो रहे हैं। दमकल, प्रशासन और पुलिस की ओर से आबादी वाले क्षेत्र में चल रही हजारों किलोग्राम बारूद की क्षमता वाली फैक्ट्रियों में आपत्ति तक नहीं लगाई गई। 

 आपको बता दें कि कुछ साल पहले यहां पटाखा फैक्ट्री में बड़ा हादसा हुआ था और कई कारीगर इस हादसे का शिकार हुए थे। उस समय पटाखा फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।


मगर, इसके बाद प्रशासन ने उस ओर से नजर ही हटा ली। यही कारण है कि अनवरत शहर में नियम विरुद्ध आबादी क्षेत्र में       पटाखा फैक्ट्रियां चल रहीं हैं। इन फैक्ट्रियों में सुरक्षा के भी कोई मानक नहीं हैं। सुरक्षा संयंत्र भी नाम मात्र के हैं, मगर अफसर केवल कागजी खानापूर्ति कर इन्हें शह          दे रहे हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed