बेहट (सहारनपुर)। नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी, एनपीआर की वापसी की मांग के साथ जेल में बंद भीम आर्मी एकता मिशन के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की रिहाई की मांग को लेकर शुक्रवार को भीम आर्मी एकता मिशन व राष्ट्रीय राईन युवा जागृति मंच के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
ज्ञापन कहा गया है कि यदि उनकी मांग पर शीघ्र संज्ञान नहीं लिया गया, तो दलित मुस्लिम, बहुजन समाज संयुक्त रूप से देशव्यापी आंदोलन को बाध्य होगा। शुक्रवार को भीम आर्मी एकता मिशन के एडवोकेट विनोद गौतम, सोनू गौतम, सन्नी गौतम, संजू धारिवाल, मनीष गौतम, रजत व राष्ट्रीय राईन युवा जागृति मंच के संस्थापक सादिक राईन, मोहम्मद साबिर, अब्दुल बारी सहित दर्जनों लोग तहसील पहुंचे और राष्ट्रपति के नाम संबोधित चार सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम देवेंद्र पांडेय को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया, कि केंद्र सरकार ने सीएए, एनआरसी, एनपीआर जैसे काले कानून को देश में लागू कर जनता को जाति धर्म के नाम पर बांटने का काम किया है, जिसे दलित, मुस्लिम व बहुजन समाज बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने जामिया एवं शाहीन बाग में चल रहे विरोध प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि कुछ असामाजिक तत्वों ने निहत्थे लोगों पर गोलियां बरसाईं हैं, जो निंदनीय है। वह सरकार से मांग करते हैं, कि घटना के आरोपियों को कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने जेल में बंद भीम आर्मी एकता मिशन के राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल व प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शिवम खेवड़िया को लेकर कहा कि उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाकर जेल में बंद किया गया है, जिनकी शीघ्र रिहाई करने के साथ उन पर दर्ज मुकदमे वापस किए जाए। ज्ञापन में संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती के अवसर पर 9 व 10 फरवरी की देशभर में शराब के ठेकों पर पाबंदी लगाने की भी मांग की गई है।