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Saharanpur News: स्मार्ट सिटी योजना की धीमी चाल के कारण अधूरी हैं कई परियोजनाएंं
Thu, 15 Feb 2024 03:07 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 15 Feb 2024 03:07 AM IST
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सहारनपुर। स्मार्ट सिटी योजना के तहत संचालित परियोजनाओं की बेहद धीमी चाल के कारण बीते चार साल में 102 परियोजनाओं में से मात्र 26 ही पूर्ण हो सकी हैं। जिस गति से काम चल रहा है। उससे अगले दो साल में भी परियोजनाएं पूर्ण नहीं होंगी। खास बात यह है कि एक तरफ परियोजनाएं अधूरी पड़ी हैं, वहीं जिन परियोजनाओं पर काम हो चुका है वह टूटना शुरू हो गई हैं।
प्रमुख परियोजनाओं की बात करें तो स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर में 23 किलोमीटर की स्मार्ट रोड बनाई जानी हैं। दो साल में करीब आठ किलोमीटर की ही सड़क पूर्ण हुई हैं। अंबाला रोड पर करोड़ों की लागत से शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। इसका कार्य भी करीब डेढ़ साल में करीब 50 फीसदी ही हुआ है। जनमंच की बगल में कन्वेंशन हॉल बनाया जा रहा है, जिसका स्ट्रक्चर भी अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है।
नगर निगम परिसर में ई-गैराज के लिए बड़ा भवन का कार्य 50 फीसदी ही हुआ है। नगर निगम परिसर ही में मुख्य जोनल ऑफिस का कार्य अधूरा है। स्टेडियम में संचालित कई परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि कइयों का कार्य रुका हुआ है। सीवर का कार्य भी अभी अधूरा है। पांवधोई नदी पर बन रहे दोनों पुल का कार्य अभी अधूरा है। राजकीय मैदान पर मिनी स्टेडियम और छात्रावास का कार्य 50 फीसदी ही पूर्ण हो सका है। अभी कैमरे भी पूरे नहीं लगे हैं। ट्रैफिक सिग्नल से यातायात संचालित नहीं हुआ है।
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बनते ही टूट गई स्मार्ट रोड, कोर्ट भी उखड़ा
पुल जोगियान से पुल खुमरान तक करीब दो किलोमीटर की स्मार्ट रोड बनाई गई है, जो आधी अधूरी तैयार की गई है। सड़क जगह जगह से टूटी है। एक साइड का फुटपाथ करीब छह महीने से अधूरा छोड़ा गया है। जिस साइड में फुटपाथ बना है वह भी उखड़ने लगा है। डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में 72 लाख रुपये से बैडमिंटन कोर्ट बनाया गया है, जो उखड़ने के साथ ही उसमें छेद हो गए हैं। अन्य कई परियोजनाएं भी इसी तरह बनते ही टूटने लगी हैं।
चुनाव से पहले पूर्ण होनी थी परियोजनाएं
पहले स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं को लोक सभा चुनाव से पहले पूर्ण का लक्ष्य रखा गया था। अधिकारियों का दावा था कि चुनाव से पहले तमाम परियोजनाओं का लोकार्पण कर दिया जाएगा। इसके कारण कार्यों में गति थी, लेकिन बाद में चर्चा हुई कि मुख्यमंत्री खुद सहारनपुर आकर लोकार्पण करेंगे। इसके बाद कार्य में ढिलाई शुरू हो गई।
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प्रमुख परियोजनाओं की बात करें तो स्मार्ट सिटी योजना के तहत महानगर में 23 किलोमीटर की स्मार्ट रोड बनाई जानी हैं। दो साल में करीब आठ किलोमीटर की ही सड़क पूर्ण हुई हैं। अंबाला रोड पर करोड़ों की लागत से शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जा रहा है। इसका कार्य भी करीब डेढ़ साल में करीब 50 फीसदी ही हुआ है। जनमंच की बगल में कन्वेंशन हॉल बनाया जा रहा है, जिसका स्ट्रक्चर भी अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुआ है।
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नगर निगम परिसर में ई-गैराज के लिए बड़ा भवन का कार्य 50 फीसदी ही हुआ है। नगर निगम परिसर ही में मुख्य जोनल ऑफिस का कार्य अधूरा है। स्टेडियम में संचालित कई परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि कइयों का कार्य रुका हुआ है। सीवर का कार्य भी अभी अधूरा है। पांवधोई नदी पर बन रहे दोनों पुल का कार्य अभी अधूरा है। राजकीय मैदान पर मिनी स्टेडियम और छात्रावास का कार्य 50 फीसदी ही पूर्ण हो सका है। अभी कैमरे भी पूरे नहीं लगे हैं। ट्रैफिक सिग्नल से यातायात संचालित नहीं हुआ है।
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बनते ही टूट गई स्मार्ट रोड, कोर्ट भी उखड़ा
पुल जोगियान से पुल खुमरान तक करीब दो किलोमीटर की स्मार्ट रोड बनाई गई है, जो आधी अधूरी तैयार की गई है। सड़क जगह जगह से टूटी है। एक साइड का फुटपाथ करीब छह महीने से अधूरा छोड़ा गया है। जिस साइड में फुटपाथ बना है वह भी उखड़ने लगा है। डॉ. आंबेडकर स्टेडियम में 72 लाख रुपये से बैडमिंटन कोर्ट बनाया गया है, जो उखड़ने के साथ ही उसमें छेद हो गए हैं। अन्य कई परियोजनाएं भी इसी तरह बनते ही टूटने लगी हैं।
चुनाव से पहले पूर्ण होनी थी परियोजनाएं
पहले स्मार्ट सिटी की परियोजनाओं को लोक सभा चुनाव से पहले पूर्ण का लक्ष्य रखा गया था। अधिकारियों का दावा था कि चुनाव से पहले तमाम परियोजनाओं का लोकार्पण कर दिया जाएगा। इसके कारण कार्यों में गति थी, लेकिन बाद में चर्चा हुई कि मुख्यमंत्री खुद सहारनपुर आकर लोकार्पण करेंगे। इसके बाद कार्य में ढिलाई शुरू हो गई।