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मयंक ने जड़ा शतक, खेल प्रेमियों में खुशी की लहर
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सहारनपुर। न्यूजीलैंड के विरुद्ध टेस्ट मैच में शत जड़कर मयंक अग्रवाल ने फिर से जनपद के खेल प्रेमियों को गौरवान्वित किया है। मयंक ने यह पारी तब खेली, जब कप्तान विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा शून्य पर आउट हो चुके थे। ऐसे में मयंक के शतक का महत्व और बढ़ जाता है।
मयंक का परिवार मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला है। मयंक ने 196 गेंदों पर 100 रन बनाए, जिनमें तीन छक्के और 13 चौके शामिल रहे। मयंक ने अपना पहला टेस्ट शतक 2019 में विशाखापत्तनम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगाया था और 215 रन की पारी खेली थी। इसके बाद पुणे टेस्ट में इसी टीम के खिलाफ उन्होंने फिर 108 रन की पारी खेली। 2019 में ही उन्होंने इंदौर में बांग्लादेश के खिलाफ 243 रन की पारी खेली थी। मयंक के लगातार बेहतर खेल से जनपद के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। वरिष्ठ क्रिकेटर मो. अकरम सैफी ने मयंक अग्रवाल को बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक बताया। अकरम को भरोसा है कि मयंक आने वाले समय में उभरता क्रिकेट स्टार है, जिसका भविष्य उज्ज्वल है।
मयंक का सहारनपुर से जुड़ाव
मयंक के दादा के छोटे भाई सुशील अग्रवाल ने सहारनपुर में इंडियन हर्ब्स प्राइवेट लिमिटेड उद्योग खड़ा किया है। हालांकि सुशील अग्रवाल अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं। मगर उनके परिजन अपने बिजनेस को आगे बढ़ा रहे हैं। मयंक के दादा रविंद्र अग्रवाल 1986 तक सहारनपुर में ही रहे और उन्होंने पिता रामलाल अग्रवाल के कारोबार को एक साथ आगे बढ़ाया। इसके बाद उन्हें लगा कि कारोबार को विस्तार देना चाहिए। ऐसे में रविंद्र अग्रवाल 1986 में बंगलूरू चले गए और वहां पर इंडस्ट्री स्थापित की। तब से वह परिवार के साथ बंगलूरू में ही रह रहे हैं। मयंक बीच-बीच में परिवार के साथ सहारनपुर आते रहे हैं।
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मयंक का क्रिकेट सफर
मयंक का क्रिकेट के साथ बचपन से ही जुड़ाव रहा है। कर्नाटक के लिए कई बार रणजी ट्रॉफी में प्रतिभाग किया। इसके अलावा आईपीएल में वह रॉयल चैलेंजर टीम का हिस्सा रहा। कई बार क्रिस गेल के साथ आईपीएल मैचों में पारी की शुरूआत की। 1968 में वह भी मेरठ यूनिवर्सिटी की क्रिकेट टीम में रहे हैं। मयंक के पिता अनुराग अग्रवाल भी अंतर विश्वविद्यालय स्तर तक क्रिकेट खेले हैं।
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मयंक का परिवार मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला है। मयंक ने 196 गेंदों पर 100 रन बनाए, जिनमें तीन छक्के और 13 चौके शामिल रहे। मयंक ने अपना पहला टेस्ट शतक 2019 में विशाखापत्तनम में साउथ अफ्रीका के खिलाफ लगाया था और 215 रन की पारी खेली थी। इसके बाद पुणे टेस्ट में इसी टीम के खिलाफ उन्होंने फिर 108 रन की पारी खेली। 2019 में ही उन्होंने इंदौर में बांग्लादेश के खिलाफ 243 रन की पारी खेली थी। मयंक के लगातार बेहतर खेल से जनपद के खेल प्रेमियों में खुशी की लहर है। वरिष्ठ क्रिकेटर मो. अकरम सैफी ने मयंक अग्रवाल को बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक बताया। अकरम को भरोसा है कि मयंक आने वाले समय में उभरता क्रिकेट स्टार है, जिसका भविष्य उज्ज्वल है।
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मयंक का सहारनपुर से जुड़ाव
मयंक के दादा के छोटे भाई सुशील अग्रवाल ने सहारनपुर में इंडियन हर्ब्स प्राइवेट लिमिटेड उद्योग खड़ा किया है। हालांकि सुशील अग्रवाल अब इस दुनिया में नहीं रहे हैं। मगर उनके परिजन अपने बिजनेस को आगे बढ़ा रहे हैं। मयंक के दादा रविंद्र अग्रवाल 1986 तक सहारनपुर में ही रहे और उन्होंने पिता रामलाल अग्रवाल के कारोबार को एक साथ आगे बढ़ाया। इसके बाद उन्हें लगा कि कारोबार को विस्तार देना चाहिए। ऐसे में रविंद्र अग्रवाल 1986 में बंगलूरू चले गए और वहां पर इंडस्ट्री स्थापित की। तब से वह परिवार के साथ बंगलूरू में ही रह रहे हैं। मयंक बीच-बीच में परिवार के साथ सहारनपुर आते रहे हैं।
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मयंक का क्रिकेट सफर
मयंक का क्रिकेट के साथ बचपन से ही जुड़ाव रहा है। कर्नाटक के लिए कई बार रणजी ट्रॉफी में प्रतिभाग किया। इसके अलावा आईपीएल में वह रॉयल चैलेंजर टीम का हिस्सा रहा। कई बार क्रिस गेल के साथ आईपीएल मैचों में पारी की शुरूआत की। 1968 में वह भी मेरठ यूनिवर्सिटी की क्रिकेट टीम में रहे हैं। मयंक के पिता अनुराग अग्रवाल भी अंतर विश्वविद्यालय स्तर तक क्रिकेट खेले हैं।