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मांग घटने से गिरे आम के दाम, कारोबार प्रभावित
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सहारनपुर। बिहार, पश्चिम बंगाल और झारखंड सहित अन्य राज्यों में सहारनपुर के आम की डिमांड कम हो गई है। इसकी वजह वहां आम की फसल अच्छी होना बताई जा रही है, लेकिन इससे सहारनपुर का आम कारोबार प्रभावित हो गया है। क्योंकि दाम में भी काफी गिरावट आई है।
गत सीजन में जहां इस समय तक मंडी से 11 हजार क्विंटल आम बाहरी राज्यों को भेजा जा चुका था, वहीं इस बार यह आंकड़ा मात्र सात हजार क्विंटल तक ही पहुंच पाया है। वहीं, आम के थोक दाम की स्थिति देखें तो गत वर्ष 12 से 18 रुपये प्रति किलो बिकने वाला आम इस बार नौ से 13 रुपये तक ही बिक रहा है। सहारनपुर जिले से करीब 90 हजार क्विंटल आम दूसरे राज्यों में सप्लाई होता है। इस बार दक्षिण भारत और बिहार आदि राज्यों आम की फसल अच्छी होने से वहां सहारनपुर के आम की डिमांड घट गई है।
फल आढ़तियों की पीड़ा
इस बार मंडी में दूसरे प्रदेशों से कोई खरीदार नहीं आया है। जबकि हर वर्ष एक दर्जन से अधिक व्यापारी आते थे। बिहार और पश्चिम बंगाल में इस बार आम की फसल बढ़िया हुई है। इसलिए वहां से आम की डिमांड नहीं आ रही है। इसके चलते इस बार बढ़िया क्वालिटी के आम के दाम गत वर्ष की घटिया क्वालिटी जितने ही है। -- हीरालाल, आढ़ती।
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पिछले वर्ष इस समय तक तीन हजार क्विंटल से अधिक आम दूसरे राज्यों में भेजा था, जबकि इस बार मात्र 400 क्विंटल आम ही भेज पाए हैं। दूसरे प्रदेशों से आम की डिमांड में काफी कमी आई है। इससे स्थानीय स्तर पर आम के दाम भी प्रभावित हुए हैं। -- सुभाष चंद अग्रवाल, आढ़ती।
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इन राज्यों में होती है आम की सप्लाई
जनपद से कई प्रदेशों में आम भेजा जाता है। इनमें बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मुंबई की मंडियों में आम भेजा जाता है। इन राज्यों में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, गुलाब जामुन, काला मालदा, रामकेला और देशी आम आदि की काफी मांग रहती है।
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गत सीजन में जहां इस समय तक मंडी से 11 हजार क्विंटल आम बाहरी राज्यों को भेजा जा चुका था, वहीं इस बार यह आंकड़ा मात्र सात हजार क्विंटल तक ही पहुंच पाया है। वहीं, आम के थोक दाम की स्थिति देखें तो गत वर्ष 12 से 18 रुपये प्रति किलो बिकने वाला आम इस बार नौ से 13 रुपये तक ही बिक रहा है। सहारनपुर जिले से करीब 90 हजार क्विंटल आम दूसरे राज्यों में सप्लाई होता है। इस बार दक्षिण भारत और बिहार आदि राज्यों आम की फसल अच्छी होने से वहां सहारनपुर के आम की डिमांड घट गई है।
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फल आढ़तियों की पीड़ा
इस बार मंडी में दूसरे प्रदेशों से कोई खरीदार नहीं आया है। जबकि हर वर्ष एक दर्जन से अधिक व्यापारी आते थे। बिहार और पश्चिम बंगाल में इस बार आम की फसल बढ़िया हुई है। इसलिए वहां से आम की डिमांड नहीं आ रही है। इसके चलते इस बार बढ़िया क्वालिटी के आम के दाम गत वर्ष की घटिया क्वालिटी जितने ही है। -- हीरालाल, आढ़ती।
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पिछले वर्ष इस समय तक तीन हजार क्विंटल से अधिक आम दूसरे राज्यों में भेजा था, जबकि इस बार मात्र 400 क्विंटल आम ही भेज पाए हैं। दूसरे प्रदेशों से आम की डिमांड में काफी कमी आई है। इससे स्थानीय स्तर पर आम के दाम भी प्रभावित हुए हैं। -- सुभाष चंद अग्रवाल, आढ़ती।
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इन राज्यों में होती है आम की सप्लाई
जनपद से कई प्रदेशों में आम भेजा जाता है। इनमें बिहार, पश्चिम बंगाल, झारखंड, असम, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और मुंबई की मंडियों में आम भेजा जाता है। इन राज्यों में दशहरी, लंगड़ा, चौसा, गुलाब जामुन, काला मालदा, रामकेला और देशी आम आदि की काफी मांग रहती है।