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स्कूल चलो अभियान को जन आंदोलन बनाएं, हर बच्चे को स्कूल पहुंचाएं : योगी
Thu, 02 Jul 2026 02:14 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
Updated Thu, 02 Jul 2026 02:14 AM IST
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सहारनपुर के इस्माइलपुर में स्कूल चलो अभियान के शुभारंभ के दौरान बच्चों से बात करते मुख्यमंत्री
सहारनपुर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूल चलो अभियान को जन आंदोलन का हिस्सा बनाने और प्रत्येक बच्चे को स्कूल पहुंचाने की अपील सहारनपुर के प्रत्येक वर्ग से की। वह बुधवार को अंबाला रोड स्थित इस्माइलपुर के कंपोजिट विद्यालय से स्कूल चलो अभियान के दूसरे चरण के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को बनाने के वाली शिक्षा के क्षेत्र में हमारी पीढ़ी आगे बढ़े। आत्मविश्वास से भरपूर होकर समाज और राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभा सके। इसी विश्वास के साथ वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से स्कूल चलो अभियान शुरू किया गया था। परिणाम अच्छे आए, क्योंकि सरकार की नीयत साफ थी। हमें याद है 2017 में बेसिक शिक्षा परिषद में केवल 36 फीसदी विद्यालय ही पूरी तरह संतृप्त माने जा रहे थे। पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, लाइब्रेरी, मिड-डे मील के लिए अलग व्यवस्था नहीं थी। लाइट की व्यवस्था नहीं थी। तब हमारी सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प चलाया। इसके तहत स्कूलों में पेयजल, शौचालय, बिजली, भवन सुदृढ़ीकरण आदि के कार्य कराए गए। छात्र और शिक्षकों का अनुपात ठीक किया। मात्र पांच साल में हमारी सरकार संतृप्तीकरण के मामले में 36 फीसदी से 96 फीसदी पर पहुंच गई।
इसका नतीजा यह हुआ कि बेसिक स्कूलों में सात लाख बच्चे बढ़ गए। 2017 से पहले जहां 19 फीसदी ड्रॉपआउट थे, वहीं आज केवल यह तीन से चार फीसदी पर आ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा स्कूल नहीं जा रहा है तो यह केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की हानि है। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह, औद्योगिक विकास एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री जसवंत सैनी, नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी, रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम, पूर्व सांसद राघव और प्रदीप चौधरी आदि रहे।
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बच्चों की आवाज नहीं आ रही, भूख लग गई शायद
योगी आदित्यनाथ ने गांव इस्माइलपुर के कंपोजिट विद्यालय में अपना संबोधन भारत माता के जयकारे के साथ शुरू किया। जब उन्होंने भारत माता का जयकारा बुलवाया तो बच्चों की आवाज कम आई। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि बच्चों की आवाज नहीं आ रही है। शायद भूख लग गई है। अधिकारियों से पूछा कि बच्चों के खाने की व्यवस्था की गई है या नहीं।
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बच्चों से मजाक करते नजर आए योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव इस्माइलपुर में आयोजित स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम के दौरान जिलेभर से पांच छात्रों को मंच पर बुलाकर स्कूल बैग, किताबें और स्टेशनरी आदि भेंट की। कक्षा एक की साक्षी को सामान भेंट करते हुए वह मजाकिया मूड में लगे। नन्हीं बच्ची को देखते हुए उन्होंने पूछा कि सामान कैसे लेकर जाओगी। क्या सिर पर रख दूं। यह कहते हुए उन्होंने सारा सामान सिर पर रखा भी, लेकिन छोड़ा नहीं। इस दौरान सभी ठहाका लगाने से खुद को रोक नहीं सके।
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इन्हें मिली किताब, स्कूल बैग और स्टेशनरी
-कक्षा एक साक्षी पीएम श्री विद्यालय बुड्ढाखेड़ा सरसावा।
-कक्षा एक के आरव मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय साढौली हरिया रामपुर मनिहारान।
-रविंद्र कक्षा चार पीएम श्री विद्यालय दल्हेड़ी नानौता।
