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मेडिकल कॉलेज में भी होगा कूल्हा एवं घुटना प्रत्यारोपण
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सरसावा (सहारनपुर)। राजकीय मेडिकल कॉलेज पिलखनी में भी अब कूल्हा एवं घुटना प्रत्यारोपण हो सकेगा। आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए इलाज पूरी तरह से नि:शुल्क होगा। वहीं अन्यों के लिए भी बेहद कम लागत में दोनों सुविधाएं उपलब्ध होंगी। राजकीय मेडिकल कॉलेज में दोनों कूल्हे खराब होने के कारण चार वर्षों से बिस्तर पर पड़े एक वृद्ध का संपूर्ण कूल्हा प्रत्यारोपण किया गया।
मंगलवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के हड्डी जोड़ रोग विभाग में एक बड़ा ऑपरेशन किया गया। विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ. मनोज आर्य ने बताया कि करीब 60 वर्षीय आरिफ कई साल से चलने फिरने से मोहताज होने के कारण बिस्तर पर पड़े हुए थे। कुछ दिन पहले मेडिकल कॉलेज में यह केस आया तो उन्होंने इसे चुनौतीपूर्ण तरीके से लिया तथा मरीज की पूरी केस हिस्ट्री जानी। इसके पश्चात दोनों खराब हुए कूल्हो का एक्स-रे कर जांचा गया कि कौन सा कूल्हा ज्यादा खराब है, जिसके पश्चात आज मंगलवार को सुबह के समय जूनियर डॉ निखिल मलिक के साथ बेहद जटिल ऑपरेशन कर मरीज के एक कूल्हे को पूरी तरह से प्रत्यारोपित कर दिया गया। डॉ. मनोज ने बताया कि बुधवार को मरीज को सहारे के साथ चला दिया जाएगा तथा टांके कटने के उपरांत मरीज स्वयं अपने पैरों से चलेगा।
डॉ. मनोज ने बताया कि कूल्हा प्रत्यारोपण काफी महंगा इलाज है तथा कूल्हा एवं घुटना प्रत्यारोपण हड्डी एवं जोड़ रोग में सबसे बड़ी सर्जरी मानी जाती है उत्तरा हड्डी जोड़ रोग का हर सर्जन कूल्हा प्रत्यारोपण नहीं कर सकता इसके लिए विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। डॉ. मनोज ने ये भी बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक आरिफ का इलाज पूरी तरह से नि:शुल्क किया गया। सामान्य व्यक्तियों के लिए भी राजकीय मेडिकल कॉलेज में इसकी कीमत बेहद कम रखी गई है ।
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मंगलवार को राजकीय मेडिकल कॉलेज के हड्डी जोड़ रोग विभाग में एक बड़ा ऑपरेशन किया गया। विभाग के वरिष्ठ सर्जन डॉ. मनोज आर्य ने बताया कि करीब 60 वर्षीय आरिफ कई साल से चलने फिरने से मोहताज होने के कारण बिस्तर पर पड़े हुए थे। कुछ दिन पहले मेडिकल कॉलेज में यह केस आया तो उन्होंने इसे चुनौतीपूर्ण तरीके से लिया तथा मरीज की पूरी केस हिस्ट्री जानी। इसके पश्चात दोनों खराब हुए कूल्हो का एक्स-रे कर जांचा गया कि कौन सा कूल्हा ज्यादा खराब है, जिसके पश्चात आज मंगलवार को सुबह के समय जूनियर डॉ निखिल मलिक के साथ बेहद जटिल ऑपरेशन कर मरीज के एक कूल्हे को पूरी तरह से प्रत्यारोपित कर दिया गया। डॉ. मनोज ने बताया कि बुधवार को मरीज को सहारे के साथ चला दिया जाएगा तथा टांके कटने के उपरांत मरीज स्वयं अपने पैरों से चलेगा।
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डॉ. मनोज ने बताया कि कूल्हा प्रत्यारोपण काफी महंगा इलाज है तथा कूल्हा एवं घुटना प्रत्यारोपण हड्डी एवं जोड़ रोग में सबसे बड़ी सर्जरी मानी जाती है उत्तरा हड्डी जोड़ रोग का हर सर्जन कूल्हा प्रत्यारोपण नहीं कर सकता इसके लिए विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है। डॉ. मनोज ने ये भी बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक आरिफ का इलाज पूरी तरह से नि:शुल्क किया गया। सामान्य व्यक्तियों के लिए भी राजकीय मेडिकल कॉलेज में इसकी कीमत बेहद कम रखी गई है ।
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