-कक्षा एक नवास कंपोजिट विद्यालय इस्माइलपुर पुवांरका।
-कक्षा एक अस्मिता प्राथमिक विद्यालय पानसर, मुजफ्फराबाद।
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इन शिक्षकों को मिला सम्मान
-इंदु बेस, उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबडौला, नागल।
-गुरमीत अरोड़ा, प्राथमिक विद्यालय-1 सरसावा।
-अश्वनी कुमार शर्मा, प्राथमिक विद्यालय गंगोह।
-राज सिंह प्राथमिक विद्यालय घानाखंडी पुवांरका
-मोहिनी पाल, प्राथमिक विद्यालय मुजफ्फराबाद।
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उन्होंने कहा कि देश के भविष्य को बनाने के वाली शिक्षा के क्षेत्र में हमारी पीढ़ी आगे बढ़े। आत्मविश्वास से भरपूर होकर समाज और राष्ट्र निर्माण में भूमिका निभा सके। इसी विश्वास के साथ वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से स्कूल चलो अभियान शुरू किया गया था। परिणाम अच्छे आए, क्योंकि सरकार की नीयत साफ थी। हमें याद है 2017 में बेसिक शिक्षा परिषद में केवल 36 फीसदी विद्यालय ही पूरी तरह संतृप्त माने जा रहे थे। पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, लाइब्रेरी, मिड-डे मील के लिए अलग व्यवस्था नहीं थी। लाइट की व्यवस्था नहीं थी। तब हमारी सरकार ने ऑपरेशन कायाकल्प चलाया। इसके तहत स्कूलों में पेयजल, शौचालय, बिजली, भवन सुदृढ़ीकरण आदि के कार्य कराए गए। छात्र और शिक्षकों का अनुपात ठीक किया। मात्र पांच साल में हमारी सरकार संतृप्तीकरण के मामले में 36 फीसदी से 96 फीसदी पर पहुंच गई।
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इसका नतीजा यह हुआ कि बेसिक स्कूलों में सात लाख बच्चे बढ़ गए। 2017 से पहले जहां 19 फीसदी ड्रॉपआउट थे, वहीं आज केवल यह तीन से चार फीसदी पर आ गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यदि कोई बच्चा स्कूल नहीं जा रहा है तो यह केवल परिवार की नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की हानि है। कार्यक्रम में बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, लोक निर्माण राज्य मंत्री बृजेश सिंह, औद्योगिक विकास एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री जसवंत सैनी, नकुड़ विधायक मुकेश चौधरी, रामपुर मनिहारान विधायक देवेंद्र निम, पूर्व सांसद राघव और प्रदीप चौधरी आदि रहे।
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बच्चों की आवाज नहीं आ रही, भूख लग गई शायद
योगी आदित्यनाथ ने गांव इस्माइलपुर के कंपोजिट विद्यालय में अपना संबोधन भारत माता के जयकारे के साथ शुरू किया। जब उन्होंने भारत माता का जयकारा बुलवाया तो बच्चों की आवाज कम आई। इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि बच्चों की आवाज नहीं आ रही है। शायद भूख लग गई है। अधिकारियों से पूछा कि बच्चों के खाने की व्यवस्था की गई है या नहीं।
बच्चों से मजाक करते नजर आए योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव इस्माइलपुर में आयोजित स्कूल चलो अभियान कार्यक्रम के दौरान जिलेभर से पांच छात्रों को मंच पर बुलाकर स्कूल बैग, किताबें और स्टेशनरी आदि भेंट की। कक्षा एक की साक्षी को सामान भेंट करते हुए वह मजाकिया मूड में लगे। नन्हीं बच्ची को देखते हुए उन्होंने पूछा कि सामान कैसे लेकर जाओगी। क्या सिर पर रख दूं। यह कहते हुए उन्होंने सारा सामान सिर पर रखा भी, लेकिन छोड़ा नहीं। इस दौरान सभी ठहाका लगाने से खुद को रोक नहीं सके।
इन्हें मिली किताब, स्कूल बैग और स्टेशनरी
-कक्षा एक साक्षी पीएम श्री विद्यालय बुड्ढाखेड़ा सरसावा।
-कक्षा एक के आरव मुख्यमंत्री अभ्युदय विद्यालय साढौली हरिया रामपुर मनिहारान।
-रविंद्र कक्षा चार पीएम श्री विद्यालय दल्हेड़ी नानौता।
-कक्षा एक नवास कंपोजिट विद्यालय इस्माइलपुर पुवांरका।
-कक्षा एक अस्मिता प्राथमिक विद्यालय पानसर, मुजफ्फराबाद।
इन शिक्षकों को मिला सम्मान
-इंदु बेस, उच्च प्राथमिक विद्यालय कुतुबपुर लबडौला, नागल।
-गुरमीत अरोड़ा, प्राथमिक विद्यालय-1 सरसावा।
-अश्वनी कुमार शर्मा, प्राथमिक विद्यालय गंगोह।
-राज सिंह प्राथमिक विद्यालय घानाखंडी पुवांरका
-मोहिनी पाल, प्राथमिक विद्यालय मुजफ्फराबाद।